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Mandi: जोगिंद्रनगर के कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को शौर्य चक्र, आतंकवाद के खिलाफ अभियान में दिखाया अदम्य साहस

संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 08 Jun 2026 08:53 PM IST
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सार

जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला के निवासी और भारतीय सेना में तैनात कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को देश के राष्ट्रपति की ओर से शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। 

Jogindernagar's Captain Yogendra Thakur awarded Shaurya Chakra
जोगिंद्रनगर के कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को शौर्य चक्र। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला के निवासी और भारतीय सेना में तैनात कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को देश के राष्ट्रपति की ओर से शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें आतंकवाद के खिलाफ अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के लिए प्रदान किया किया गया है।  इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कैप्टन योगेंद्र को हार्दिक बधाई दी है। मीडिया को जारी एक बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने अद्वितीय साहस, दृढ़ संकल्प और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से यह साबित कर दिया है कि हिमाचल की देवभूमि आज भी वीरों की जननी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल कैप्टन योगेंद्र की वीरता का प्रमाण है, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, कड़े अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का भी प्रतीक है। पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को देशसेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही, यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी देशभक्ति का एक बड़ा आदर्श बनेगी। उन्होंने कहा कि इस महान उपलब्धि पर आज समस्त हिमाचल प्रदेश को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 जुलाई 2025 को भारतीय सेना को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी और बड़े हमले की आशंका जताई गई थी। इसके बाद कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को आतंकवादी संगठन के खिलाफ एक विशेष अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई। 26 जुलाई 2025 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के एक दूरदराज और दुर्गम क्षेत्र में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस कार्रवाई से देश की आंतरिक सुरक्षा पर मंडरा रहे बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया। कैप्टन योगेंद्र ठाकुर की इस वीरता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई।  कैप्टन योगेंद्र ठाकुर के पिता अनिल ठाकुर प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि माता बीना देवी गृहणी हैं। साधारण परिवार से निकलकर सेना में देश की सेवा कर रहे योगेंद्र ठाकुर आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर से उच्च कक्षाओं तक शिक्षा प्राप्त करने वाले योगेंद्र ठाकुर की इस उपलब्धि पर स्कूल में भी उत्साह का माहौल है। स्कूल प्रबंधक अश्वनी सूद और प्रधानाचार्य नवीन शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि योगेंद्र ने न केवल स्कूल बल्कि पूरे जोगिंद्रनगर और हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है।

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