सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Three years rigorous imprisonment for the accused in the Chitta smuggling case

Shimla News: चिट्टा तस्करी के मामले में दोषियों को तीन साल का कठोर कारावास

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Three years rigorous imprisonment for the accused in the Chitta smuggling case
विज्ञापन
जिला शिमला के विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने सुनाया फैसला, 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया
Trending Videos

वर्ष 2020 में मजठाई के पास पकड़ा था 27.64 चिट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने दो दोषियों को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला शिमला के विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।
दोषियों पर सजा के साथ ही 25,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर दोषियों को दो महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मामला वर्ष 2020 से जुड़ी एफआईआर से जुड़ा है। इसमें 5 दिसंबर 2020 को रात करीब 12:05 बजे जुब्बड़हट्टी मार्ग के पास मजठाई रेन शेल्टर के निकट पुलिस ने एक कार को रोका। कार में हितेंद्र सिंह और विशाल निवासी अर्की जिला सोलन मौजूद थे। पुलिस ने शक के आधार पर वाहन की तलाशी ली तो ड्राइवर सीट के नीचे से एक काले कपड़े का पाउच बरामद हुआ। तलाशी के दौरान इसमें 27.64 ग्राम चिट्टा (हल्का भूरे रंग के पदार्थ) के साथ एक प्लास्टिक पाउच, 100 और 10 रुपये के अधजले नोट और एक स्टील का चम्मच बरामद किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने नशे समेत अन्य सामान को कब्जे में लिया। फोरेंसिक रिपोर्ट ने पदार्थ को डायएसिटाइल मॉर्फिन (हेरोइन) होने की पुष्टि हुई। अदालत ने दोनों आरोपियों को सेक्शन 21 (हेरोइन रखना/परिवहन) सेक्शन 29 (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया। आरोपी सेक्शन 428 सीआरपीसी (अब बीएनएसएस के तहत) के तहत पहले बिताई गई जेल अवधि का लाभ पाने के हकदार होंगे। अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का खतरा युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है और समाज पर इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अदालत ने आनुपातिकता के सिद्धांत का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा से अधिक नहीं दी लेकिन नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्ती बरतने की जरूरत पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह पेश किए। इसमें स्पॉट विटनेस, स्वतंत्र गवाह और फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल थीं।
अदालत ने गवाहों के बयानों को भरोसेमंद माना। वहीं छोटी-मोटी विसंगतियों को सामान्य बताया क्योंकि घटना वर्ष 2020 की थी और बयान 2024 में दर्ज हुए थे। चिट्टे की कम मात्रा 5 ग्राम और व्यावसायिक मात्रा 250 ग्राम है। 27.64 ग्राम चिट्टा इंटरमीडिएट क्वांटिटी में आता है। इसके लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 (बी) के तहत अधिकतम 10 साल तक की सजा और 1 लाख तक जुर्माना हो सकता है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए तीन साल की सजा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article