फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   shimla school bag weight rule 10 percent body weight education department

Shimla Education News: अब नहीं झुकेंगे नन्हें कंधे! स्कूल बैग के वजन पर लगा ब्रेक; शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

Sun, 12 Jul 2026 03:40 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 12 Jul 2026 03:40 PM IST
सार

शिमला जिले में विद्यार्थियों को भारी स्कूल बैग से राहत देने के लिए शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। सभी सरकारी और निजी स्कूलों को समयसारिणी इस तरह बनाने के निर्देश दिए गए हैं कि छात्र केवल आवश्यक किताबें और कॉपियां ही स्कूल लेकर आएं। स्कूलों से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी गई है।

विज्ञापन
shimla school bag weight rule 10 percent body weight education department
शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जिले भर के हजारों स्कूली छात्रों को अब भारी भरकम स्कूल बैग उठाने से राहत मिलने वाली है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूली बैग के भार को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज ने इस संबंध में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

विज्ञापन


नए नियम: 10% शारीरिक वजन तक सीमित होगा बैग का भार
नए निर्देशों के अनुसार, छात्रों के स्कूल बैग का वजन उनके शारीरिक वजन का केवल 10 प्रतिशत ही निर्धारित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उपनिदेशक ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रधानाचार्य और मुख्य अध्यापकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम करना और उनके शारीरिक विकास को सुचारू रूप से बढ़ावा देना है।
विज्ञापन


समय-सारिणी में बदलाव और आवश्यक पुस्तकों पर जोर
इन निर्देशों के साथ ही, उपनिदेशक ने सभी प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों से स्कूलों में ऐसी समय-सारिणी (टाइम टेबल) तैयार करने का भी आग्रह किया है, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन केवल आवश्यक पुस्तकें और कॉपियां ही स्कूल लानी पड़ें। इससे बैग का अनावश्यक भार कम करने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन
आदेशों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का भी पूर्ण पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह कदम बच्चों के अधिकारों और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने के निर्देश
सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि मुख्य शिक्षकों द्वारा इस संबंध में की गई कार्रवाई की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' निर्धारित प्रारूप में तय समय सीमा के भीतर उपनिदेशक कार्यालय में भेजी जाए। उपनिदेशक ने सभी स्कूलों से इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि नन्हे कंधों पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed