FIFA World Cup Biggest Upset: पराग्वे की जर्मनी पर जीत कितनी बड़ी? विश्वकप नॉकआउट इतिहास के 5 सबसे बड़े उलटफेर
पराग्वे ने फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर विश्व कप नॉकआउट इतिहास का चौथा सबसे बड़ा उलटफेर किया। इस सूची में रूस की 2018 में स्पेन पर जीत पहले स्थान पर है, जबकि दक्षिण कोरिया और बुल्गारिया की ऐतिहासिक जीतें भी शामिल हैं।
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फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया। 120 मिनट तक चले मुकाबले के बाद पराग्वे ने पेनल्टी में 4-3 से जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 16 का टिकट हासिल किया। इस जीत ने सिर्फ जर्मनी का सफर खत्म नहीं किया, बल्कि विश्व कप नॉकआउट चरण के सबसे बड़े उलटफेरों की सूची में भी अपनी जगह बना ली। टूर्नामेंट से पहले जारी फीफा रैंकिंग के आधार पर यह जीत विश्व कप नॉकआउट इतिहास का चौथा सबसे बड़ा उलटफेर मानी जा रही है।
5. बुल्गारिया बनाम जर्मनी (1994)
1994 विश्व कप में जर्मनी मौजूदा विश्व चैंपियन होने के साथ फीफा रैंकिंग में नंबर-एक टीम थी। दूसरी ओर बुल्गारिया 29वें स्थान पर था। हालांकि, बुल्गारिया के पास महान खिलाड़ी ह्रिस्टो स्टोइचकोव मौजूद थे। क्वार्टर फाइनल में लोथार मैथाउस के पेनल्टी गोल से जर्मनी ने बढ़त बनाई, लेकिन बुल्गारिया ने 75वें और 78वें मिनट में लगातार दो गोल कर 2-1 से मुकाबला जीत लिया। यह उस दौर के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में से एक माना जाता है।
2026 विश्व कप शुरू होने से पहले पराग्वे फीफा रैंकिंग में 41वें और जर्मनी 10वें स्थान पर था। पराग्वे ने टूर्नामेंट की शुरुआत अमेरिका से 4-1 की हार के साथ की थी, लेकिन इसके बाद तुर्किये को हराया और ऑस्ट्रेलिया से ड्रॉ खेलकर सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होते हुए नॉकआउट में पहुंच गया।
राउंड ऑफ 32 में जर्मनी ने पूरे मैच में 719 पास पूरे किए, जबकि पराग्वे सिर्फ 161 पास ही खेल सका। इसके बावजूद पराग्वे ने अपने सीमित मौकों का फायदा उठाया और मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक खींच लिया। शूटआउट में ऑरलैंडो गिल ने दो पेनल्टी बचाईं। हालांकि, पराग्वे के चौथे और पांचवें किकर चूक गए, जिससे जर्मनी की उम्मीदें जगीं। आखिर में जोनाथन ताह पेनल्टी नहीं बदल सके और जोसे कनाले ने निर्णायक गोल कर पराग्वे को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
2002 विश्व कप में दक्षिण कोरिया फीफा रैंकिंग में 40वें, जबकि स्पेन आठवें स्थान पर था। दोनों टीमों के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला 0-0 से बराबरी पर खत्म हुआ। पेनल्टी शूटआउट में स्पेन के जोआक्विन चौथी किक पर चूक गए, जबकि दक्षिण कोरिया ने अपनी पांचों पेनल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदली और पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई।
उसी विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया का सामना इटली से हुआ। पहले हाफ में क्रिस्टियन विएरी ने इटली को बढ़त दिलाई, लेकिन 88वें मिनट में सियोल की-ह्योन ने बराबरी कर दी। अतिरिक्त समय में आह्न जुंग-ह्वान ने गोल्डन गोल दागकर दक्षिण कोरिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इसके बाद कोरिया ने स्पेन को भी हराया और लगातार दो बड़े उलटफेर कर इतिहास रच दिया।
विश्व कप नॉकआउट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर 2018 में देखने को मिला। मेजबान रूस फीफा रैंकिंग में 70वें स्थान पर था, जबकि स्पेन 10वें नंबर पर था। राउंड ऑफ 16 का मुकाबला 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ। पेनल्टी शूटआउट में रूस के गोलकीपर इगोर अकिनफीव ने कोके और इयागो अस्पास की पेनल्टी रोककर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। रूस की शानदार यात्रा हालांकि क्वार्टर फाइनल में क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के साथ समाप्त हुई।
जर्मनी जैसी मजबूत टीम के खिलाफ पूरे मैच में सिर्फ 161 पास पूरे करने के बावजूद पराग्वे ने शानदार डिफेंसिव खेल दिखाया। टीम ने धैर्य बनाए रखा, गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने पेनल्टी शूटआउट में कमाल किया और अंत में जोसे कनाले ने निर्णायक किक को गोल में बदलकर इतिहास रच दिया। यही वजह है कि इस जीत को विश्व कप नॉकआउट इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में गिना जा रहा है।