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Indian Football Team: AIFF के फैसले से नाराज रंजीत बजाज, भारतीय अंडर-15 टीम मैनेजर का पद ठुकराया; बताई यह वजह
Fri, 07 Aug 2026 02:54 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:54 PM IST
सार
एआईएफएफ के फैसले के बाद कुछ ही घंटों में बजाज का पद ठुकराना भारतीय जूनियर फुटबॉल व्यवस्था को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है। अब देखना होगा कि महासंघ इस स्थिति से कैसे निपटता है और अंडर-15 टीम के मैनेजर की भूमिका के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
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रंजीत बजाज
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय फुटबॉल में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। मिनर्वा अकादमी के मालिक और भारतीय फुटबॉल में जमीनी स्तर पर खेल के विकास की जोरदार वकालत करने वाले रंजीत बजाज ने भारत की अंडर-15 फुटबॉल टीम के मैनेजर का पद ठुकरा दिया है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन नियुक्ति के कुछ ही घंटे बाद बजाज ने सोशल मीडिया के जरिए अपना फैसला सार्वजनिक कर दिया।
एआईएफएफ ने बजाज को अंडर-15 टीम का मैनेजर नियुक्त किया था, जबकि बिबियानो फर्नांडिस को टीम के मुख्य कोच के पद पर बरकरार रखा गया। हालांकि, बजाज का कहना है कि दोनों की फुटबॉल को लेकर सोच और खेलने की शैली अलग है। ऐसे में एक ही टीम में दोनों का साथ काम करना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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एआईएफएफ ने बजाज को अंडर-15 टीम का मैनेजर नियुक्त किया था, जबकि बिबियानो फर्नांडिस को टीम के मुख्य कोच के पद पर बरकरार रखा गया। हालांकि, बजाज का कहना है कि दोनों की फुटबॉल को लेकर सोच और खेलने की शैली अलग है। ऐसे में एक ही टीम में दोनों का साथ काम करना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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'मैं खुश नहीं हूं, यह सबसे खराब फैसला है'
रंजीत बजाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि एआईएफएफ की ओर से उन्हें नियुक्ति का पत्र मिला था और इसके बाद लोग उन्हें फोन करके बधाई देने लगे। लेकिन वह इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'एआईएफएफ ने मुझे एक पत्र भेजा, जिसमें बताया गया कि मुझे मैनेजर नियुक्त किया गया है। लोग मुझे फोन करके बधाई दे रहे हैं। लेकिन मैं खुश नहीं हूं। मैं बहुत नाखुश हूं। यह सबसे खराब चीज है जो वे कर सकते थे।' बजाज ने कहा कि उन्हें बिबियानो फर्नांडिस से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। असहमति केवल फुटबॉल की शैली और टीम को लेकर सोच पर है।
'हमारी खेलने की शैली और सोच बिल्कुल अलग'
बजाज ने बताया कि उनकी और बिबियानो की फुटबॉल को लेकर रणनीति एक-दूसरे से काफी अलग है। उन्होंने कहा कि एक टीम का लो-ब्लॉक और काउंटर अटैकिंग फुटबॉल खेलना और दूसरी तरफ हाई-प्रेसिंग फुटबॉल की रणनीति अपनाना बिल्कुल अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे बिबियानो से कोई समस्या नहीं है। हमारी खेलने की शैली और सोच अलग है। लो-ब्लॉक काउंटर-अटैकिंग शैली और हाई-प्रेस शैली पूरी तरह अलग हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि दूसरी प्रणाली गलत है, लेकिन दोनों बहुत अलग प्रणालियां हैं। इसलिए यह आपदा की तैयारी जैसा है।' बजाज ने साफ कहा कि दोनों एक ही सोच पर नहीं हैं और यही वजह है कि उनके लिए इस भूमिका को स्वीकार करने का कोई मतलब नहीं है।
रंजीत बजाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि एआईएफएफ की ओर से उन्हें नियुक्ति का पत्र मिला था और इसके बाद लोग उन्हें फोन करके बधाई देने लगे। लेकिन वह इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'एआईएफएफ ने मुझे एक पत्र भेजा, जिसमें बताया गया कि मुझे मैनेजर नियुक्त किया गया है। लोग मुझे फोन करके बधाई दे रहे हैं। लेकिन मैं खुश नहीं हूं। मैं बहुत नाखुश हूं। यह सबसे खराब चीज है जो वे कर सकते थे।' बजाज ने कहा कि उन्हें बिबियानो फर्नांडिस से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। असहमति केवल फुटबॉल की शैली और टीम को लेकर सोच पर है।
