फुटबॉल की सबसे बड़ी जंग: क्या फीफा विश्वकप 2026 में भिड़ सकते हैं मेसी-रोनाल्डो? खेल नहीं, विरासत होगी दांव पर
फीफा वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि शायद फुटबॉल के सबसे महान प्रतिद्वंद्विता का आखिरी अध्याय हो। मेसी बनाम रोनाल्डो, यह मुकाबला गोलों से कहीं आगे, विरासत और इतिहास की लड़ाई है। चाहे वे फाइनल में आमने-सामने हों या उससे पहले, एक बात तय है कि दुनिया की निगाहें एक बार फिर ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम पर टिकी होंगी, शायद आखिरी बार।
विस्तार
लियोनल मेसी बनाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो, सिर्फ ये नाम ही स्टेडियम खचाखच भर देने और करोड़ों फैंस को टीवी स्क्रीन से चिपका देने के लिए काफी हैं। यह प्रतिद्वंद्विता 2008 में आकार लेने लगी और 2009 में यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल में अपने पहले शिखर पर पहुंची, जहां बार्सिलोना ने मैनचेस्टर यूनाइटेड को हराया और मेसी ने बाजी मारी।
इसके बाद जब रोनाल्डो रियल मैड्रिड पहुंचे, तो एल क्लासिको फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच बन गया। 2018 तक दोनों खिलाड़ी लगभग हर सीजन आमने-सामने आए, कई बार एक ही साल में तीन से ज्यादा मुकाबले हुए। इस दौर में दोनों ने एक-दूसरे को लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया और फुटबॉल को कला, ताकत और गोलों की बारिश का संगम बना दिया।
बैलन डी’ओर से G.O.A.T बहस तक
मेसी और रोनाल्डो ने मिलकर एक दशक से ज्यादा समय तक विश्व फुटबॉल पर राज किया।मेसी ने सात बैलन डी’ओर जीते, जबकि रोनाल्डो के नाम पांच बैलन डी’ओर हैं। यह आंकड़े सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि उस दौर की पहचान हैं जब फुटबॉल दो ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमता था।आज दोनों यूरोपीय फुटबॉल की पारंपरिक चमक से दूर हैं, मेसी अमेरिका में इंटर मियामी के लिए खेल रहे हैं, जबकि रोनाल्डो सऊदी प्रो लीग में अल नास्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आमतौर पर ऐसे बदलाव को करियर के ढलान के रूप में देखा जाता है, लेकिन इन दोनों ने उम्र को चुनौती देते हुए यह साबित किया कि क्लास स्थायी होती है।
क्या 2026 आखिरी विश्व कप होगा?
अब नजरें फीफा वर्ल्ड कप 2026 पर टिकी हैं, जो शायद वह आखिरी मंच हो सकता है, जहां दोनों दिग्गज एक साथ किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दिखें। मेसी अपने वर्ल्ड कप भविष्य को लेकर रहस्य बनाए हुए हैं, जबकि रोनाल्डो साफ कह चुके हैं कि संन्यास दूर नहीं। ऐसे में 2026 को एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
क्या अर्जेंटीना और पुर्तगाल को अब भी इनकी जरूरत है?
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में मेसी और रोनाल्डो अब भी अपनी-अपनी टीमों की रीढ़ बने हुए हैं। मेसी ने 2023 में आठ मैचों में आठ गोल किए, 2024 में 11 मैचों में छह गोल दागे और उसी साल अर्जेंटीना को दूसरा कोपा अमेरिका जिताने में मदद की। 2025 में उन्होंने पांच मैचों में तीन गोल जोड़े।
वहीं, रोनाल्डो ने 2023 में पुर्तगाल के लिए नौ मैचों में 10 गोल किए, 2024 में 12 मैचों में सात गोल जड़े और 2025 में नौ मुकाबलों में आठ गोल कर अपनी निरंतरता बनाए रखी। युवा सितारों के उभरने के बावजूद दोनों सुपरस्टार अब भी निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
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पुर्तगाल के मिडफील्डर ब्रूनो फर्नांडिस का मानना है कि रोनाल्डो की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद है। उनका कहना है कि क्रिस्टियानो बॉक्स के अंदर अब भी बेहद उच्च स्तर के खिलाड़ी हैं। ब्रूनो ने कहा कि अगर कभी ऐसा लगता है कि पुर्तगाल के फुटबॉलर्स उनके बिना बेहतर खेलते हैं, तो यह उनकी गलती है। क्रिस्टियानो अब भी इस टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं। अर्जेंटीना के दिग्गज जावियर जानेटी भी मेसी को टीम का सबसे बड़ा हथियार मानते हैं। उनके मुताबिक, मेसी की मौजूदगी अर्जेंटीना को एक बार फिर वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार बना सकती है।
मेसी और रोनाल्डो का प्रभाव सिर्फ गोल और असिस्ट तक सीमित नहीं है। उनकी मौजूदगी टीम के बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी ऊपर उठाती है। 2022 वर्ल्ड कप इसका बेहतरीन उदाहरण था, जहां मेसी ने नेतृत्व किया, लेकिन कई अन्य अर्जेंटीनी खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर आगे बढ़कर योगदान दिया।
अगर इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता को अलविदा कहने का कोई सही मंच है, तो वह वर्ल्ड कप ही है। इंटर मियामी बनाम अल नास्र का कोई दोस्ताना मुकाबला इस स्तर की कहानी को न्याय नहीं दे सकता। इसे चाहिए वही भव्यता, वही नाटकीयता और वही वैश्विक मंच, जो सिर्फ वर्ल्ड कप दे सकता है। रोनाल्डो के लिए प्रेरणा और भी बड़ी है। वर्ल्ड कप ही वह एकमात्र बड़ी ट्रॉफी है जो उनके करियर में नहीं है और 2026 शायद उनका आखिरी मौका हो।
मेसी के नाम सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप मैच खेलने का रिकॉर्ड है। 26 मुकाबले और 13 गोल। वहीं, रोनाल्डो ने 22 मैचों में आठ गोल किए हैं। यह संभव है कि दोनों एक आखिरी बार गोल्डन बूट या गोल्डन बॉल की दौड़ में उतरें और अपनी टीमों को खिताब तक ले जाने की कोशिश करें।
फैंस का सपना है कि 2026 वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी बनाम रोनाल्डो देखने को मिले। हालांकि, टूर्नामेंट के समीकरण ऐसे भी बन सकते हैं कि दोनों की टक्कर क्वार्टरफाइनल या सेमीफाइनल में ही हो जाए। अगर अर्जेंटीना ग्रुप जे में शीर्ष पर रहती है और पुर्तगाल ग्रुप के जीतता है, तो क्वार्टरफाइनल में भिड़ंत संभव है, नहीं तो सेमीफाइनल में भी यह महामुकाबला हो सकता है।