HP Politics: धर्मशाला में गरजे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राज्य सरकार पर बोला जुबानी हमला
उन्होंने कहा कि मंडी में सरकार ने 10 करोड़ रुपये जश्न पर खर्च कर दिए, जबकि यह राशि गरीब परिवारों के कल्याण पर खर्च होनी चाहिए थी।
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धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंडी में सरकार ने 10 करोड़ रुपये जश्न पर खर्च कर दिए, जबकि यह राशि गरीब परिवारों के कल्याण पर खर्च होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरटीसी ने दो करोड़ रुपये का बिल भेजा है, जिसमें 50 प्रतिशत एडवांस देने का प्रावधान है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार रात के अंधेरे में मामले निपटाने की धमकी दे रही है, जबकि सही मायनों में अब दिन में ही निपटाने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री के पास संबंधित विभाग है तो फिर विजिलेंस जांच के आदेश क्यों देने पड़े और डीजीपी को एसआईटी गठित करने के निर्देश क्यों जारी करने पड़े।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कौन से मंत्री हैं जो हाल ही में हाईकमान से मिलकर आए हैं, कहीं वही तो नहीं जिन्होंने मंडी में नाराजगी जाहिर की थी? साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि जिस जांच को बीच में रोक दिया गया था, उसका क्या हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक मंत्री किसी अधिकारी के खिलाफ बयान देता है, जबकि दूसरा कहता है कि काम लेना आना चाहिए। अधिकारियों को राज्य हित में काम करना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की टिप्पणियों की क्या जरूरत थी? जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को उनकी सरकार ने फासले पर रखा था, वही आज मुख्यमंत्री को अंगुलियों पर नचा रहे हैं। गंभीर आरोप लगने के बावजूद सरकार उनसे पीछा नहीं छुड़ा पा रही। उन्होंने दावा किया कि तीन साल के कार्यकाल में सरकार की उपलब्धियां शून्य रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांविधानिक पदों की गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा। किसी चेयरमैन को मंत्री के रूप में परिचय करवाया जा रहा है, जबकि मंत्री एक सांविधानिक पद होता है। कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात खराब हैं। कहीं डॉक्टर मरीज को पीटता है, तो कहीं मरीज डॉक्टर को। पहले बर्खास्तगी होती है और बाद में समझौता कर लिया जाता है। यह बिना सोचे-समझे लिए जा रहे फैसलों का परिणाम है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आपदाओं के दौरान प्रदेश की लगातार मदद की, लेकिन प्रदेश सरकार ने धन्यवाद तक नहीं किया। राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जब भी यह चुनाव आता है, तनाव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी कुछ हुआ तो हमें दोष मत देना। पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों पर न्यायालय के फैसलों पर टिप्पणी को उन्होंने गलत बताया और कहा कि इस पर न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि अगर आज चुनाव हो जाए तो कांग्रेस की करारी हार तय है और उसकी लोकप्रियता रसातल में चली गई है। मनरेगा में बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पहले भी कई बार परिवर्तन किए गए हैं। वीबी जी राम जी के विरोध का कोई औचित्य नहीं है।