'हमारी खेलने की शैली और सोच बिल्कुल अलग'
बजाज ने बताया कि उनकी और बिबियानो की फुटबॉल को लेकर रणनीति एक-दूसरे से काफी अलग है। उन्होंने कहा कि एक टीम का लो-ब्लॉक और काउंटर अटैकिंग फुटबॉल खेलना और दूसरी तरफ हाई-प्रेसिंग फुटबॉल की रणनीति अपनाना बिल्कुल अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे बिबियानो से कोई समस्या नहीं है। हमारी खेलने की शैली और सोच अलग है। लो-ब्लॉक काउंटर-अटैकिंग शैली और हाई-प्रेस शैली पूरी तरह अलग हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि दूसरी प्रणाली गलत है, लेकिन दोनों बहुत अलग प्रणालियां हैं। इसलिए यह आपदा की तैयारी जैसा है।' बजाज ने साफ कहा कि दोनों एक ही सोच पर नहीं हैं और यही वजह है कि उनके लिए इस भूमिका को स्वीकार करने का कोई मतलब नहीं है।
'हम एक पेज पर नहीं हैं, इसलिए कोई मतलब नहीं'
मिनर्वा अकादमी के मालिक ने कहा कि अगर मैनेजर और कोच की सोच ही अलग-अलग हो तो टीम के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, 'हम एक ही पेज पर नहीं हैं और हमारी सोच भी एक जैसी नहीं है। इसलिए इसका कोई मतलब नहीं है।' बजाज का मानना है कि टीम के मैनेजर और कोच को एक ही दिशा में काम करना चाहिए, खासकर तब जब बात युवा खिलाड़ियों की हो और टीम को लंबे समय के लिए तैयार किया जा रहा हो।
एआईएफएफ के मुखर आलोचक रहे हैं बजाज
रंजीत बजाज पिछले कुछ समय से एआईएफएफ के मुखर आलोचकों में शामिल रहे हैं। वह लगातार भारत में ग्रासरूट फुटबॉल को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर सिस्टम तैयार करने की मांग करते रहे हैं। मिनर्वा अकादमी के जरिए भी उन्होंने युवा फुटबॉलरों को तैयार करने पर जोर दिया है। ऐसे में एआईएफएफ की ओर से उन्हें अंडर-15 टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी दिया जाना काफी अहम फैसला माना जा रहा था। हालांकि, उन्होंने नियुक्ति स्वीकार करने से इनकार कर इस फैसले पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिनर्वा अकादमी के मालिक ने कहा कि अगर मैनेजर और कोच की सोच ही अलग-अलग हो तो टीम के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, 'हम एक ही पेज पर नहीं हैं और हमारी सोच भी एक जैसी नहीं है। इसलिए इसका कोई मतलब नहीं है।' बजाज का मानना है कि टीम के मैनेजर और कोच को एक ही दिशा में काम करना चाहिए, खासकर तब जब बात युवा खिलाड़ियों की हो और टीम को लंबे समय के लिए तैयार किया जा रहा हो।
एआईएफएफ के मुखर आलोचक रहे हैं बजाज
रंजीत बजाज पिछले कुछ समय से एआईएफएफ के मुखर आलोचकों में शामिल रहे हैं। वह लगातार भारत में ग्रासरूट फुटबॉल को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर सिस्टम तैयार करने की मांग करते रहे हैं। मिनर्वा अकादमी के जरिए भी उन्होंने युवा फुटबॉलरों को तैयार करने पर जोर दिया है। ऐसे में एआईएफएफ की ओर से उन्हें अंडर-15 टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी दिया जाना काफी अहम फैसला माना जा रहा था। हालांकि, उन्होंने नियुक्ति स्वीकार करने से इनकार कर इस फैसले पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
'मैं जीतना जानता हूं, लेकिन पूरी टीम के साथ'
