HP Politics: जयराम ठाकुर बोले- नगर निकाय, पंचायत चुनाव परिणाम से सरकार की जमीन खिसक चुकी
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों के परिणामों से सरकार की जमीन खिसक चुकी है।
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विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों के परिणामों से सरकार की जमीन खिसक चुकी है। जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश की जनता ने सबक सिखाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 70 फीसदी से अधिक पंचायत प्रधान भाजपा विचारधारा के बनकर आए हैं। उन्होंने कुल्लू में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शहरी निकाय चुनावों में भाजपा मजबूत हुई है। नगर निगम के चुनावों में चार में से तीन में भाजपा का बहुमत आया है। आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा उतनी ही मजबूती के साथ जीतकर सरकार बनाएगी।
सुक्खू सरकार जनादेश को स्वीकार करे: जयराम
मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह अड़ियल रुख अपनाए हुए हैं। अपनी करारी हार स्वीकार करने के बजाय लगातार झूठ का सहारा लेकर आंकड़े छिपा रहे हैं। पहले स्थानीय निकाय चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ने झूठे आंकड़े पेश किए, फिर पंचायत चुनाव में 2400 प्रधानों की जीत का सफेद झूठ बोला। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की नैतिकता इसी में है कि वे इस प्रचंड जनादेश का सम्मान करें, क्योंकि सत्ता के नशे में चूर होकर वे अपने पद के नैतिक मूल्य पूरी तरह भूल चुके हैं। अब आपसी मनमुटाव भुलाकर संगठन को मजबूत करना बेहद जरूरी है। कहा कि झूठी गारंटियों वाली इस कांग्रेस सरकार से जनता का विश्वास पूरी तरह उठ चुका है, जिसके चलते आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होना निश्चित है। आपदा के बाद चारों ओर मची तबाही का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी दी कि वे सरकार के दबाव में न आएं और अपनी सीमा में रहकर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को परेशान न करें। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के स्नोर मंडल के नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों, उप-प्रधानों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, जिसमें क्षेत्र के विकास, जनहित के ज्वलंत मुद्दों और पंचायतों की भावी कार्ययोजना पर विस्तार से रणनीति तैयार की गई।
चुने हुए प्रतिनिधियों को पक्ष में करने के लिए अलोकतांत्रिक तरीके अपना रही सरकार: बिंदल
वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनावों से संबंधित नियमों में किए गए संशोधनों को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से चुनाव प्रक्रिया के बीच में ही नियम बदल रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में नगर निगम, नगर परिषद, जिला परिषद और पंचायत चुनावों में विजयी होकर आए प्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने के लिए कांग्रेस सरकार, उसके मंत्री और संगठन के नेता हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उससे जुड़े नियमों में बदलाव नहीं किया जाता। इसके बावजूद सरकार ने चुनाव से संबंधित नियमों में संशोधन कर दिया है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
अध्यक्ष ने बताया कि नगर परिषदों में पहले से निर्धारित नियमों के अनुसार नतीजे आने के 24 से 48 घंटे के भीतर नोटिफिकेशन जारी कर प्रक्रिया शुरू होती थी। इसके बाद सात दिनों के भीतर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाती थी। शपथ ग्रहण के एक घंटे के भीतर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव का नोटिस जारी करने का प्रावधान था। पहली बैठक में तीन-चौथाई सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होती थी। यदि कोरम पूरा नहीं होता तो बैठक स्थगित कर तीन दिनों के भीतर दोबारा बैठक बुलाई जाती थी, जिसमें कोरम की बाध्यता नहीं रहती थी और चुनाव संपन्न कराए जाते थे। लेकिन, सरकार ने संशोधन करते हुए यह प्रावधान कर दिया है कि उपायुक्त अथवा उनका प्रतिनिधि अपनी सुविधा के अनुसार शपथ ग्रहण और चुनाव की तिथि तय करेगा।