Explainer: मिस्र ने क्यों लगाए रेफरी और फीफा पर गंभीर आरोप? अर्जेंटीना के खिलाफ मैच का पूरा विवाद यहां समझें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन मुकाबले के बाद विवाद खड़ा हो गया। मिस्र के कोच होसाम हसन और खिलाड़ियों ने रेफरी और VAR पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि टीम के साथ अन्याय हुआ और अर्जेंटीना को आगे बढ़ाने के लिए फैसले लिए गए।
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विस्तार
अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में शुरुआती 78 मिनट में मिस्र ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। यासेर इब्राहिम के गोल से मिस्र ने बढ़त बनाई, जबकि दूसरे हाफ में मोस्तफा जिको ने स्कोर 2-0 कर दिया। इससे पहले जिको का एक और शानदार गोल VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) की समीक्षा के बाद फाउल बताकर रद्द कर दिया गया था। अर्जेंटीना को पहले हाफ में पेनल्टी भी मिली, लेकिन लियोनल मेसी उसे गोल में नहीं बदल सके।
मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शौबीर ने शानदार बचाव किया। हालांकि, 79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो ने अर्जेंटीना की वापसी की शुरुआत की। इसके बाद 83वें मिनट में मेसी ने बराबरी का गोल दागा और इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडीज ने विजयी गोल कर टीम को 3-2 से क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। हालांकि, यह मैच अर्जेंटीना की दमदार वापसी की कहानी रही, लेकिन अब इस मैच के कुछ फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। फैंस के साथ साथ मिस्र के फॉरवर्ड जिको और कोच होसाम हसन ने मेसी और फीफा अध्यक्ष इनफैनटिनो पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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किन फैसलों पर भड़का मिस्र?
- मैच खत्म होने के बाद मिस्र ने कई रेफरिंग फैसलों पर सवाल उठाए। विवाद की शुरुआत जिको के उस गोल से हुई, जिसे VAR ने बिल्ड-अप में लिसांद्रो मार्टिनेज पर हुए कथित फाउल के आधार पर रद्द कर दिया।
- इसके बाद मिस्र ने मोहम्मद सलाह पर बॉक्स के अंदर हुए कथित फाउल पर पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने खेल जारी रखा। यही नहीं, अर्जेंटीना के तीसरे गोल से पहले एलेक्सिस मैक एलिस्टर द्वारा मिस्र के हम्दी फाथी की जर्सी खींचे जाने का भी आरोप लगाया गया।
- मिस्र का आरोप है कि इस घटना की VAR ने जांच तक नहीं की। उनका कहना है कि मोहम्मद सालाह समेत मिस्र के खिलाड़ियों ने रेफरी से अपील की थी, लेकिन रेफरी ने एक नहीं सुनी और VAR का सहारा लिया तक नहीं।
- इन फैसलों से नाराज होकर मिस्र की बेंच ने भी विरोध जताया, जिसमें कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य को रेड कार्ड तक दिखाया गया। कोच और कुछ खिलाड़ियों को यलो कार्ड दिखाया गया।
Egypt thought they had doubled their lead against Argentina until VAR wiped the goal away because of a foul that happened 100+ yards from where the goal was scored. pic.twitter.com/qVAsaWAS3o
— Caleb (@CalebDesignsX) July 7, 2026
- मैच के बाद मिस्र के कोच होसाम हसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेफरिंग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मैं इसे सिर्फ बदकिस्मती नहीं कहूंगा। आज हमारे साथ धोखा हुआ है। हमारे साथ अन्याय हुआ है।'
- उन्होंने आगे कहा, 'हमें न सम्मान मिला और न ही निष्पक्ष खेल देखने को मिला। हमारे लिए साफ पेनल्टी नहीं दी गई। हमारे दूसरे गोल को रद्द कर दिया गया। हमारी एक और पेनल्टी की अपील पर VAR ने जांच तक नहीं की, जबकि सभी ने देखा कि हमारे खिलाड़ी की जर्सी खींची गई थी।'
- हसन ने यहां तक कह दिया कि अब वह इस विश्व कप के बाकी मैच नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं अब इस विश्व कप के बाकी मुकाबले नहीं देखूंगा। यही मेरा विरोध दर्ज कराने का तरीका है।'
