करवा चौथ 2026: देशभर में निकला करवा चौथ का चांद, इन आरतियों और मंत्रों के साथ संपन्न करें पूजा
Karwa Chauth 2026 Chandrma Puja Aarti Mantra: करवा चौथ पर चंद्रदर्शन के बाद चंद्रदेव की पूजा और आरती का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानें, कौन-सी तीन आरतियां करनी चाहिए।
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Karwa Chauth 2026 Chandrma Puja Aarti Mantra: आज करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। रात में चंद्रदर्शन के बाद चंद्रदेव की पूजा-अर्चना कर व्रत का पारण किया जाता है। देशभर में करवा चौथ का चांद नजर आ चुका है। ऐसे में चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा करने और आरती उतारने का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान चंद्रदेव की आरती करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। करवा चौथ की पूजा के बाद इन तीन आरतियों का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं, करवा चौथ पर कौन-सी तीन आरतियां करनी चाहिए।
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।
रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।
दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी ।
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि ।
योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें ।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा ।
वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी ।
प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी ।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी ।
धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे ।
विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी ।
सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें ।
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये मंत्र
- पहला मंत्र: ॐ सोम सोमाय नमः।
- दूसरा मंत्र: ॐ चंद्राय नमः।
ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया
ॐ जय करवा मैया
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी
ॐ जय करवा मैया।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती
दीर्घायु पति होवे, दुख सारे हरती..
ॐ जय करवा मैया
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे
ॐ जय करवा मैया
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे
ॐ जय करवा मैया
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अन्धे को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ।।
'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