बजाज ने कहा कि एआईएफएफ ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वह संस्था के सबसे बड़े आलोचकों में से एक रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी टीम और मजबूत प्रक्रियाओं को दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति होता जिसने लगातार जीत हासिल की हो या ट्रेबल चैंपियन रहा हो, तो आप उसे नियुक्त करते। आपके पास ऐसा कोई नहीं था और इसलिए आपने अपने सबसे बड़े आलोचक और विरोधी को नियुक्त किया।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह जीतना जानते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनकी पूरी टीम और मजबूत प्रक्रियाएं हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि कैसे जीतना है। लेकिन मैं इसलिए जीतता हूं क्योंकि मेरे पास विश्वस्तरीय टीम और विश्वस्तरीय प्रक्रियाएं हैं। मेरे पास पूरी टीम है और किसी एक व्यक्ति को उस सिस्टम से निकालने पर संतुलन प्रभावित होता है।'
बजाज ने कहा कि एआईएफएफ ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वह संस्था के सबसे बड़े आलोचकों में से एक रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी टीम और मजबूत प्रक्रियाओं को दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति होता जिसने लगातार जीत हासिल की हो या ट्रेबल चैंपियन रहा हो, तो आप उसे नियुक्त करते। आपके पास ऐसा कोई नहीं था और इसलिए आपने अपने सबसे बड़े आलोचक और विरोधी को नियुक्त किया।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह जीतना जानते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनकी पूरी टीम और मजबूत प्रक्रियाएं हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि कैसे जीतना है। लेकिन मैं इसलिए जीतता हूं क्योंकि मेरे पास विश्वस्तरीय टीम और विश्वस्तरीय प्रक्रियाएं हैं। मेरे पास पूरी टीम है और किसी एक व्यक्ति को उस सिस्टम से निकालने पर संतुलन प्रभावित होता है।'
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बिबियानो को लेकर बजाज ने साफ किया रुख
रंजीत बजाज ने स्पष्ट किया कि उनका फैसला बिबियानो फर्नांडिस के खिलाफ नहीं है। उन्होंने भारतीय कोच को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही और उम्मीद जताई कि बिबियानो टीम के साथ अच्छा प्रदर्शन करेंगे। बजाज ने कहा कि अगर एआईएफएफ को बिबियानो के साथ ही आगे बढ़ना था, तो उन्हें काफी पहले से एक टीम और सिस्टम उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। अब दोनों को एक साथ जोड़ना टीम के लिए सही समय पर सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर आपको बिबियानो का समर्थन करना था तो आपको एक साल पहले ही उन्हें टीम दे देनी चाहिए थी। अब यह कई चीजों का मिश्रण है।'
'फैंस इस सबको भूल जाएं'
बजाज ने आखिर में प्रशंसकों से इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय इस तरह की बहस करने का नहीं है और वह बिबियानो का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सभी प्रशंसकों से अनुरोध करता हूं कि वे इन सब बातों को भूल जाएं। अब काफी देर हो चुकी है और यह सब करने का समय नहीं है। मैं बिबियानो का पूरी तरह समर्थन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
रंजीत बजाज ने स्पष्ट किया कि उनका फैसला बिबियानो फर्नांडिस के खिलाफ नहीं है। उन्होंने भारतीय कोच को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही और उम्मीद जताई कि बिबियानो टीम के साथ अच्छा प्रदर्शन करेंगे। बजाज ने कहा कि अगर एआईएफएफ को बिबियानो के साथ ही आगे बढ़ना था, तो उन्हें काफी पहले से एक टीम और सिस्टम उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। अब दोनों को एक साथ जोड़ना टीम के लिए सही समय पर सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर आपको बिबियानो का समर्थन करना था तो आपको एक साल पहले ही उन्हें टीम दे देनी चाहिए थी। अब यह कई चीजों का मिश्रण है।'
'फैंस इस सबको भूल जाएं'
बजाज ने आखिर में प्रशंसकों से इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय इस तरह की बहस करने का नहीं है और वह बिबियानो का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सभी प्रशंसकों से अनुरोध करता हूं कि वे इन सब बातों को भूल जाएं। अब काफी देर हो चुकी है और यह सब करने का समय नहीं है। मैं बिबियानो का पूरी तरह समर्थन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'