फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   National Dialogue on Climate Disaster Preparedness in Himalayan Regions in Shimla

शिमला में राष्ट्रीय संवाद: जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों पर हुआ मंथन, पीटरहॉफ में जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ

Sat, 31 Oct 2026 12:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 31 Oct 2026 12:48 PM IST
सार

 शनिवार को राष्ट्रीय संवाद आयोजित किया गया। यह संवाद शिमला के होटल पीटरहॉफ में हुआ। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) ने इसे आयोजित किया। 

विज्ञापन
National Dialogue on Climate Disaster Preparedness in Himalayan Regions in Shimla
जलवायु आपदाओं से निपटने की तैयारी पर राष्ट्रीय संवादI - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। इनके प्रभावों से निपटने की तैयारी पर शनिवार को राष्ट्रीय संवाद आयोजित किया गया। यह संवाद शिमला के होटल पीटरहॉफ में हुआ। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) ने इसे आयोजित किया। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने हिमालयी समुदायों को जलवायु संबंधी चरम मौसमी घटनाओं के लिए तैयार करने पर चर्चा की। उन्होंने इन घटनाओं के प्रभावों को कम करने के उपायों पर भी बात की। संवाद का मुख्य जोर हिंदूकुश हिमालयी क्षेत्र में प्रभावी रणनीति विकसित करना है। इसका उद्देश्य जलवायु और सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से निपटना है। आपदा के बाद राहत और पुनर्वास के बजाय पहले से तैयारी करने की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। यह संवाद आपदा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

विज्ञापन

Trending Videos

जोखिम आकलन और समुदाय की तैयारी
संवाद में हिमालयी क्षेत्रों में बादल फटने, अतिवृष्टि और बाढ़ जैसे जोखिमों का पूर्व आकलन करने पर जोर दिया गया। स्थानीय समुदायों की तैयारियों को मजबूत बनाना भी एक महत्वपूर्ण बिंदु रहा। सीईईडब्ल्यू की शोध रिपोर्ट 'हिमालयी समुदाय जलवायु की चरम घटनाओं का पूर्वानुमान कैसे लगा सकते हैं और उनके अनुरूप खुद को कैसे ढाल सकते हैं' जारी की गई। 'वेदरिंग हाइट्स' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसमें हिमाचल प्रदेश के स्थानीय समुदायों के अनुभवों को दर्शाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सहयोग और समन्वय पर चर्चा
भारतीय हिमालयी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बात की गई। यह समन्वय आपदाओं से पहले की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। इसका लक्ष्य आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed