फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Puri Ratha Yatra 2026 Importance And Significanc When Lord Jagannath Visits His Aunt House

Puri Ratha Yatra 2026: शुभ योग में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा कल, जानिए तिथि और धार्मिक महत्व

Wed, 15 Jul 2026 04:22 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 15 Jul 2026 04:22 PM IST
सार

Puri Ratha Yatra 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को पुरी में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग अपने-अपने रथों पर सवार होकर नगर का भ्रमण करते हुए गुंडीचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं।

विज्ञापन
Puri Ratha Yatra 2026 Importance And Significanc When Lord Jagannath Visits His Aunt House
जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : amar ujala

विस्तार

Puri Ratha Yatra 2026:  गुरुवार, 16 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आरंभ हो रही है। हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को बहुत ही विशेष और पवित्र माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को पुरी में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग अपने-अपने रथों पर सवार होकर नगर का भ्रमण करते हुए गुंडीचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में लाखों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं और भगवान के रथ को अपने हाथ से खींचकर सौभाग्य की प्राप्ति करते हैं। इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रथयात्रा के दर्शन करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस बार पुरी जगन्नाथ के दिन शुभ रवि योग बनेगा। आइए जानते हैं जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व। 

विज्ञापन


पुरी रथ यात्रा 2026 का पूरा कैलेंडर
रथ यात्रा - आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 16 जुलाई 2026
हेरा पंचमी- 20 जुलाई 2026
सुना बेष- 23 जुलाई 2026
बहुड़ा यात्रा- 24 जुलाई 2026
नीलाद्रि बिजय- 28 जुलाई 2026

जगन्नाथ रथयात्रा का धार्मिक महत्व
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ इस तिथि पर अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। जहां पर कुछ दिनों तक विश्राम और प्रवास करने के बाद दोबारा से श्रीमंदिर लौटते हैं। इस रथ यात्रा में हर वर्ग, जाति और समुदाय के लोग रथ को खींचते हैं। ऐसी मान्यता है कि रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा में शामिल होकर उनके दर्शन और रस्सी खींचने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जगन्नाथ रथ यात्रा भगवान के प्रति भक्ति, अटूट विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त पहुंचकर इस भगवान के दिव्य दर्शन करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। रथ यात्रा के लिए नीम की लकड़ियों से तीन भव्य रथ बनाए जाते हैं। सबसे आगे बलराम जी का रथ 'तालध्वज' (लाल-हरा रंग), मध्य में सुभद्रा जी का रथ 'दर्पदलन' या 'पद्मरथ' (नीला-काला रंग) और पीछे जगन्नाथ जी का रथ 'नंदिघोष' या 'गरुड़ध्वज' (लाल-पीला रंग) होता है। जगन्नाथ जी का रथ 45.6 फीट, बलराम जी का 45 फीट और सुभद्रा जी का रथ 44.6 फीट ऊँचा होता है।

विज्ञापन


Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा का रहस्य, जानें क्यों खींचे जाते हैं रथ और क्या है इसका महत्व
विज्ञापन
विज्ञापन


Jagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा से नीलाद्री बीजे तक, जानें जगन्नाथ यात्रा के हर दिन का महत्व

Guru Purnima 2026: 28 या 29 जुलाई, कब रखा जाएगा गुरु पूर्णिमा का व्रत? जानें सही तारीख और महत्व


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed