सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Shimla: Chamiyana Hospital achieves milestone, successfully uses EUS cystogastrostomy

Shimla: चमियाना अस्पताल ने हासिल की उपलिब्ध, ईयूएस सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी का सफलतापूर्वक उपयोग किया

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 16 Feb 2026 05:31 PM IST
विज्ञापन
सार

एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड(ईएसयू) निर्देशित उपचार की प्रक्रिया का उपयोग कर दो
ईयूएस सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी पैन्क्रियाटाइटिस( अग्नाशयशोथ) मरीजों की एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) निर्देशित सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी का उपयोग करने की उपलब्धि हासिल की।

Shimla: Chamiyana Hospital achieves milestone, successfully uses EUS cystogastrostomy
ईयूएस सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी का सफलतापूर्वक उपयोग किया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एआईएमएसएस(अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी) शिमला के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने उन्नत एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड(ईएसयू) निर्देशित उपचार की प्रक्रिया का उपयोग कर दो ईयूएस सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी पैन्क्रियाटाइटिस( अग्नाशयशोथ) मरीजों की एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) निर्देशित सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी का उपयोग करने की उपलब्धि हासिल की। इसे प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी एक बिना ऑपरेशन पेट में जमा द्रव्य को बाहर निकालने की जीवन रक्षक प्रक्रिया है। पैन्क्रियाटाइटिस में पेट के मवाद या तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे मरीज को पेट में दर्द के साथ कुछ भी खा नहीं सकता, उसे उल्टी होती है। यह पेट में पैन्क्रियाटाइटिस( अग्नाशयशोथ)की जटिलताओं में से एक है। ये दोनों मरीज उपचार के बाद स्वस्थ है, उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Trending Videos

एआईएमएसएस के प्राचार्य और चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बृज शर्मा की अगुवाई में उनकी टीम में शामिल डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. विशाल बोध, डॉ. आशीष चौहान, डॉ. जगरूप, डॉ. नवीन, डॉ. यशदीप, डॉ. नलिन ने मोनिका पाल, जय प्रकाश, तमन्ना, अजय, सुनील और आशुतोष के साथ मिलकर पूरा किया। डॉ. बृज ने बताया कि चमियाना अस्पताल में उनके विभाग में इस बीमारी से पीड़ित एक युवती और एक पुरुष मरीज को यह उपचार दिया गया। युवती के पेट में बहुत अधिक द्रव पदार्थ जमा हो गया था, जिससे उसका पेट दब गया था, इस कारण इस मरीज को बार बार उल्टी हो रही थी, वह खाना नहीं खा पा रही थी। वहीं पुरुष मरीज के पेट में भी द्रव्य पदार्थ जमा हो गया था, वह मुंह से कुछ भी नहीं खा पा रहा था। इन दोनों मरीजों को डॉ. बृज शर्मा ओर उनकी टीम ने ईयूएस गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी ऑपरेशन से सफलतापूर्वक उपचार दिया, जिससे दोनों मरीजों की समस्या दूर हो गई। अब वे आराम से खाना खा रहे हैं और उनकी हालत ठीक हो जाने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पूर्व में भी विभाग में ऐसे उपचार दिया जाता रहा है, लेकिन इस बार एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) का उपयोग कर दोनों का उपचार किया गया। एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड पेट के प्रभावित हिस्से की इमेजिंग को समायोजित करने की एक उन्नत तकनीक है। इस तकनीक से चिकित्सकों को पेट के अंदर के अंगों में संक्रमित द्रव का सुरक्षित मार्ग बनाने में मदद मिलती है। इस तकनीक के उपयोग से मरीज के पेट को चीर कर सर्जरी करने की आवययकता नहीं पड़ी और उनके पेट में जमा द्रव्य को बाहर निकाला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों को अब तक प्रदेश के बाहर ही करवाना पड़ता था इस तकनीक से उपचार
शिमला। प्रदेश के पैन्क्रियाटाइटिस( अग्नाशयशोथ) मरीजों का उपचार अब तक सर्जरी के माध्यम से किया जाता था, लेकिन ईयूएस सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे मरीजों को इस नई उन्नत तकनीक से उपचार करवाने के लिए प्रदेश के बाहर जाना पडता था। एआईएमएसएस चामियाना में ईयूएस तकनीक से उपचार की सुविधा शुरू हो जाने पर अब मरीजों को प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ेगा । उन्न्हें चमियाना में ही तुरंत और बिना ऑपरेशन व कम खर्च कर यहीं उपचार मिलेगा ।

विभाग में शुरू की है कोलेंजियोस्कोपी  प्रक्रियाएं
 चमियाना अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी के अलावा, विभाग ने हाल ही में कोलेंजियोस्कोपी प्रक्रियाएं भी शुरू की हैं। कोलेंजियोस्कोपी  से पित्त नलिकाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन संभव होता है, जिससे डॉक्टर एंडोस्कोपी से पित्त नलिकाओं की बड़ी पथरी को तोड़कर निकाला जाता है, इसमें आवश्यकता पड़ने पर पित्त पथ से बायोप्सी प्राप्त हो जाती है। यह उन्नत उपचार अस्पताल में नियमित रूप से शुरू हो जाएगा। असपताल में प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से उपलब्ध करवाई गई नवीनतम मशीनों और तकनीकों से संभव हो पाया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed