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Himachal News: सरकारी सीबीएसई स्कूलों की नौवीं कक्षा में पढ़ाया जाएगा नया सिलेबस, निदेशालय ने मांगा रिकाॅर्ड

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 21 May 2026 08:00 AM IST
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सार

सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देशभर में नौवीं कक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया है। इसी को देखते हुए प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने सभी संबद्ध स्कूलों से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों का संशोधित नामांकन भेजने को कहा है। 

new syllabus will be taught in Class 9 of hp govt CBSE schools; the Directorate has sought records.
निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों की नौवीं कक्षा में नया सिलेबस पढ़ाया जाएगा। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देशभर में नौवीं कक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया है। इसी को देखते हुए प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने सभी संबद्ध स्कूलों से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों का संशोधित नामांकन भेजने को कहा है, ताकि उसी आधार पर पुस्तकों की मांग हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला को भेजी जा सके। विद्यार्थियों का डाटा मिलने के बाद नए सिलेबस की किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश सरकार ने 156 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की मंजूरी दी है।

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इनमें से 145 स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है, जबकि 11 स्कूलों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन सभी स्कूलों में अब सीबीएसई और एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। सरकारी सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों को हिंदी माध्यम के साथ अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में बढ़ रहे दाखिलों और विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं।

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हाल के महीनों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर सरकारी सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। इनमें अधिकांश छात्र पहले से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर चुके हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम की किताबों की मांग लगातार बढ़ रही थी। निर्देशों के मुताबिक, अब सरकारी सीबीएसई स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो।

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शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि पहले कई अभिभावक केवल अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के कारण बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते थे, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी वही सुविधा मिलने से शिक्षा का खर्च कम होने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकल्प मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि जिला उपनिदेशकों से कहा है कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध करवाया जाए। पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या के अनुसार की जाएगी, ताकि किसी स्कूल में किताबों की कमी न रहे।

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