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Shimla News: सैहब कर्मियों का हर साल नहीं बढ़ेगा 10 फीसदी वेतन, 350 आउटसोर्स कर्मी होंगे मर्ज
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शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में हुई सैहब की बैठक में लिए गए अहम फैसले, दिन में दो बार हाजिरी लगाना जरूरी
सुबह 7:00 से दोपहर दो बजे तक उठाना होगा कूड़ा
130 कर्मचारी, 6 डाटा ऑपरेटर किए जाएंगे नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के 650 से ज्यादा कर्मचारियों को अब हर साल दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी नहीं मिलेगी। सरकार बाकी कर्मचारियों का जिस तरह वेतन बढ़ाती है, उसी दर पर इनका वेतन भी बढ़ेगा। अभी तक नगर निगम हर साल इन्हें दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी दे रहा था।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों को सुबह 7:00 बजे से लेकर दोपहर दो बजे शहर में कूड़ा उठाना होगा। दिन में दो बार हाजिरी लगाना अनिवार्य किया है। प्रदेश सचिवालय में शनिवार को शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में हुई सैहब सोसायटी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में यह फैसला लिया गया। हालांकि कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला भी लिया गया है। सफाई के काम में लगे 350 आउटसोर्स कर्मचारी अब सैहब सोसायटी में मर्ज होंगे। अभी सैहब सोसायटी में 650 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। बाकी 350 कर्मचारी आउटसोर्स थे। इन्हें भी अब सैहब में मर्ज किया जाएगा।
मर्ज होने से इन्हें सैहब सोसायटी की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी, अवकाश और दूसरी सुविधाएं मिलेंगी। नगर निगम का कहना है कि इससे उनकी कार्य स्थिति और सुविधाओं में सुधार होगा। हालांकि दूसरी ओर कर्मचारियों के वेतन में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी, वह अब नहीं होगी। बैठक में 130 कर्मचारियों, 6 डाटा ऑपरेटर और एक प्रबंधक की नियुक्ति करने का फैसला लिया है। कूड़ा शुल्क इकट्ठा करने का अधिकार सैहब सोसायटी को देने का फैसला भी लिया है। सैहब के तहत 16 करोड़ एकत्र हुए हैं और 21.90 करोड़ खर्चा आया है।
बैठक में शहरी विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र कुमार अत्री, एडीशनल कमीशनर डॉ. भुवन शर्मा, कार्पोरेशन हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान, पार्षद सिमी नंदा, किरण शर्मा, आलोक पठानिया, दलीप थापा, नरेंद्र ठाकुर, अंकुश वर्मा, वीरेंद्र ठाकुर, आशा शर्मा, कमलेश मेहता, शीनम कटारिया, विशाखा मोदी समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे।
बोनस बढ़ाया, कूड़ा शुल्क से राहत, बीमा भी होगा
नगर निगम के सैहब सोसायटी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कर्मचारियों को कई तोहफे भी दिए हैं। दिवाली पर नगर निगम अपने कर्मचारियों को हर साल 1500 रुपये बोनस देता था। इसमें पांच सौ रुपये की वृद्धि करके 2000 रुपये कर दिया है। नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि सफाई कर्मचारियों का कूड़ा शुल्क भी माफ किया है। साल में सात छुट्टियां अतिरिक्त देने का फैसला भी लिया है। अब तक साल में 25 छुट्टियां मिलती थीं लेकिन अब वह बढ़कर 32 हो जाएंगी। सभी कर्मचारियों का बीमा होगा। ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की अचानक मृत्यु होने पर दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी, उसे बैठक में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया है। साल में दो बार वर्दी देने का फैसला लिया है।
वेतन बढ़ोतरी पर फैसला न लेना निंदनीय
सैहब सोसाइटी वेलफेयर वर्कर्स यूनियन शिमला के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि एजीएम में कई फैसले लिए हैं। इसमें कुछ फैसले कर्मचारियों के हित में भी लिए हैं लेकिन वेतन बढ़ोतरी को लेकर किसी तरह का फैसला न लेना कर्मचारियों के प्रति एक निंदनीय फैसला है। इसमें बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हड़ताल भी करेंगे।
