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Shimla News: तंबाकू मुक्त प्रमाणन में आधे से ज्यादा स्कूल फिसड्डी
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जिले में 200 से ज्यादा स्कूलों ने नहीं दिए तंबाकू मुक्त होने के प्रमाणपत्र
50 प्रतिशत स्कूलों ने पूरी नहीं की प्रमाणन की प्रक्रिया, उठे सवाल
उप निदेशक कार्यालय ने अंतिम रिमाइंडर भेजा, 20 जुलाई से पहले प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
अनिल पंवार
शिमला। प्रदेश सरकार के नशा विरोधी अभियान के बीच जिले के सरकारी स्कूल तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन प्रक्रिया में लापरवाही बरत रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दो बार समयसीमा बढ़ाने और कई बार निर्देश जारी करने के बावजूद जिले के 400 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूलों में से केवल 190 स्कूलों ने ही तंबाकू मुक्त होने का प्रमाणपत्र जमा किया है। 200 से अधिक स्कूल अब भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।
स्थिति को गंभीर देखते हुए उपनिदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय ने प्रक्रिया पूरी न करने वाले स्कूलों को अंतिम रिमाइंडर जारी किया है। सभी स्कूलों को 20 जुलाई तक तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक प्रमाणपत्र या आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में सभी स्कूलों को 30 मई तक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। बाद में अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 जून कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। अब तीसरी बार 20 जुलाई की अंतिम समयसीमा तय की गई है।
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उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज की ओर से जारी रिमाइंडर में कहा है कि जिन स्कूलों ने स्वास्थ्य विभाग से निरीक्षण के लिए आवेदन किया है, लेकिन निरीक्षण लंबित है, वे आवेदन और पत्राचार का रिकॉर्ड भी विभाग को उपलब्ध कराएं। जिन स्कूलों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे तत्काल पूरी प्रक्रिया पूरी करें।
क्या है तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन?
तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन के तहत स्कूलों का परिसर पूरी तरह तंबाकू मुक्त रखना अनिवार्य होता है। इसके लिए परिसर में तंबाकू निषेध संबंधी बोर्ड लगाना, विद्यार्थियों में जागरूकता अभियान चलाना और स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल का निरीक्षण करती है और सभी मानक पूरे मिलने पर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र जारी करती है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य जिले के सभी सरकारी स्कूलों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करना है।
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जिले में 200 से ज्यादा स्कूलों ने नहीं दिए तंबाकू मुक्त होने के प्रमाणपत्र
50 प्रतिशत स्कूलों ने पूरी नहीं की प्रमाणन की प्रक्रिया, उठे सवाल
उप निदेशक कार्यालय ने अंतिम रिमाइंडर भेजा, 20 जुलाई से पहले प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
अनिल पंवार
शिमला। प्रदेश सरकार के नशा विरोधी अभियान के बीच जिले के सरकारी स्कूल तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन प्रक्रिया में लापरवाही बरत रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दो बार समयसीमा बढ़ाने और कई बार निर्देश जारी करने के बावजूद जिले के 400 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूलों में से केवल 190 स्कूलों ने ही तंबाकू मुक्त होने का प्रमाणपत्र जमा किया है। 200 से अधिक स्कूल अब भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।
स्थिति को गंभीर देखते हुए उपनिदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय ने प्रक्रिया पूरी न करने वाले स्कूलों को अंतिम रिमाइंडर जारी किया है। सभी स्कूलों को 20 जुलाई तक तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक प्रमाणपत्र या आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में सभी स्कूलों को 30 मई तक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। बाद में अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 जून कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। अब तीसरी बार 20 जुलाई की अंतिम समयसीमा तय की गई है।
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उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज की ओर से जारी रिमाइंडर में कहा है कि जिन स्कूलों ने स्वास्थ्य विभाग से निरीक्षण के लिए आवेदन किया है, लेकिन निरीक्षण लंबित है, वे आवेदन और पत्राचार का रिकॉर्ड भी विभाग को उपलब्ध कराएं। जिन स्कूलों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे तत्काल पूरी प्रक्रिया पूरी करें।
क्या है तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन?
तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणन के तहत स्कूलों का परिसर पूरी तरह तंबाकू मुक्त रखना अनिवार्य होता है। इसके लिए परिसर में तंबाकू निषेध संबंधी बोर्ड लगाना, विद्यार्थियों में जागरूकता अभियान चलाना और स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल का निरीक्षण करती है और सभी मानक पूरे मिलने पर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र जारी करती है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य जिले के सभी सरकारी स्कूलों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करना है।