Zico should have been the man of the match. His goal was disallowed yet he scored again a classic one to confirm. pic.twitter.com/f3Lmxt1AdG
— Mr Clean (@MrCleanKE) July 7, 2026
- होसाम हसन ने बीइन स्पोर्ट्स से बातचीत में और भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'शायद वे मौजूदा विश्व चैंपियन को टूर्नामेंट में बनाए रखना चाहते थे। शायद वे चाहते थे कि मेसी खिताब की दौड़ में बने रहें। फुटबॉल में कभी-कभी तकनीकी पहलुओं से इतर भी कई बातें होती हैं। मुझे लगता है कि विश्व चैंपियन टीम को हर स्तर पर समर्थन मिला।'
- उन्होंने मैच के दोपहर 12 बजे शुरू होने के समय पर भी सवाल उठाए। हसन ने कहा, 'जिसने भी दोपहर 12 बजे मैच रखने का फैसला किया, उसने शायद कभी फुटबॉल नहीं खेला। उस समय खिलाड़ी मैदान में नहीं उतरते। तब तो लोग टहलने या ब्रंच करने जाते हैं। खिलाड़ियों को आखिर सुबह साढ़े सात बजे खाना कैसे खिलाया जा सकता है? मैदान के अंदर और बाहर कई सवाल हैं जिनका जवाब मिलना चाहिए।'
'खेलों में भी निष्पक्षता क्यों नहीं दिखी?'
- होसाम ने कहा, 'जिंदगी हमेशा निष्पक्ष नहीं होती। दुनिया भी हमेशा निष्पक्ष नहीं होती। ठीक है, लेकिन खेलों में भी निष्पक्षता क्यों नहीं दिखी? मैं इस नतीजे और जिस तरह यह मैच आगे बढ़ा, उससे बिल्कुल संतुष्ट नहीं हूं।'
- होसाम ने कहा, 'रेफरी ने निष्पक्षता नहीं दिखाई। अल्लाह हमारे लिए काफी है और वही सबसे अच्छा फैसला करने वाला है। उसने पूरे देश की मेहनत पर पानी फेर दिया। ऐसा लगता है कि यह विश्व कप अर्जेंटीना के लिए तय कर दिया गया है।'
- मिस्र के स्टार खिलाड़ी मोस्तफा जिको ने भी रेफरी के फैसलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'हमने विश्व चैंपियन के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। दूसरे हाफ में क्या हुआ, मुझे नहीं पता। ऐसी चीजें हुईं जिन्हें पूरी दुनिया ने देखा। सब कुछ दिन के उजाले की तरह साफ था। ये अनफेयर था...अनफेयर था...अनफेयर था।
- जिको ने कहा, 'रेफरी ने निष्पक्षता नहीं दिखाई। यह साफ तौर पर अन्याय था। उसने पूरे देश की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुरुआत से ही उसके फैसले हमारे खिलाफ थे। यह मैच पहले से तय (फिक्स) था। मेरे लिए अल्लाह ही सबसे बड़े न्यायाधीश और सबसे अच्छे संरक्षक हैं।
- जिको ने कहा, 'मिस्र के सभी लोगों से मैं माफी मांगता हूं। हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन रेफरी के फैसलों ने हमें ऐसा नहीं करने दिया। यह टूर्नामेंट पहले से तय किया गया लगता है। अर्जेंटीना को एक और विश्व कप जीतने की अग्रिम बधाई। अगर अर्जेंटीना केवल अपने खेल के दम पर जीतती तो बात अलग होती।'
- मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी रेफरिंग और VAR को लेकर बहस छिड़ गई। कई प्रशंसकों ने मिस्र के साथ हुए फैसलों को विवादास्पद बताया, जबकि बड़ी संख्या में अर्जेंटीना समर्थकों का कहना था कि टीम ने आखिरी मिनटों में शानदार खेल दिखाकर जीत हासिल की और परिणाम पूरी तरह खेल के आधार पर तय हुआ।
- इसी बीच इंग्लैंड के वरिष्ठ फुटबॉल पत्रकार हेनरी विंटर ने जिको का गोल रद्द होने पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि 'अगर VAR बिल्ड-अप में और पीछे चला जाता तो शायद तुतनखामुन भी उस मूव का हिस्सा निकल आते।' उन्होंने यह भी कहा कि जिको का रद्द किया गया गोल टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन गोलों में से एक हो सकता था, जिसमें 80 यार्ड कवर किया गया।
दुनियाभर की फुटबॉल हस्तियों ने भी मिस्र के पक्ष में आवाज उठाई और VAR के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए।
- जोस मोरिन्हो: दिग्गज कोच जोस मोरिन्हो ने इस नतीजे को दिनदहाड़े हुई लूट करार दिया। उन्होंने VAR के फैसले में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब खेल 80 गज आगे बढ़ चुका था और गोल भी हो गया था, तो फिर उसे पीछे जाकर रद्द करने का क्या औचित्य था?
