{"_id":"6a803859bf50f008e806a254","slug":"hockey-world-cup-why-has-the-4-time-world-champion-pakistan-team-fallen-on-such-hard-times-salman-akbar-says-2026-08-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Hockey World Cup: चार बार की विश्व चैंपियन पाकिस्तान टीम का हॉकी में क्यों हुआ बुरा हाल? इस दिग्गज ने खोली पोल","category":{"title":"Hockey","title_hn":"हॉकी","slug":"hockey"}}
Hockey World Cup: चार बार की विश्व चैंपियन पाकिस्तान टीम का हॉकी में क्यों हुआ बुरा हाल? इस दिग्गज ने खोली पोल
Sat, 15 Aug 2026 03:28 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टेलवीन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टेलवीन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 15 Aug 2026 03:28 PM IST
सार
चार बार की विश्व चैंपियन पाकिस्तान हॉकी के गिरते स्तर पर पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने घरेलू ढांचे की कमजोरी को सबसे बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते अपनी व्यवस्था सुधारी और इसका नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदकों के रूप में सामने आया।
विज्ञापन
पाकिस्तान हॉकी टीम
- फोटो : IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर सलमान अकबर ने हॉकी विश्व कप से पहले अपनी टीम के प्रदर्शन और देश में खेल के गिरते स्तर पर खुलकर बात की। 230 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सलमान ने कहा कि पाकिस्तान हॉकी की सबसे बड़ी समस्या मजबूत घरेलू ढांचे का नहीं होना है।
उन्होंने कहा, 'यूं तो कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। खिलाड़ियों के लिए घर में प्लेटफॉर्म नहीं है। प्रतिभाशाली खिलाड़ी जिस घरेलू ढांचे से निकलने चाहिए, वह लगभग नहीं के बराबर है।' पाकिस्तान आठ साल बाद हॉकी विश्व कप में वापसी कर रहा है। टीम पिछले प्रो लीग सत्र में भी आखिरी स्थान पर रही थी।
भारत ने 2008 के झटके के बाद बदली दिशा
सलमान अकबर ने भारतीय हॉकी की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा पीढ़ी भाग्यशाली है कि वह ऐसे दौर में खेल रही है, जब देश में हॉकी के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'यह पीढ़ी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आई जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं करने के झटके के बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है।' भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और पेरिस ओलंपिक में भी इस पदक को बरकरार रखा।
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की चमक बरकरार
सलमान ने कहा कि दोनों टीमों की मौजूदा परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच कम नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ जीत नहीं पाने का सिलसिला तोड़ने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, 'लोगों को भारत-पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिए यह मैच काफी अहम है। 2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है। उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से हैंडशेक भी करेंगे।'
श्रीजेश की विरासत से युवा गोलकीपरों को फायदा
भारतीय गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा को लेकर सलमान ने कहा कि उन्हें पीआर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ खेलने और सीखने का काफी फायदा मिला होगा। उन्होंने श्रीजेश के शानदार करियर और आखिरी दौर के प्रदर्शन की भी तारीफ की। सलमान ने कहा, 'पूरी गरिमा के साथ उन्होंने संन्यास लिया। अपने करियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।'
बदलती हॉकी में कोचिंग भी बड़ी चुनौती
नीदरलैंड में गोलकीपिंग स्कूल चलाने वाले सलमान अब जापान की टीम के साथ कोच के तौर पर जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी तेजी से बदल रही है और कोचों के लिए लगातार खुद को अपडेट रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'कोचिंग में मजा आ रहा है, लेकिन यह काफी कठिन काम है। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नए नियम आते रहते हैं, जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।'
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'यूं तो कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। खिलाड़ियों के लिए घर में प्लेटफॉर्म नहीं है। प्रतिभाशाली खिलाड़ी जिस घरेलू ढांचे से निकलने चाहिए, वह लगभग नहीं के बराबर है।' पाकिस्तान आठ साल बाद हॉकी विश्व कप में वापसी कर रहा है। टीम पिछले प्रो लीग सत्र में भी आखिरी स्थान पर रही थी।
विज्ञापन
भारत ने 2008 के झटके के बाद बदली दिशा
सलमान अकबर ने भारतीय हॉकी की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा पीढ़ी भाग्यशाली है कि वह ऐसे दौर में खेल रही है, जब देश में हॉकी के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'यह पीढ़ी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आई जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं करने के झटके के बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है।' भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और पेरिस ओलंपिक में भी इस पदक को बरकरार रखा।
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की चमक बरकरार
सलमान ने कहा कि दोनों टीमों की मौजूदा परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच कम नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ जीत नहीं पाने का सिलसिला तोड़ने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, 'लोगों को भारत-पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिए यह मैच काफी अहम है। 2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है। उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से हैंडशेक भी करेंगे।'
श्रीजेश की विरासत से युवा गोलकीपरों को फायदा
भारतीय गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा को लेकर सलमान ने कहा कि उन्हें पीआर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ खेलने और सीखने का काफी फायदा मिला होगा। उन्होंने श्रीजेश के शानदार करियर और आखिरी दौर के प्रदर्शन की भी तारीफ की। सलमान ने कहा, 'पूरी गरिमा के साथ उन्होंने संन्यास लिया। अपने करियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।'
बदलती हॉकी में कोचिंग भी बड़ी चुनौती
नीदरलैंड में गोलकीपिंग स्कूल चलाने वाले सलमान अब जापान की टीम के साथ कोच के तौर पर जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी तेजी से बदल रही है और कोचों के लिए लगातार खुद को अपडेट रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'कोचिंग में मजा आ रहा है, लेकिन यह काफी कठिन काम है। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नए नियम आते रहते हैं, जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।'