सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Football ›   Messi Rewrites World Cup History Before Turning 39, Earns Praise from Zlatan Ibrahimovic

मेसी विश्वकप के सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर: पेनल्टी मिस होने, उम्र और फिटनेस को लेकर क्या कहा? ज्लातान भी हुए मुरीद

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 23 Jun 2026 11:01 AM IST
विज्ञापन
सार

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ने अपने 39वें जन्मदिन से ठीक पहले फीफा विश्वकप 2026 में इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर उन्होंने विश्वकप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह विश्वकप में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले खिलाड़ी भी बन गए। मेसी के इस प्रदर्शन की तारीफ पूर्व स्वीडिश स्टार ज्लाटन इब्राहिमोविच ने भी की। 

Messi Rewrites World Cup History Before Turning 39, Earns Praise from Zlatan Ibrahimovic
मेसी और ज्लातान इब्राहिमोविच - फोटो : IANS/Twitter
विज्ञापन

विस्तार

फुटबॉल की दुनिया में शायद ही कोई रिकॉर्ड बचा हो जिसे लियोनल मेसी ने नहीं छुआ हो। लेकिन फीफा विश्वकप 2026 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया और दोनों गोल मेसी ने किए। पहला गोल 38वें मिनट में आया, जिसने उन्हें जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज से आगे पहुंचा दिया।



इसके बाद इंजरी टाइम में दूसरा गोल कर उन्होंने विश्वकप में अपने कुल गोलों की संख्या 18 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही मेसी पुरुष विश्वकप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इतना ही नहीं, यह अर्जेंटीना की विश्वकप में उनकी 18वीं जीत भी थी, जिससे उन्होंने क्लोजे के 17 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

उम्र नहीं, फिटनेस पर है पूरा ध्यान
24 जून को 39 साल के होने जा रहे मेसी ने मैच के बाद साफ कहा कि वह अपनी उम्र के बारे में नहीं सोचते। मेसी ने कहा, 'मैं अपनी उम्र के बारे में समय नहीं बिताता। मेरा पूरा ध्यान खुद को फिट और स्वस्थ रखने पर है। मैं शारीरिक रूप से अच्छा महसूस कर रहा हूं और शायद इसी वजह से पहले से बेहतर खेल पा रहा हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्डन के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच में खेलना है या नहीं, इसका फैसला कोच लियोनल स्कालोनी करेंगे। मेसी ने कहा, 'कोच तय करेंगे कि मैं खेलूंगा या नहीं, या कितना खेलूंगा। मैं खुश हूं कि इस टीम का हिस्सा हूं। यह टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कभी ढीली नहीं पड़ती।'

पेनल्टी मिस हुई, लेकिन फिर संभाल लिया मैच
मेसी की शाम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। उन्होंने शुरुआती मिनटों में पेनल्टी गंवा दी थी। इस बारे में उन्होंने कहा, 'पेनल्टी मिस होने का असर टीम पर थोड़ा पड़ा था। हमने दो-तीन साफ मौके भी गंवाए। हम खेल को नियंत्रित कर रहे थे, लेकिन गेंद गोल में नहीं जा रही थी। बाद में हमने वापसी की और तेज तथा आक्रामक फुटबॉल खेली।' उन्होंने आगे कहा, 'यह टीम हर मुकाबले में पूरी ताकत से लड़ती है। हम बेहतर या खराब खेल सकते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा करने का हमारा जज्बा कभी नहीं बदलता।'
विज्ञापन

इब्राहिमोविच भी हुए मेसी के फैन
मेसी के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। उनके पूर्व बार्सिलोना साथी और स्वीडन के दिग्गज स्ट्राइकर ज्लाटन इब्राहिमोविच भी उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सके। इब्राहिमोविच ने कहा, 'कभी-कभी वह इंसान लगते हैं, जैसे जब उन्होंने पेनल्टी मिस की। लेकिन अगले ही पल वह कुछ ऐसा कर देते हैं जिससे लगता है कि वह इंसान नहीं हैं। यही मेसी हैं।' उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'इस विश्वकप में अब तक यह मेसी का टूर्नामेंट रहा है। उन्होंने अभी जॉर्डन के खिलाफ खेला भी नहीं है, इसलिए पता नहीं यह कहानी कहां जाकर रुकेगी।' इसके बाद इब्राहिमोविच ने अपनी तुलना करते हुए कहा, 'दो मैचों में मेसी के पांच गोल हैं। मैंने दो विश्वकप खेले और मेरे नाम एक भी गोल नहीं है। मैं उनके लिए खुश हूं और उम्मीद करता हूं कि वह इसी तरह खेलते रहें।'

छह लगातार विश्वकप मैचों में गोल
मेसी का रिकॉर्ड सिर्फ सबसे ज्यादा गोल तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रिया के खिलाफ गोल करने के साथ उन्होंने लगातार छह विश्वकप मैचों में गोल करने का कारनामा भी दोहराया। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले वह इतिहास के केवल तीसरे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले फ्रांस के जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जाइरजिन्हो यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे। इसके अलावा मेसी अब मिरोस्लाव क्लोज के बाद दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग विश्वकप में चार या उससे ज्यादा गोल किए हैं।

गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे
ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोलों के बाद मेसी के नाम मौजूदा विश्वकप में पांच गोल हो गए हैं। वह फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालंद चार-चार गोल के साथ उनका पीछा कर रहे हैं। ऐसे में नॉकआउट चरण में गोल्डन बूट की यह जंग और भी रोमांचक होने वाली है।

पिता की चिंता के बीच मैदान पर कमाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेसी इन दिनों अपने पिता की खराब सेहत को लेकर भी चिंतित हैं। इसके बावजूद उन्होंने मैदान पर ऐसा प्रदर्शन किया जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मौके पर वह क्यों दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। 39वें जन्मदिन से पहले मेसी ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम और गहरा कर दिया है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि यह महान खिलाड़ी विश्वकप 2026 में और कितने रिकॉर्ड अपने नाम करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed