{"_id":"6a2e842035e5dab7dc06d029","slug":"mithun-sankranti-2026-do-these-remidies-for-prosperity-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mithun Sankranti 2026: मिथुन संक्रांति पर करें ये ज्योतिषीय उपाय, सूर्यदेव होंगे प्रसन्न और दूर होगा दोष","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Mithun Sankranti 2026: मिथुन संक्रांति पर करें ये ज्योतिषीय उपाय, सूर्यदेव होंगे प्रसन्न और दूर होगा दोष
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Sun, 14 Jun 2026 04:06 PM IST
विज्ञापन
सार
हिंदू धर्म में मिथुन संक्रांति को विशेष महत्व दिया जाता है। सूर्य जब वर्ष में एक बार मिथुन राशि में आते हैं तो इस मिथुन संक्रांत कहते हैं।
इन मंत्रों के जाप से सूर्य देव होंगे प्रसन्न
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के राशि परिवर्तन की घटना को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 15 जून 2026 को मिथुन संक्रांति है। इस दिन सूर्य अपनी वृषभ राशि की यात्रा को विराम देते हुए बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। सूर्यदेव इस राशि में करीब एक महीने तक रहने के बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे। धार्मिक नजरिए से मिथुन संक्रांति पर किए गए उपायों का विशेष महत्व होता है। इन उपायों को करने से पूरे वर्ष सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है। इससे व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और वैभव में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं मिथुन संक्रांति पर की पूजन विधि और सूर्यदेव को प्रसन्न करने के उपायों के बारे में।
मिथुन संक्रांति 2026 पूजन विधि
मिथुन संक्रांति पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने के उपाय
विज्ञापन
Somvati Amavasya 2026: 15 जून को बन रहा दुर्लभ शुभ योग, जानें पितृ तर्पण, दान और गौ सेवा का महत्व
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
मिथुन संक्रांति 2026 पूजन विधि
- मिथुन संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुबह ब्रह्राा मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करें।
- स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, अक्षत, रोली और थोड़ा गुड़ डाल कर पूर्व दिशा की तरफ खड़े होकर सूर्यदेव जल अर्पित करें।
- सूर्यदेव को जल अर्पित करते हुए ऊं घृणि सूर्याय नम: और ऊं आदित्याय नम: मंत्र का जाप करें।
- मिथुन संक्रांति पर गरीबों और जरूतमंदों को दान दान करें।
- मिथुन संक्रांति पर मन में अच्छे विचार और सात्विक भोजन करें।
मिथुन संक्रांति पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने के उपाय
- सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए मिथुन संक्रांति पर तांबे में जल, लाल फूल, अक्षत और गुड़ डालकर अर्घ्य दें। इससे बुद्धि तीव्र होती है।
- मिथुन संक्रांति के दिन लाल कपड़े और लाल चंदन लगाएं। इससे हर एक कार्य में सफलता मिलने के अच्छे योग बनते हैं।
- मिथुन संक्रांति पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावशाली उपाय आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें। इससे आत्मबल, आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है।
- मिथुन संक्रांति पर पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें और उसकी सात बार परिक्रमा करें। इससे सेहत में बेहतर सुधार आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Somvati Amavasya 2026: 15 जून को बन रहा दुर्लभ शुभ योग, जानें पितृ तर्पण, दान और गौ सेवा का महत्व
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।