Video: भरमौर में 700 साल पुराना गिरड़ माता का मंदिर जला, मूर्तियों को भी नुकसान
चंबा जिले के भरमौर विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुंदेल के गिरड़ में चट्टान पर निर्मित 700 साल पुराना गिरड़ माता मंदिर आग की भेंट चढ़ गया।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुंदेल के गिरड़ में चट्टान पर निर्मित 700 साल पुराना गिरड़ माता मंदिर आग की भेंट चढ़ गया। अग्निकांड शुक्रवार दोपहर बाद 3:30 बजे के करीब हुआ। मंदिर में अचानक उठीं आग की लपटों के चलते देखते ही देखते पूरा मंदिर जलकर राख हो गया। मंदिर के भीतर संगमरमर, ब्लैक स्टोन समेत पीतल की मूर्तियों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, देवदार की लकड़ियों पर काष्ठ कला से निर्मित मंदिर के जलने से लाखों का नुकसान हुआ है। खुंदल पंचायत प्रधान रत्न ठाकुर ने बताया कि भरमौर उपमंडल के गिरड़ गांव समेत जिले और प्रदेशभर के लोगों आस्था के प्रतीक मंदिर में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
बिजली के शाॅर्ट सर्किट की वजह से लगी आग
आशंका है कि मंदिर में बिजली के शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। अंदरोल होने के चलते गिरड़ माता मंदिर के कपाट दिसंबर से लेकर 13 अप्रैल तक बंद है। सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे और रोते-बिलखते मंदिर में लगी आग को अपने स्तर पर बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए। देर रात तक मंदिर में लगी आग को बुझाने में लोग जुटे रहे। भरमौर विधायक डॉ. जनक राज और मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित ठाकुर ने बताया कि लोगों की आस्था का प्रतीक गिरड़ माता मंदिर जलने की सूचना मिली है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन तैयार करवा उचित कदम उठाने की बात कही है।
आस्था का है केंद्र
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह मंदिर आस्था का केंद्र है और गद्दी जनजाति या अन्य पहाड़ी समुदायों की ओर से यहां माता की पूजा की जाती है। चंबा के अन्य प्राचीन मंदिरों की तरह यह मंदिर भी इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश काडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी ओंकार चंद शर्मा जनजातीय विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनका और परिवार का गिरड़ माता पर काफी विश्वास है। माता के दर पर शीश नवाजने के सह परिवार वे आते रहते हैं।
