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Ashadha Purnima 2026: आज आषाढ़ पूर्णिमा पर बना दुर्लभ संयोग, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

Wed, 29 Jul 2026 05:54 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 29 Jul 2026 05:54 AM IST
सार

Ashadha Purnima 2026: आज आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन शुभ मुहूर्त में स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। 

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Ashadha Purnima 2026 - फोटो : AI

विस्तार

Ashadha Purnima 2026: आज आषाढ़ पूर्णिमा है, जिसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण मानी जाती है। पूर्णिमा तिथि पर दान, स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव का आशीर्वाद मिलता है। पूर्णिमा पर पूजा-अर्चना करने सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। आषाढ़ पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। 
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आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई को सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो गई थी, जिसका समापन 29 जुलाई को शाम 4 बजकर 35 मिनट पर होगा। इस तरह से उदया तिथि के अनुसार आषाढ़ माह की पूर्णिमा आज यानी 29 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन स्नान और दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ और उत्तम माना जाता है। 
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आषाढ़ पूर्णिमा दान-स्नान का महत्व 
आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर दान और स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट लेकर 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।   

आषाढ़ पूर्णिमा 2026 पर दुर्लभ योग
आज आषाढ़ पूर्णिमा के दिन दो दुर्लभ बना हुआ है। आज प्रीति और आयुष्मान योग का बहुत ही शुभ और अच्छा योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष में  इन दोनों ही योगों को बहुत ही मंगलकारी और शुभ योग माना जाता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस योग में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने से जीवन में सफलता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।  
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पूजा का शुभ मुहूर्त 
ब्रह्रा मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक।
विजय मुहूर्त:  शाम 4 बजकर 29 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 30 मिनट तक।
चंद्रोदय पर अर्घ्य का समय:  शाम 7 बजकर 21 मिनट तक।

आषाढ़ पूर्णिमा पर दान
- आषाढ़ पूर्णिमा के दिन अन्न और गेंहू का दान करना करना चाहिए। इससे जीवन में धन और धान्य की कोई कमी नहीं होती है। 
- गुरु पूर्णिमा के दिन गरीब और जरूरतमंदों को कपड़े और वस्त्र का दान करना चाहिए, इससे जीवन में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। 
- आषाढ़ पूर्णिमा पर घी और जल का दान करें। इससे जीवन में आरोग्यता प्राप्त होती है। 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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