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सुबह 7:00 से दोपहर दो बजे तक उठाना होगा कूड़ा
130 कर्मचारी, 6 डाटा ऑपरेटर किए जाएंगे नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के 650 से ज्यादा कर्मचारियों को अब हर साल दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी नहीं मिलेगी। सरकार बाकी कर्मचारियों का जिस तरह वेतन बढ़ाती है, उसी दर पर इनका वेतन भी बढ़ेगा। अभी तक नगर निगम हर साल इन्हें दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी दे रहा था।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों को सुबह 7:00 बजे से लेकर दोपहर दो बजे शहर में कूड़ा उठाना होगा। दिन में दो बार हाजिरी लगाना अनिवार्य किया है। प्रदेश सचिवालय में शनिवार को शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में हुई सैहब सोसायटी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में यह फैसला लिया गया। हालांकि कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला भी लिया गया है। सफाई के काम में लगे 350 आउटसोर्स कर्मचारी अब सैहब सोसायटी में मर्ज होंगे। अभी सैहब सोसायटी में 650 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। बाकी 350 कर्मचारी आउटसोर्स थे। इन्हें भी अब सैहब में मर्ज किया जाएगा।
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मर्ज होने से इन्हें सैहब सोसायटी की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी, अवकाश और दूसरी सुविधाएं मिलेंगी। नगर निगम का कहना है कि इससे उनकी कार्य स्थिति और सुविधाओं में सुधार होगा। हालांकि दूसरी ओर कर्मचारियों के वेतन में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी, वह अब नहीं होगी। बैठक में 130 कर्मचारियों, 6 डाटा ऑपरेटर और एक प्रबंधक की नियुक्ति करने का फैसला लिया है। कूड़ा शुल्क इकट्ठा करने का अधिकार सैहब सोसायटी को देने का फैसला भी लिया है। सैहब के तहत 16 करोड़ एकत्र हुए हैं और 21.90 करोड़ खर्चा आया है।
बैठक में शहरी विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र कुमार अत्री, एडीशनल कमीशनर डॉ. भुवन शर्मा, कार्पोरेशन हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान, पार्षद सिमी नंदा, किरण शर्मा, आलोक पठानिया, दलीप थापा, नरेंद्र ठाकुर, अंकुश वर्मा, वीरेंद्र ठाकुर, आशा शर्मा, कमलेश मेहता, शीनम कटारिया, विशाखा मोदी समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे।
बोनस बढ़ाया, कूड़ा शुल्क से राहत, बीमा भी होगा
नगर निगम के सैहब सोसायटी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कर्मचारियों को कई तोहफे भी दिए हैं। दिवाली पर नगर निगम अपने कर्मचारियों को हर साल 1500 रुपये बोनस देता था। इसमें पांच सौ रुपये की वृद्धि करके 2000 रुपये कर दिया है। नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि सफाई कर्मचारियों का कूड़ा शुल्क भी माफ किया है। साल में सात छुट्टियां अतिरिक्त देने का फैसला भी लिया है। अब तक साल में 25 छुट्टियां मिलती थीं लेकिन अब वह बढ़कर 32 हो जाएंगी। सभी कर्मचारियों का बीमा होगा। ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की अचानक मृत्यु होने पर दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी, उसे बैठक में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया है। साल में दो बार वर्दी देने का फैसला लिया है।
वेतन बढ़ोतरी पर फैसला न लेना निंदनीय
सैहब सोसाइटी वेलफेयर वर्कर्स यूनियन शिमला के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि एजीएम में कई फैसले लिए हैं। इसमें कुछ फैसले कर्मचारियों के हित में भी लिए हैं लेकिन वेतन बढ़ोतरी को लेकर किसी तरह का फैसला न लेना कर्मचारियों के प्रति एक निंदनीय फैसला है। इसमें बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हड़ताल भी करेंगे।