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Shimla News: दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहारा बनेगी सेंसर वाली स्मार्ट स्टिक
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दो चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को उपायुक्त ने किया सम्मानित, जाखू स्कूल के छात्र अमृत ने तैयार की यह स्टिक
अमृत अब इंस्पायर साइंस कार्यशाला में पेश करेंगे मॉडल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को दो चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को विशेष उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। उपायुक्त ने चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट अमृत वर्मा और मोक्षित को शॉल-टोपी पहनाकर सम्मानित किया। उपायुक्त ने कहा कि अमृत और मोक्षित दोनों की उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। अमृत ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए सेंसर वाली स्मार्ट हेल्पिंग स्टिक बनाई है।
अमृत का चयन राज्य स्तरीय इंस्पायर मानक साइंस कार्यशाला के लिए हुआ है। अमृत वर्मा का इंस्पायर अवार्ड में चयन केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से स्कूली छात्रों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजना में हुआ है।
अमृत वर्मा जब राजकीय उच्च विद्यालय जाखू में कक्षा आठवीं में पढ़ते थे तो सितंबर 2025 में इंस्पायर योजना के तहत दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्मार्ट सेंसर स्टिक बनाने का प्रस्ताव भेजा था। अब अमृत धर्मशाला में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यशाला में अपना मॉडल बनाकर पेश करेंगे। अमृत को केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से दस हजार रुपये की वित्तीय सहायता मॉडल तैयार करने के लिए मिली है। इस मॉडल में दृष्टिबाधित लोगों के लिए सेंसर वाली स्मार्ट हेल्पिंग स्टिक बनाने की योजना है जो मददगार होगी। इस स्टिक में सेंसर, वाइब्रेशन मोटर, बैटरी, स्पीकर आदि का इस्तेमाल होगा।
दृष्टिबाधित इंसान जब स्टिक का इस्तेमाल करते हुए चल रहे होंगे तो स्टिक के सामने आने वाली वस्तुओं, इमारतों आदि को देखकर स्टिक रिस्पांस करेगी। इस स्टिक की रेंज दो मीटर की होगी। अमृत ने बताया कि यह स्टिक न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करती है। वहीं मोक्षित का 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों के नन्हें कदम सफलता की ओर हैं। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बेसहारा और निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। मोक्षित शर्मा का चयन राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना के तहत हुआ है। अब मोक्षित को जमा दो तक की पढ़ाई तक छात्रवृत्ति मिलेगी। मोक्षित और अमृत दोनों ने राजकीय उच्च विद्यालय जाखू से आठवीं तक की शिक्षा हासिल की है। अब दोनों छात्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटीकंडी में अध्ययनरत हैं। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल विशेष तौर पर मौजूद रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को दो चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को विशेष उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। उपायुक्त ने चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट अमृत वर्मा और मोक्षित को शॉल-टोपी पहनाकर सम्मानित किया। उपायुक्त ने कहा कि अमृत और मोक्षित दोनों की उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। अमृत ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए सेंसर वाली स्मार्ट हेल्पिंग स्टिक बनाई है।
अमृत का चयन राज्य स्तरीय इंस्पायर मानक साइंस कार्यशाला के लिए हुआ है। अमृत वर्मा का इंस्पायर अवार्ड में चयन केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से स्कूली छात्रों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजना में हुआ है।
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अमृत वर्मा जब राजकीय उच्च विद्यालय जाखू में कक्षा आठवीं में पढ़ते थे तो सितंबर 2025 में इंस्पायर योजना के तहत दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्मार्ट सेंसर स्टिक बनाने का प्रस्ताव भेजा था। अब अमृत धर्मशाला में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यशाला में अपना मॉडल बनाकर पेश करेंगे। अमृत को केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से दस हजार रुपये की वित्तीय सहायता मॉडल तैयार करने के लिए मिली है। इस मॉडल में दृष्टिबाधित लोगों के लिए सेंसर वाली स्मार्ट हेल्पिंग स्टिक बनाने की योजना है जो मददगार होगी। इस स्टिक में सेंसर, वाइब्रेशन मोटर, बैटरी, स्पीकर आदि का इस्तेमाल होगा।
दृष्टिबाधित इंसान जब स्टिक का इस्तेमाल करते हुए चल रहे होंगे तो स्टिक के सामने आने वाली वस्तुओं, इमारतों आदि को देखकर स्टिक रिस्पांस करेगी। इस स्टिक की रेंज दो मीटर की होगी। अमृत ने बताया कि यह स्टिक न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करती है। वहीं मोक्षित का 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों के नन्हें कदम सफलता की ओर हैं। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बेसहारा और निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। मोक्षित शर्मा का चयन राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना के तहत हुआ है। अब मोक्षित को जमा दो तक की पढ़ाई तक छात्रवृत्ति मिलेगी। मोक्षित और अमृत दोनों ने राजकीय उच्च विद्यालय जाखू से आठवीं तक की शिक्षा हासिल की है। अब दोनों छात्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटीकंडी में अध्ययनरत हैं। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल विशेष तौर पर मौजूद रही।