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Shimla News: राजधानी के जंगलों में आ गई बुरांस के लाल फूलों की बहार, स्वादिष्ट चटनी में भी होता है इस्तेमाल

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Tue, 17 Mar 2026 10:27 AM IST
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सार

राजधानी शिमला में बुरांस के लाल फूलों की बहार आ गई है। ये फूल स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होते हैं। इन फूलों की चटनी भी बनती है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। पढ़ें पूरी खबर...

The red flowers of rhododendron have arrived in the forests of the capital.
बुरांस के फूल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

वसंत के आगमन के साथ राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बुरांस के लाल फूलों की बहार आ गई है। शिमला में इन फूलों से पारंपरिक रूप से जूस, शर्बत और चटनी बनाई जाती है। वैज्ञानिक शोध में बताया है कि बुरांस स्वास्थ्य लाभों से भरपूर है।
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बुरांस का वैज्ञानिक नाम रहोडोडेंड्रोन आरबोरम है और यह हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। दिल और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए भी इसे लाभकारी बताया है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि इसके फूलों में फ्लेवोनॉयड, फेनोलिक यौगिक और टैनिन जैसे जैव सक्रिय तत्व मौजूद होते हैं। यह तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। शोध बताते हैं कि बुरांस के फूलों से बने पेय पदार्थ शरीर में एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
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वैज्ञानिकों के अनुसार इन फूलों में मौजूद पॉलीफेनॉल और अन्य पोषक तत्व प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कुछ अध्ययनों में बुरांस के अर्क में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए गए हैं। प्रयोगशाला परीक्षणों में इसके फूलों के अर्क ने सूजन और बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने की क्षमता दिखाई है। इस कारण वैज्ञानिक इसे संभावित फंक्शनल फूड यानी ऐसे खाद्य पदार्थ के रूप में देख रहे हैं जो पोषण के साथ स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।

पारंपरिक चिकित्सा में होता है बुरांस का फूल : जिस्टू
हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के पूर्व वैज्ञानिक विनीत जिस्टू ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी बुरांस का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। स्थानीय लोग इसे थकान कम करने, पाचन सुधारने और गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए इस्तेमाल करते हैं। बुरांस के फूल केवल पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं बढ़ाते बल्कि यह एक ऐसा प्राकृतिक संसाधन है जिसमें पोषण और औषधीय संभावनाएं दोनों मौजूद हैं। वैज्ञानिक शोध तथा पारंपरिक ज्ञान के मेल से इस हिमालयी फूल का महत्व और बढ़ता जा रहा है।
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