{"_id":"6a3953c5da5626003204fd55","slug":"fifa-world-cup-2026-germany-suffer-major-blow-as-schlotterbeck-ruled-out-of-wc-due-to-ankle-injury-know-2026-06-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"FIFA World Cup 2026: जर्मनी को लगा बड़ा झटका, स्टार डिफेंडर निको श्लोटरबेक टूर्नामेंट से बाहर","category":{"title":"Football","title_hn":"फुटबॉल","slug":"football"}}
FIFA World Cup 2026: जर्मनी को लगा बड़ा झटका, स्टार डिफेंडर निको श्लोटरबेक टूर्नामेंट से बाहर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Mon, 22 Jun 2026 08:55 PM IST
विज्ञापन
सार
फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि स्टार डिफेंडर निको श्लोटरबेक टखने की गंभीर चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अब एंटोनियो रुडिगर के नॉकआउट मुकाबलों में जर्मनी की रक्षा पंक्ति की जिम्मेदारी संभालने की संभावना है।
फीफा विश्व कप 2026
- फोटो : @FIFAcom
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण से पहले जर्मनी की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख डिफेंडर निको श्लोटरबेक गंभीर टखने की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। यह चोट उन्हें आइवरी कोस्ट के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी।
मैच के दौरान लगी चोट
जर्मनी ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, लेकिन इस जीत की खुशी श्लोटरबेक की चोट ने फीकी कर दी। मुकाबले के दौरान उनके बाएं टखने में चोट लगी, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उनका उपचार किया। हालांकि, उन्होंने खेल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन दर्द बढ़ने के कारण उन्हें हाफ टाइम में मैदान छोड़ना पड़ा।
जर्मनी ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, लेकिन इस जीत की खुशी श्लोटरबेक की चोट ने फीकी कर दी। मुकाबले के दौरान उनके बाएं टखने में चोट लगी, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उनका उपचार किया। हालांकि, उन्होंने खेल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन दर्द बढ़ने के कारण उन्हें हाफ टाइम में मैदान छोड़ना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमआरआई रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एमआरआई स्कैन में श्लोटरबेक के बाएं टखने के मेडियल लिगामेंट को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। इस तरह की चोट से उबरने में आमतौर पर करीब दो महीने का समय लगता है। ऐसे में उनका विश्व कप में वापसी करना संभव नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एमआरआई स्कैन में श्लोटरबेक के बाएं टखने के मेडियल लिगामेंट को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। इस तरह की चोट से उबरने में आमतौर पर करीब दो महीने का समय लगता है। ऐसे में उनका विश्व कप में वापसी करना संभव नहीं है।
जर्मनी की रक्षा पंक्ति को बड़ा नुकसान
श्लोटरबेक ने टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था और वह जोनाथन ताह के साथ जर्मनी की डिफेंस का अहम हिस्सा बन चुके थे। उनकी गेंद पर पकड़, शांत खेल और बाएं हिस्से से मजबूत रक्षात्मक योगदान ने उन्हें टीम का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया था।
श्लोटरबेक ने टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था और वह जोनाथन ताह के साथ जर्मनी की डिफेंस का अहम हिस्सा बन चुके थे। उनकी गेंद पर पकड़, शांत खेल और बाएं हिस्से से मजबूत रक्षात्मक योगदान ने उन्हें टीम का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया था।
एंटोनियो रुडिगर को मिल सकता है मौका
श्लोटरबेक की गैरमौजूदगी में अनुभवी डिफेंडर एंटोनियो रुडिगर की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। रुडिगर ने आइवरी कोस्ट के खिलाफ दूसरे हाफ में उनकी जगह मैदान संभाला था। हाल ही में चोट से वापसी करने वाले रुडिगर शुरुआती एकादश में अपनी जगह गंवा चुके थे, लेकिन अब नॉकआउट मुकाबलों में उन्हें नियमित भूमिका मिल सकती है।
श्लोटरबेक की गैरमौजूदगी में अनुभवी डिफेंडर एंटोनियो रुडिगर की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। रुडिगर ने आइवरी कोस्ट के खिलाफ दूसरे हाफ में उनकी जगह मैदान संभाला था। हाल ही में चोट से वापसी करने वाले रुडिगर शुरुआती एकादश में अपनी जगह गंवा चुके थे, लेकिन अब नॉकआउट मुकाबलों में उन्हें नियमित भूमिका मिल सकती है।
उंडाव के दो गोल पड़े फीके
आइवरी कोस्ट के खिलाफ जर्मनी की जीत में डेनिज उंडाव ने दो गोल दागकर अहम भूमिका निभाई। हालांकि, मैच के बाद चर्चा का मुख्य विषय श्लोटरबेक की चोट रही, जिसने जर्मन खेमे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जर्मनी अब नॉकआउट चरण में अपने स्टार डिफेंडर के बिना मैदान में उतरेगा और टीम प्रबंधन को रक्षा पंक्ति में नए संयोजन के साथ आगे की रणनीति तैयार करनी होगी।
आइवरी कोस्ट के खिलाफ जर्मनी की जीत में डेनिज उंडाव ने दो गोल दागकर अहम भूमिका निभाई। हालांकि, मैच के बाद चर्चा का मुख्य विषय श्लोटरबेक की चोट रही, जिसने जर्मन खेमे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जर्मनी अब नॉकआउट चरण में अपने स्टार डिफेंडर के बिना मैदान में उतरेगा और टीम प्रबंधन को रक्षा पंक्ति में नए संयोजन के साथ आगे की रणनीति तैयार करनी होगी।