- जेमी कैराघर: लिवरपूल के पूर्व डिफेंडर ने फैसले में असंगति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि अगर यही गोल किसी दूसरी टीम के खिलाफ हुआ होता, तो इसे मान्य कर दिया जाता।' उन्होंने आगे कहा कि इंग्लिश प्रीमियर लीग, ला लीगा या सीरी-ए जैसी शीर्ष लीगों में VAR समीक्षा के बाद भी इस गोल को वैध माना जाता।
- थियरी हेनरी: वहीं, फ्रांस के पूर्व दिग्गज फुटबॉलर थियरी हेनरी ने कहा कि अर्जेंटीना और मिस्र मैच का सबसे बड़ा विवाद किसी एक फैसले से नहीं, बल्कि VAR के इस्तेमाल में एकरूपता की कमी से जुड़ा है। उनके मुताबिक, मिस्र के रद्द किए गए गोल की लंबी समीक्षा हुई, लेकिन बाद में उसकी पेनल्टी अपीलों पर उसी स्तर की जांच नहीं की गई, जिससे प्रशंसकों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है
- थियरी हेनरी: हेनरी ने कहा कि अर्जेंटीना की शानदार वापसी की सराहना की जानी चाहिए, वहीं मिस्र भी सम्मान का हकदार है क्योंकि उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनके अनुसार, इतिहास में अर्जेंटीना की जीत दर्ज होगी, लेकिन VAR को लेकर बहस जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि विश्व कप के बाद चर्चा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होनी चाहिए, रेफरिंग पर नहीं।
⁉️💥 ¿Da para penalti la acción entre Mac Allister y Fathy?
— Archivo VAR (@ArchivoVAR) July 7, 2026
✅ 𝗡𝗢.
👉🏻 Si bien existe un ligero agarrón, no es suficiente para condicionar la acción del jugador que, tras sentirlo, se deja caer.
▪️Además, el balón no se encuentra en la zona de infleuncia de ambos. pic.twitter.com/V9jKefApQJ
⁉️💥 ¿Hay penalti en la acción entre Nico González y Salah?
— Archivo VAR (@ArchivoVAR) July 7, 2026
✅ 𝗡𝗢.
👉🏻 El jugador argentino intercepta el balón y, tras ello, se produce un contacto no punible.
▪️ Por tanto, no existe ninguna infracción previa revisable en el tercer gol de Argentina. pic.twitter.com/VuZXwk7RPK
विवादों के बावजूद अर्जेंटीना ने 3-2 की जीत के साथ लगातार दूसरी बार विश्व कप क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब गत चैंपियन टीम का सामना 72 साल बाद अंतिम-8 में पहुंची स्विट्जरलैंड से होगा। दूसरी ओर, मिस्र के लिए यह हार सिर्फ टूर्नामेंट से बाहर होने तक सीमित नहीं रही, बल्कि रेफरिंग और VAR को लेकर उठे सवालों ने इस मुकाबले को विश्व कप 2026 के सबसे चर्चित मैचों में शामिल कर दिया।