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Shimla News: एचपीयू में दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ
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कुलपति महावीर सिंह की मंजूरी के बाद जारी की अधिसूचना, चार वर्ष का सेवाकाल पूरी करने वालों को मिलेगा लाभ
न्यूनतम वेतनमान पर कर्मचारियों की दी जाएगी नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में दैनिक वेतनभोगी और कंटीजेंट पेड कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मिली है। विश्वविद्यालय के सामान्य प्रशासन अनुभाग ने राज्य सरकार के निर्देशों को अपनाते हुए इन कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना कुलपति महावीर सिंह की मंजूरी के बाद जारी हुई है। इसमें कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति दी जाएगी।
अधिसूचना के अनुसार वह कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक चार वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है और प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन कार्य किया है उन्हें रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित किया जाएगा। इसके अलावा जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक चार वर्ष की सेवा पूरी करेंगे उन्हें भी उसी आधार पर नियमितीकरण का लाभ मिलेगा। सरकार के निर्देशों के तहत स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध ही होगा। इसके लिए कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा।
नियमितीकरण पूरी तरह वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। यह प्रक्रिया भविष्य में प्रभावी रूप से लागू होगी। अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि नियमित होने वाले कर्मचारियों को संबंधित पद के न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति दी जाएगी और उनकी नियुक्ति के बाद मूल अस्थायी पद समाप्त कर दिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा में छूट, रोजगार कार्यालय से प्रायोजन की अनिवार्यता में ढील तथा मेडिकल फिटनेस जैसे प्रावधान भी शामिल किए हैं। विभाग स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर पात्र कर्मचारियों का आकलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों और इकाइयों को इस अधिसूचना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
300 से अधिक कर्मचारियों होंगे नियमित
एचपीयू की जारी अधिसूचना से 300 से अधिक दैनिक वेतनभोगी और कंटीजेंट पेड कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी इस नीति के दायरे में आएंगे। प्रशासन ने पात्र कर्मचारियों की सटीक संख्या तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 31 मार्च 2026 तक चार वर्ष सेवा पूरी करने वालों के साथ 30 सितंबर 2026 तक पात्र होने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि नियमितीकरण रिक्त पदों के आधार पर ही होगा
वरिष्ठता के आधार पर होगा नियमितीकरण
नियमितीकरण के लिए विभाग स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी गठित होगी जो योग्यता, सेवा रिकॉर्ड और मेडिकल फिटनेस के आधार पर कर्मचारियों का चयन करेगी। प्रक्रिया पूरी तरह वरिष्ठता पर आधारित रहेगी। अधिसूचना के अनुसार नए पद सृजित नहीं होंगे और नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध किया जाएगा। कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति मिलेगी और उन्हें प्रदेश में कहीं भी तैनात किया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम 2024 के प्रावधानों के तहत लागू की जाएगी।
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न्यूनतम वेतनमान पर कर्मचारियों की दी जाएगी नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में दैनिक वेतनभोगी और कंटीजेंट पेड कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मिली है। विश्वविद्यालय के सामान्य प्रशासन अनुभाग ने राज्य सरकार के निर्देशों को अपनाते हुए इन कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना कुलपति महावीर सिंह की मंजूरी के बाद जारी हुई है। इसमें कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति दी जाएगी।
अधिसूचना के अनुसार वह कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक चार वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है और प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन कार्य किया है उन्हें रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित किया जाएगा। इसके अलावा जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक चार वर्ष की सेवा पूरी करेंगे उन्हें भी उसी आधार पर नियमितीकरण का लाभ मिलेगा। सरकार के निर्देशों के तहत स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध ही होगा। इसके लिए कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा।
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नियमितीकरण पूरी तरह वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। यह प्रक्रिया भविष्य में प्रभावी रूप से लागू होगी। अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि नियमित होने वाले कर्मचारियों को संबंधित पद के न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति दी जाएगी और उनकी नियुक्ति के बाद मूल अस्थायी पद समाप्त कर दिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा में छूट, रोजगार कार्यालय से प्रायोजन की अनिवार्यता में ढील तथा मेडिकल फिटनेस जैसे प्रावधान भी शामिल किए हैं। विभाग स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर पात्र कर्मचारियों का आकलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों और इकाइयों को इस अधिसूचना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
300 से अधिक कर्मचारियों होंगे नियमित
एचपीयू की जारी अधिसूचना से 300 से अधिक दैनिक वेतनभोगी और कंटीजेंट पेड कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी इस नीति के दायरे में आएंगे। प्रशासन ने पात्र कर्मचारियों की सटीक संख्या तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 31 मार्च 2026 तक चार वर्ष सेवा पूरी करने वालों के साथ 30 सितंबर 2026 तक पात्र होने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि नियमितीकरण रिक्त पदों के आधार पर ही होगा
वरिष्ठता के आधार पर होगा नियमितीकरण
नियमितीकरण के लिए विभाग स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी गठित होगी जो योग्यता, सेवा रिकॉर्ड और मेडिकल फिटनेस के आधार पर कर्मचारियों का चयन करेगी। प्रक्रिया पूरी तरह वरिष्ठता पर आधारित रहेगी। अधिसूचना के अनुसार नए पद सृजित नहीं होंगे और नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध किया जाएगा। कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान पर नियुक्ति मिलेगी और उन्हें प्रदेश में कहीं भी तैनात किया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम 2024 के प्रावधानों के तहत लागू की जाएगी।