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Shimla News: बिना नंबर प्लेट दो महीने दौड़ती रहीं नगर निगम की ई-गाड़ियां
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परिवहन विभाग की जांच में खुली पोल, एक गाड़ी की गई जब्त, कई गाड़ियों में टैंपरेरी नंबर तक नहीं लगाए
4 मई को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सचिवालय से रवाना की थीं दस इलेक्टि्रक गाड़ियां
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगने से विलंब शुल्क और सरकारी धन पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
अशोक चौहान
शिमला। शहरवासियों को नियमों का पालन कराने वाला नगर निगम शिमला खुद पिछले दो महीने से बिना नंबर प्लेट के नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां सड़कों पर दौड़ा रहा है। इनमें से कई वाहन प्रतिबंधित और बंधित सड़कों पर भी चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ वाहनों पर अस्थायी (टेंपरेरी) नंबर तक नहीं लगाए गए थे।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में परिवहन विभाग की नाकाबंदी के दौरान नगर निगम की एक इलेक्ट्रिक गाड़ी पकड़ी और उसे जब्त कर लिया। इसके बाद निगम अधिकारियों ने परिवहन विभाग से संपर्क कर वाहन को छुड़वाया। इसके बाद आनन-फानन में वाहनों पर अस्थायी नंबर चस्पां किए गए और विभाग से कुछ दिनों की मोहलत मांगी गई।
नियमों के अनुसार नया वाहन खरीदने के 30 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराना और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं करने पर चालान, वाहन जब्ती और विलंब शुल्क जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
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नगर निगम ने मई में शहर से कूड़ा उठाने के लिए 10 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदी थीं। चार मई को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश सचिवालय से इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बावजूद दो महीने बीत जाने के बाद भी इन वाहनों का पंजीकरण और नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब देरी से पंजीकरण होने पर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे सरकारी धन पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
पहले चढ़ाई में हांफीं, अब कम लोड के साथ चल रहीं गाड़ियां
नगर निगम की ये इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं। शुभारंभ के दिन ही कुछ वाहनों को सचिवालय परिसर में धक्का लगाकर ले जाना पड़ा था। बाद में चालकों ने बताया कि रामनगर, अपर ढली और कृष्णानगर जैसे तीखी चढ़ाई वाले मार्गों पर इन वाहनों को चलाने में दिक्कत आ रही है। इसके बाद निगम ने इन्हें अपेक्षाकृत कम ढलान वाले वार्डों में तैनात किया। एक टन क्षमता वाले इन वाहनों में अब कम मात्रा में कूड़ा लादा जा रहा है, ताकि चढ़ाई वाले मार्गों पर इनके संचालन में परेशानी न हो।
जल्द लगेगी नंबर प्लेट : डॉ. भुवन शर्मा
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि नई गाड़ियों में नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही सभी वाहनों पर नंबर प्लेट लगा दी जाएगी।
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परिवहन विभाग की जांच में खुली पोल, एक गाड़ी की गई जब्त, कई गाड़ियों में टैंपरेरी नंबर तक नहीं लगाए
4 मई को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सचिवालय से रवाना की थीं दस इलेक्टि्रक गाड़ियां
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगने से विलंब शुल्क और सरकारी धन पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
अशोक चौहान
शिमला। शहरवासियों को नियमों का पालन कराने वाला नगर निगम शिमला खुद पिछले दो महीने से बिना नंबर प्लेट के नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां सड़कों पर दौड़ा रहा है। इनमें से कई वाहन प्रतिबंधित और बंधित सड़कों पर भी चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ वाहनों पर अस्थायी (टेंपरेरी) नंबर तक नहीं लगाए गए थे।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में परिवहन विभाग की नाकाबंदी के दौरान नगर निगम की एक इलेक्ट्रिक गाड़ी पकड़ी और उसे जब्त कर लिया। इसके बाद निगम अधिकारियों ने परिवहन विभाग से संपर्क कर वाहन को छुड़वाया। इसके बाद आनन-फानन में वाहनों पर अस्थायी नंबर चस्पां किए गए और विभाग से कुछ दिनों की मोहलत मांगी गई।
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नियमों के अनुसार नया वाहन खरीदने के 30 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराना और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं करने पर चालान, वाहन जब्ती और विलंब शुल्क जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
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नगर निगम ने मई में शहर से कूड़ा उठाने के लिए 10 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदी थीं। चार मई को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश सचिवालय से इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बावजूद दो महीने बीत जाने के बाद भी इन वाहनों का पंजीकरण और नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब देरी से पंजीकरण होने पर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे सरकारी धन पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
पहले चढ़ाई में हांफीं, अब कम लोड के साथ चल रहीं गाड़ियां
नगर निगम की ये इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं। शुभारंभ के दिन ही कुछ वाहनों को सचिवालय परिसर में धक्का लगाकर ले जाना पड़ा था। बाद में चालकों ने बताया कि रामनगर, अपर ढली और कृष्णानगर जैसे तीखी चढ़ाई वाले मार्गों पर इन वाहनों को चलाने में दिक्कत आ रही है। इसके बाद निगम ने इन्हें अपेक्षाकृत कम ढलान वाले वार्डों में तैनात किया। एक टन क्षमता वाले इन वाहनों में अब कम मात्रा में कूड़ा लादा जा रहा है, ताकि चढ़ाई वाले मार्गों पर इनके संचालन में परेशानी न हो।
जल्द लगेगी नंबर प्लेट : डॉ. भुवन शर्मा
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि नई गाड़ियों में नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही सभी वाहनों पर नंबर प्लेट लगा दी जाएगी।