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Asian Games: एथलेटिक्स टीम में 72 खिलाड़ियों में 38 बेटियां; CWG पदक विजेता यशवीर-सेल्वाप्रभु को नहीं मिली जगह
सार
भारत की 72 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में पहली बार पुरुषों (34) से ज्यादा महिला एथलीट (38) शामिल हैं। नीरज चोपड़ा, पारुल चौधरी समेत पांचों पिछली बार के स्वर्ण विजेता टीम में हैं। राष्ट्रमंडल पदक विजेता यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु को जगह नहीं मिली, जबकि अनुरानी को प्रदर्शन साबित करने का मौका दिया गया है।
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एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से होने जा रहा
- फोटो : ANI
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विस्तार
जापान के आयची और नगोया में 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट्स से काफी उम्मीदें हैं। हाल ही में हुए ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय दल एशियाड में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेगा। हांगझोउ एशियाई खेलों में भारत के पदकों के शतकीय प्रदर्शन (106 पदक) में सबसे बड़ा 29 पदकों का योगदान एथलेटिक्स का था।
तब एथलेटिक्स में भारत को छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य समेत 29 पदक मिले थे। भारत ने पिछले एशियाड में कुल 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य समेत कुल 107 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। इस बार भी एथलेटिक्स में पिछले प्रदर्शन को और बेहतर करने की उम्मीद की जा रही है। इस बार पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने एशियाड के लिए पुरुषों के मुकाबले महिला एथलीटों पर ज्यादा भरोसा जताया है।
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तब एथलेटिक्स में भारत को छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य समेत 29 पदक मिले थे। भारत ने पिछले एशियाड में कुल 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य समेत कुल 107 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। इस बार भी एथलेटिक्स में पिछले प्रदर्शन को और बेहतर करने की उम्मीद की जा रही है। इस बार पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने एशियाड के लिए पुरुषों के मुकाबले महिला एथलीटों पर ज्यादा भरोसा जताया है।
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जापान में कुल 72 भारतीय एथलीट शिरकत करने जा रहे हैं और इनमें 34 पुरुषों के मुकाबले 38 महिला एथलीटों की संख्या अधिक है। एथलेटिक्स दल में राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह और ट्रिपल जंप में पदक जीतने वाले सेल्वाप्रभु टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। ट्रायल में इनसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों को टीम में जगह दी गई है। वहीं, फॉर्म में नहीं चल रहीं पिछले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनुरानी को टीम में जगह दी गई है।
पांचों स्वर्ण विजेता फिर लगाएंगे जोर
- हांगझोउ एशियाड, जो कि 2022 की जगह 2023 में आयोजित हुआ था, उसमें 35 पुरुष, 33 महिला एथलीटों समेत कुल 68 एथलीटों ने शिरकत की थी। इस बार चार एथलीट ज्यादा जा रहे हैं।
- पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), तजिंदर पाल सिंह तूर (शॉटपुट), पारुल चौधरी (पांच हजार मीटर), अनुरानी (जेवलिन थ्रो) सभी टीम में हैं।
- इनके अलावा गुलवीर सिंह (पांच और 10 हजार) से उम्मीदें हैं। चार गुणा चार सौ मीटर रिले में राजेश रमेश, टीके विशाल, जय कुमार, मनु, धर्मवीर चौधरी, मोहम्मद अशफाक को रखा है।
- इस इवेंट में भारत ने हांगझोउ में स्वर्ण जीता था। पारुल 3000 स्टीपलचेज, 1500 और 5000 में उतरेंगी
ट्रायल में अव्वल रोहित को यशवीर पर वरीयता
- पुरुषों की चार गुणा सौ मीटर रिले टीम को नहीं उतारा जा रहा है। हालांकि लांग लिस्ट में रिले टीम का नाम था।
- उम्मीद की जा रही थी कि ग्लासगो में 85 मीटर से ऊपर भाला फेंककर कांस्य जीतने वाले यशवीर को टीम में जगह मिलेगी, लेकिन ट्रायल में 87 मीटर से ऊपर भाला फेंकने वाले रोहित यादव को वरीयता दी गई।
- एक इवेंट में दो एथलीट ही शिरकत कर सकते हैं। इस वजह से यशवीर शामिल नहीं हो पाए। शॉटपुट में ट्रायल में शीर्ष पर रहने वाले करनवीर को जगह मिली है।
- दूसरे एथलीट तूर हैं। समरदीप सिंह गिल टीम में जगह नहीं बना पाए। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल, कार्तिक उन्नीकृष्णन टीम में हैं।
अनुरानी को क्वालिफाइंग मार्क करना होगा पार
अनुरानी को पिछले एशियाड के प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह दी गई। उन्होंने भुवनेश्वर में 56.74 मीटर भाला फेंका था, लेकिन वह 57.62 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क को पार नहीं कर पाईं। सूत्र बताते हैं कि सत्र में खराब प्रदर्शन के बावजूद अनु को टीम में रखा जरूर गया है, लेकिन उन्हें एशियाई खेलों से पहले कुछ टूर्नामेंट में क्वालिफिकेशन मार्क को पार करना होगा और अपने प्रदर्शन को साबित करना होगा।
अनुरानी को पिछले एशियाड के प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह दी गई। उन्होंने भुवनेश्वर में 56.74 मीटर भाला फेंका था, लेकिन वह 57.62 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क को पार नहीं कर पाईं। सूत्र बताते हैं कि सत्र में खराब प्रदर्शन के बावजूद अनु को टीम में रखा जरूर गया है, लेकिन उन्हें एशियाई खेलों से पहले कुछ टूर्नामेंट में क्वालिफिकेशन मार्क को पार करना होगा और अपने प्रदर्शन को साबित करना होगा।