HP Politics: जयराम ठाकुर बोले- हिमाचल में सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास का माहौल
कैबिनेट रैंक वापस लेने की प्रक्रिया महज जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक असफल प्रयास है। सरकार वास्तव में फिजूलखर्ची रोकना चाहती थी, तो सीपीएस को हटाए जाने के तुरंत बाद यह फैसला लिया जाना चाहिए था।
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ़ अविश्वास का माहौल बन गया है। कैबिनेट रैंक वापस लेने की प्रक्रिया महज जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक असफल प्रयास है। सरकार वास्तव में फिजूलखर्ची रोकना चाहती थी, तो सीपीएस को हटाए जाने के तुरंत बाद यह फैसला लिया जाना चाहिए था। मंगलवार को विधानसभा परिसर में प्रेस वार्ता में नेता विपक्ष ने प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और राज्य के प्राकृतिक व वित्तीय संसाधनों की कथित लूट को लेकर घेरा।
जयराम ने कहा कि विधानसभा सत्र सरकार के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष ने प्रदेश में ठप पड़े विकास कार्यों, कानून व्यवस्था की दयनीय स्थिति और अन्य जनहित के मुद्दों पर नियमबद्ध नोटिस दिए हैं, जिनका जवाब देना सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। पूरे प्रदेश में इस समय कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ़ अविश्वास का एक माहौल बना हुआ है, जो ये दर्शाता है कि जनता इस सरकार से खुश नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर सदन को लगातार झूठ बोलकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है और मुख्यमंत्री के भ्रामक बयानों को विशेषाधिकार हनन का मामला मानते हुए इसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
उन्होंने परंपराओं के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के संसदीय इतिहास में संभवतः यह पहली बार हुआ है, जब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा को जानबूझकर लंबित रखा गया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार इस समय भारी असमंजस और वैचारिक भटकाव की स्थिति से गुजर रही है। जब सारा सरकारी खजाना अपने खास मित्रों में लुटा दिया गया है, तब केवल सुर्खियां बटोरने के लिए किए जा रहे ऐसे दिखावटी पैंतरे जनता स्वीकार नहीं करेगी और सरकार को सदन के भीतर एक-एक पैसे के हिसाब और अपने कुशासन का जवाब देना ही होगा।
कांग्रेस के तीन बजट घोषणाओं तक सीमित : बिंदल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चौथा बजट प्रस्तुत करने जा रही है। पिछले तीन वर्षों में प्रस्तुत किए गए तीन बजटों की घोषणाओं का क्या हुआ, इसका जवाब आज प्रदेश की जनता सरकार से मांग रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं कीं, लेकिन उन घोषणाओं को जमीन पर उतारने में सरकार पूरी तरह असफल रही है। आज स्थिति यह है कि प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, बेरोजगार युवा आंदोलन कर रहे हैं, महिलाएं, किसान और बागवान परेशान हैं। प्रदेश का विकास लगभग ठप पड़ गया है। कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, साथ ही पहले वर्ष में 5 लाख रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन आज तक यह वादे केवल कागजों तक सीमित हैं। इसी प्रकार 28 लाख महिलाओं को 1500 प्रतिमाह देने की गारंटी भी पहली कैबिनेट में लागू करने का दावा किया गया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हो सका।