हिमाचल: स्मार्ट मीटर लगाने पर नहीं लगेगी रोक, हमीरपुर मामले के बाद बिजली बोर्ड ने स्पष्ट की स्थिति
हमीरपुर में एक उपभोक्ता से जुड़े न्यायिक मामले के बाद प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर रोक लगने की चर्चाओं के बीच बिजली बोर्ड प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर किसी प्रकार की रोक नहीं है और यह अभियान बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
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हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना का अभियान पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा। हमीरपुर में एक उपभोक्ता से जुड़े न्यायिक मामले के बाद प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर रोक लगने की चर्चाओं के बीच बिजली बोर्ड प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर किसी प्रकार की रोक नहीं है और यह अभियान बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। बोर्ड के अनुसार हमीरपुर के लंबलू निवासी जैमल सिंह की ओर से दायर मामले में सिविल न्यायाधीश हमीरपुर ने एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसे लेकर गलतफहमियां पैदा हो गई थीं। यह आदेश केवल एक उपभोक्ता के व्यक्तिगत मामले तक सीमित था और इसका प्रदेशभर में चल रहे स्मार्ट मीटर परियोजना से कोई संबंध नहीं था।
अपील के बाद सुलझा मामला
बिजली बोर्ड ने इस आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों की जानकारी दी। 13 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान बोर्ड ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन पोस्टपेड प्रणाली में ही बना रहेगा और उसकी सहमति के बिना उसे प्रीपेड व्यवस्था में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। बोर्ड के इस आश्वासन के बाद संबंधित उपभोक्ता जैमल सिंह स्मार्ट मीटर लगाने के लिए सहमत हो गए और उन्होंने अपना वाद वापस ले लिया। इसके साथ ही मामले का समाधान हो गया।
पारदर्शी और आधुनिक बिजली व्यवस्था की दिशा में कदम
बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि स्मार्ट मीटर आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित विद्युत वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके माध्यम से बिजली खपत की सटीक निगरानी, बिलिंग में पारदर्शिता और ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को रियल टाइम खपत संबंधी जानकारी मिलने के साथ-साथ शिकायतों और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान में भी तेजी आएगी।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटरों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक या अपुष्ट जानकारियों पर विश्वास न करें। प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से जारी है। इससे संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।