{"_id":"6a6732ad97acdfab9607779f","slug":"raksha-bandhan-2026-and-chandra-grahan-timing-on-purnima-know-impact-on-rakhi-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ राशि में और रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्रगहण, जानिए क्या राखी बांधने पर होगा असर ?","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
कुंभ राशि में और रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्रगहण, जानिए क्या राखी बांधने पर होगा असर ?
Mon, 27 Jul 2026 03:58 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 27 Jul 2026 03:58 PM IST
सार
इस बार रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। सावन पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लगने से क्या राखी बांधने के समय में दिक्कतें आइए आइए जानते हैं।
विज्ञापन
इस साल रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Raksha Bandhan 2026: इस वर्ष रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। हिंदू धर्म में ग्रहण का विशेष धार्मिक महत्व होता है। साल का दूसरा चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा शनि के स्वाामित्व वाली राशि कुंभ रहेंगे, इस तरह से चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा। रक्षाबंधन के दिन ग्रहण के साए का असर देखने को मिलेगा। इस वर्ष रक्षा बंधन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन होगा। यानी सावन की समाप्ति पर होगा। हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना के लिए समर्पित होता है।
सावन में ग्रहण का साया
30 जुलाई को सावन का महीना शुरू होने वाला है। सावन के महीने में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने की मान्यता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, तब वहां से विष भी निकला था। इस विष के प्रभाव से समूची सृष्टि से हाहाकार मच गया था, तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंड में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव के कारण भगवान शिव का शरीर नीला पड़ गया। तब विष के प्रभाव को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने भगवान शिव के ऊपर लगातार जल अर्पित किया था, जिसके कारण विष का प्रभाव कम हुआ था। इस बार सावन में दो ग्रहण होंगे जिसमें सूर्य और चंद्र ग्रहण। जो सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण पड़ेगा। सावन अमावस्या 12 अगस्त को और सावन पूर्णिमा 29 अगस्त को है।
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण
इस वर्ष रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया देखने को मिलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 28 अगस्त शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। 28 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा। यह चंद्र ग्रहण साल का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा, जो सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक चलेगा। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण सुबह के समय लगेगा, जिसके चलते चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देने के चलते यह मान्य नहीं होगा और इसका सूतक काल भी नहीं माना जाएगा। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण लगने से राखी बांधने के समय में कोई असर नहीं होगा। रक्षाबंधन के पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।
विज्ञापन
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राशि अनुसार दें गुरु को खास उपहार, खुलेंगे उन्नति के द्वार
Sawan 2026: सावन में इन मंत्रों का जाप बदल सकता है आपकी किस्मत, दूर होंगे कर्ज और दुख
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
सावन में ग्रहण का साया
30 जुलाई को सावन का महीना शुरू होने वाला है। सावन के महीने में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने की मान्यता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, तब वहां से विष भी निकला था। इस विष के प्रभाव से समूची सृष्टि से हाहाकार मच गया था, तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंड में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव के कारण भगवान शिव का शरीर नीला पड़ गया। तब विष के प्रभाव को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने भगवान शिव के ऊपर लगातार जल अर्पित किया था, जिसके कारण विष का प्रभाव कम हुआ था। इस बार सावन में दो ग्रहण होंगे जिसमें सूर्य और चंद्र ग्रहण। जो सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण पड़ेगा। सावन अमावस्या 12 अगस्त को और सावन पूर्णिमा 29 अगस्त को है।
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण
इस वर्ष रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया देखने को मिलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 28 अगस्त शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। 28 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा। यह चंद्र ग्रहण साल का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा, जो सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक चलेगा। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण सुबह के समय लगेगा, जिसके चलते चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देने के चलते यह मान्य नहीं होगा और इसका सूतक काल भी नहीं माना जाएगा। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण लगने से राखी बांधने के समय में कोई असर नहीं होगा। रक्षाबंधन के पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।
विज्ञापन
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राशि अनुसार दें गुरु को खास उपहार, खुलेंगे उन्नति के द्वार
Sawan 2026: सावन में इन मंत्रों का जाप बदल सकता है आपकी किस्मत, दूर होंगे कर्ज और दुख
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।