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Shimla News: विवि में पद खत्म करने पर भड़के गैर-शिक्षक कर्मचारी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:59 PM IST
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Non-teaching staff furious over abolition of posts in the university
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कर्मचारी संगठनों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन
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बोले, पद समाप्त करने से पदोन्नति के अवसर होंगे खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के विभिन्न श्रेणियों के पदों को युक्तिकरण के नाम पर समाप्त करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को कुलपति और प्रति-कुलपति को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया और इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में आशुलिपिक एवं निजी सचिव कर्मचारी संघ के अध्यक्ष काबुल सिंह, प्रशासनिक अधिकारी संघ के महासचिव नरेश कुमार शर्मा, चतुर्थ श्रेणी एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चेत राम, विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य सुरेश कुमार वर्मा तथा गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय कोर्ट सदस्य राजेश ठाकुर शामिल रहे। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय में क्लर्क, जेओए, चतुर्थ श्रेणी, तकनीकी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पद वर्षों से स्वीकृत भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत भरे जाते रहे हैं। इन पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया से कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर खत्म होंगे और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर भी असर पड़ेगा।
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कर्मचारी संगठन जल्द ही शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा से मुलाकात कर मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की तैयारी में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठनों के अनुसार यह मामला प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के विचाराधीन है जहां युक्तिकरण के नाम पर पदों को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। कर्मचारियों ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय का कार्यक्षेत्र मुख्य परिसर के अलावा विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों, संस्थानों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों और निर्माण शाखा तक फैला हुआ है जहां पहले से ही स्टाफ की कमी बनी हुई है। इस मामले को लेकर हुई बैठक में 6 अप्रैल को सुबह 11 बजे प्रशासनिक भवन के बाहर जागरूक आक्रोश गेट मीटिंग करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सभी गैर-शिक्षक, तकनीकी कर्मचारी और अधिकारी भाग लेंगे। इसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी। इस बीच कुलपति महावीर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह किसी भी कर्मचारी विरोधी निर्णय से सहमत नहीं हैं और विश्वविद्यालय पर ऐसा कोई फैसला थोपने नहीं दिया जाएगा।
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