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संयुक्त परिवार समाज की पहचान : प्रो. शर्मा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:59 PM IST
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Joint family is the identity of society: Prof. Sharma
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समरहिल में शनिवार को हिंदू विधि और परिवार व्यवस्था विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह के निर्देशन में हुआ। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में विधि विभाग के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर बीआर शर्मा उपस्थित रहे।
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प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि संयुक्त परिवार व्यवस्था भारतीय समाज की मूल पहचान रही है और वर्तमान कानूनी ढांचे में परिवार के सभी सदस्यों के अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने संयुक्त परिवार के उदय, उसकी संरचना, सामाजिक और विधिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परिवार व्यवस्था में व्यक्तिगत पहचान सीमित होती थी और परिवार के वरिष्ठ सदस्य को ही प्रमुख स्थान मिलता था। उन्होंने विवाह और दत्तक ग्रहण को परिवार में सदस्यता के प्रमुख आधार बताते हुए दत्तक ग्रहण अधिनियम 1956 के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि परंपरागत व्यवस्था में पुरुषों को प्राथमिक अधिकार प्राप्त थे लेकिन 2005 में संशोधित हिंदू उत्तराधिकार कानून के बाद महिलाओं को भी समान अधिकार मिले हैं। संवाद
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