Indore: इंदौर का डबलडेकर ब्रिज बना पिकनिक स्पाॅट, लोग रुककर बना रहे रील, ले रहे सेल्फी
175 करोड़ रुपये की लागत से बना डबल डेकर ब्रिज शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को रफ्तार देने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन उद्घाटन के दूसरे ही दिन यह लोगों के लिए नया सेल्फी और रील डेस्टिनेशन बन गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ डबल डेकर ब्रिज सिर्फ यातायात को अासान बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहरवासियों के लिए नया हैंगआउट और सेल्फी डेस्टिनेशन बन गया है। लोकार्पण के दूसरे ही दिन यहां लोगों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि ब्रिज पर वाहन धीमे पड़ गए। कोई रुककर रील बना रहा था, कोई सेल्फी लेने में व्यस्त था, तो कई युवा 73 फीट की ऊंचाई पर बह रही ठंडी हवाओं का आनंद टाइटैनिक स्टाइल में हाथ फैलाकर लेते नजर आए।
ब्रिज की सबसे बड़ी खासियत इसकी जमीन से करीब 73 फीट की ऊंचाई है। यहां से शहर का विहंगम नजारा दिखाई देता है। दिन में दूर-दूर तक फैली इमारतें और रात में जगमगाती रोशनी इस ब्रिज को खास बनाती हैं। यही वजह है कि यह उद्घाटन के साथ ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया के दौर में यह जगह तेजी से 'रील स्पॉट' के रूप में भी लोकप्रिय होती दिखाई दे रही है।
शुक्रवार को हालात ऐसे बने कि बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन सड़क किनारे रोककर फोटो और वीडियो बनाने लगे। इससे यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनने लगी। स्थिति को संभालने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) को ब्रिज पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने पड़े। गार्ड लोगों को सड़क पर अधिक देर तक नहीं रुकने और यातायात बाधित नहीं करने की समझाइश देते रहे।
हालांकि, ब्रिज का कुछ काम अभी भी बाकी है। लोकार्पण के दूसरे दिन भी रंगाई-पुताई और फिनिशिंग का काम जारी रहा। निर्माण एजेंसी अंतिम रूप देने में जुटी रही, जबकि दूसरी ओर लोग नए ब्रिज का अनुभव लेने के लिए लगातार पहुंचते रहे।
गौरतलब है कि इस डबल डेकर ब्रिज का लोकार्पण गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह ब्रिज अब अपनी इंजीनियरिंग के साथ-साथ शानदार सिटी व्यू और सोशल मीडिया क्रेज के कारण भी चर्चा का विषय बन गया है।
