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Vinayaka Chaturthi 2026: अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी आज, जानिए तिथि, धार्मिक महत्व और प्राप्त होने वाले फल
Fri, 17 Jul 2026 01:33 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:33 PM IST
सार
Vinayaka Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,इस तिथि पर भगवान गणेश की पूजा करने से सभी तरह मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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आषाढ़ विनायक चतुर्थी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
Vinayaka Chaturthi 2026: शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को विनायकी चतुर्थी है। जिसे अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी को अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश के अनिरुद्ध विनायक स्वरूप की पूजा करने से सभी तरह की बाधाएं दूर होती हैं। इस व्रत को रखने से कार्यों में लगातार सफलता, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष रूप से व्रत रखते हुए विधि-विधान से भगवान गणपति की पूजा करते हैं। इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लाल फूल, लड्डू और सिंदूर से पूजा करने का विधान होता होता है। इस बार विनायक चतुर्थी पर रवि योग का विशेष शुभ संयोग बन रहा है, जिससे पूजा का महत्व काफी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और पूजा शुभ मुहूर्त।
विनायक चतुर्थी तिथि 2026
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 17 जुलाई को सुबह 06 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 18 जुलाई को सुबह 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगी।
विनायक चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त 2026
भगवान गणेश की पूजा के लिए दोपहर का मुहूर्त सबसे अच्छा और श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा के लिए मध्याह्र का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा की कुल अवधि 2 घंटे 45 मिनट तक रहेगी।
अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी का खास महत्व होता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है और ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश सभी तरह के विध्नो को दूर करने वाले, शुभ कार्यों से पहले पूजे जाने वाले देवता है। चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा-आराधना करने से सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति मिलती है, घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। इस व्रत को करने से सभी तरह की कार्य पूरे होते हैं। इससे बुद्धि, विवेक, धन-धान्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर अगर भगवान गणेश की उपासना की जाए तो सभी तरह के रुके हुए कार्य पूरे जाते हैं। इसके अलावा जीवन से सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं खत्म होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार, आत्मविश्वास में वृद्धि और सकारात्मक सोच पैदा होती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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विनायक चतुर्थी तिथि 2026
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 17 जुलाई को सुबह 06 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 18 जुलाई को सुबह 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगी।
विनायक चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त 2026
भगवान गणेश की पूजा के लिए दोपहर का मुहूर्त सबसे अच्छा और श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा के लिए मध्याह्र का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा की कुल अवधि 2 घंटे 45 मिनट तक रहेगी।
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अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी का खास महत्व होता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है और ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश सभी तरह के विध्नो को दूर करने वाले, शुभ कार्यों से पहले पूजे जाने वाले देवता है। चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा-आराधना करने से सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति मिलती है, घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। इस व्रत को करने से सभी तरह की कार्य पूरे होते हैं। इससे बुद्धि, विवेक, धन-धान्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर अगर भगवान गणेश की उपासना की जाए तो सभी तरह के रुके हुए कार्य पूरे जाते हैं। इसके अलावा जीवन से सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं खत्म होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार, आत्मविश्वास में वृद्धि और सकारात्मक सोच पैदा होती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।