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Shimla News: शहर के राशन डिपुओं में चीनी और मलका दाल खत्म, लोग परेशान
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शहर के राशन डिपुओं में चीनी और मलका दाल खत्म, लोग परेशान
सैकड़ों उपभोक्ता बाजार से महंगी खरीद को मजबूर
गोदामों में सप्लाई खत्म होने से बढ़ी परेशानी, लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कहा, डिपुओं में महीने भर नहीं मिलता है पूरा राशन, व्यवस्था में करे सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के डिपुओं में चीनी और मलका दाल का स्टॉक खत्म होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अचानक कोटा समाप्त होने से शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधूरा राशन लेकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें चीनी और मलका दाल खुले बाजार से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। इससे महंगाई के दौर में परिवारों का मासिक घरेलू बजट भी बिगड़ गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आटा, चावल, चीनी, नमक, दालें और खाद्य तेल बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध करवाता है। रविवार को शहर के कई डिपुओं में चीनी और मलका दाल उपलब्ध नहीं हुईं। सुबह से शाम तक राशन लेने पहुंचे लोगों को अन्य सामान तो मिला, लेकिन चीनी और दाल के लिए उन्हें बाजार का रुख करना पड़ा।
संजौली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, बस स्टैंड सहित कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने बताया कि डिपो में चीनी नहीं मिलने की जानकारी से उन्हें झटका लगा। उपभोक्ता रीना देवी, अमित, धर्मेंद्र और विशाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है। अक्सर किसी न किसी खाद्य वस्तु का स्टॉक खत्म हो जाता है, जिससे पूरा राशन नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है।
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उपभोक्ताओं ने बताया कि डिपो में चीनी 33 रुपये प्रति किलो मिलती है, जबकि खुले बाजार में इसके लिए करीब 55 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं। इसी तरह मलका दाल भी बाजार में अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। लोगों ने विभाग से सभी राशन डिपुओं में आवश्यक खाद्य सामग्री की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि उन्हें फिलहाल चीनी का स्टॉक खत्म होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सोमवार को स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गोदामों में भी चीनी का स्टॉक नहीं
बताया जा रहा है कि शहर के सरकारी गोदामों में भी चीनी का स्टॉक समाप्त हो चुका है। बताया जा रहा है कि इस महीने चीनी का नया कोटा नहीं पहुंचा है। ऐसे में डिपो संचालक पिछले महीने बची हुई चीनी से किसी तरह वितरण कर रहे थे, लेकिन अब वह स्टॉक भी खत्म हो गया है। इससे आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। इससे पहले डिपुओं में खाद्य तेल का कोटा नहीं पहुंचा था। अब तेल की आपूर्ति शुरू हुई है तो चीनी का स्टॉक खत्म हो गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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सैकड़ों उपभोक्ता बाजार से महंगी खरीद को मजबूर
गोदामों में सप्लाई खत्म होने से बढ़ी परेशानी, लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कहा, डिपुओं में महीने भर नहीं मिलता है पूरा राशन, व्यवस्था में करे सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के डिपुओं में चीनी और मलका दाल का स्टॉक खत्म होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अचानक कोटा समाप्त होने से शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अधूरा राशन लेकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें चीनी और मलका दाल खुले बाजार से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। इससे महंगाई के दौर में परिवारों का मासिक घरेलू बजट भी बिगड़ गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आटा, चावल, चीनी, नमक, दालें और खाद्य तेल बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध करवाता है। रविवार को शहर के कई डिपुओं में चीनी और मलका दाल उपलब्ध नहीं हुईं। सुबह से शाम तक राशन लेने पहुंचे लोगों को अन्य सामान तो मिला, लेकिन चीनी और दाल के लिए उन्हें बाजार का रुख करना पड़ा।
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संजौली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, बस स्टैंड सहित कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने बताया कि डिपो में चीनी नहीं मिलने की जानकारी से उन्हें झटका लगा। उपभोक्ता रीना देवी, अमित, धर्मेंद्र और विशाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है। अक्सर किसी न किसी खाद्य वस्तु का स्टॉक खत्म हो जाता है, जिससे पूरा राशन नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है।
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उपभोक्ताओं ने बताया कि डिपो में चीनी 33 रुपये प्रति किलो मिलती है, जबकि खुले बाजार में इसके लिए करीब 55 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं। इसी तरह मलका दाल भी बाजार में अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। लोगों ने विभाग से सभी राशन डिपुओं में आवश्यक खाद्य सामग्री की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि उन्हें फिलहाल चीनी का स्टॉक खत्म होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सोमवार को स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गोदामों में भी चीनी का स्टॉक नहीं
बताया जा रहा है कि शहर के सरकारी गोदामों में भी चीनी का स्टॉक समाप्त हो चुका है। बताया जा रहा है कि इस महीने चीनी का नया कोटा नहीं पहुंचा है। ऐसे में डिपो संचालक पिछले महीने बची हुई चीनी से किसी तरह वितरण कर रहे थे, लेकिन अब वह स्टॉक भी खत्म हो गया है। इससे आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। इससे पहले डिपुओं में खाद्य तेल का कोटा नहीं पहुंचा था। अब तेल की आपूर्ति शुरू हुई है तो चीनी का स्टॉक खत्म हो गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।