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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Hariyali Teej 2026 Vrat Date Time Importance Teej Fast Rules and Significance in Hindi

Hariyali Teej 2026: कब है हरियाली तीज 14 या 15 अगस्त ? जानिए तिथि,पूजा शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Wed, 12 Aug 2026 04:23 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 12 Aug 2026 04:23 PM IST
सार

Hariyali Teej 2026: 

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Hariyali Teej 2026 Vrat Date Time Importance Teej Fast Rules and Significance in Hindi
हरियाली तीज 2026 - फोटो : AI

विस्तार

Hariyali Teej 2026: हिंदू धर्म में हरियाली तीज के पर्व का विशेष महत्व होता है। इस पर्व में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक का माना जाता है। इसमें सुहागिन महिलाएं व्रत रखते हुए, 16 श्रृंगार करती हैं और झूला झूलती हैं। फिर भगवान शिव और देवी पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा करते हुए सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्ति करती है। आइए जानते हैं इस हरियाली तीज की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व। 
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कब है हरियाली तीज 
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगी, जिसका समापन 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त को होगा। 
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हरियाली तीज शुभ मुहूर्त 2026
हरियाली तीज पर ब्रह्रा मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से लेकर 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 06 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। अमृतकाल रात 08 बजकर 18 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 53 बजे तक रहेगा। 
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हरियाली तीज का धार्मिक महत्व 
हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था, तब उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार्य किया था। तभी से हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और संपन्नता के लिए भगवान शिव और माता पार्वती से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की कामना में हरियाली तीज पर व्रत और पूजा करती हैं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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