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Doha Diamond League: विश्व चैंपियनशिप में खेलने का नीरज को है अफसोस, कोच जेलेज्नी से अलग होने की वजह भी बताई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:32 PM IST
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सार
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग के जरिये वापसी करेंगे। नीरज पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में प्रभावित नहीं कर सके थे और उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। अब नीरज ने कहा है कि उनका उस टूर्नामेंट में खेलने का फैसला गलत था।
नीरज चोपड़ा
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के स्टार भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग के जरिये सत्र की शुरुआत से पहले स्वीकार किया कि पिछले साल कमर की चोट के साथ विश्व चैंपियनशिप में उतरने का फैसला सही नहीं था। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता नीरज सितंबर 2025 में टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 84.03 मीटर के थ्रो के साथ निराशाजनक आठवें स्थान पर रहे थे।
नीरज को चोट से उबरने में लगा समय
चैंपियनशिप के बाद उन्होंने बताया था कि उनकी कमर के निचले हिस्से में चोट है। उन्हें इससे उबरने में समय लगा और इसी वजह से सत्र की शुरुआत में देरी हुई। नीरज अब शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग के जरिये प्रतिस्पर्धा में वापसी करेंगे। इससे पहले नीरज ने कहा, टोक्यो विश्व चैंपियनशिप से पहले मुझे चोट लगी थी। हमने काफी मेहनत की और मैने टोक्यो में भी खेला, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह सही फैसला था क्योंकि मुझे पता था कि कुछ दिक्कत है। लेकिन वह 2025 की आखिरी प्रतियोगिता थी तो मैने खेलने का फैसला किया। एक खिलाड़ी के जीवन में अगर कोई एक चोट है और हम बचाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी चोट महसूस होने लगती है। मेरे टखने में, फिर कंधे में दिक्कत थी। मैंने अपनी टीम और फिजियो के साथ मिलकर हर चोट पर काम किया। अब मैं फिट महसूस कर रहा हूं।
दोहा में ही उन्होंने विश्व रिकॉर्डधारी जान जेलेज्नी के कोच रहते 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। उन्होंने हालांकि कहा कि 16 मई 2025 को फेंका गया वह थ्रो तकनीकी तौर पर उनका सर्वश्रेष्ठ नहीं था। उन्होंने कहा, तकनीकी तौर पर वह थ्रो इतना अच्छा नहीं था। मैं दो तीन मीटर और दूर फेंक सकता था। विश्व चैंपियनशिप या ओलंपिक में क्वालिफिकेशन दौर के थ्रो अच्छे रहते हैं, लेकिन फाइनल में ज्यादा आक्रामक होने के चक्कर में तकनीक भूल जाता हूं।
चैंपियनशिप के बाद उन्होंने बताया था कि उनकी कमर के निचले हिस्से में चोट है। उन्हें इससे उबरने में समय लगा और इसी वजह से सत्र की शुरुआत में देरी हुई। नीरज अब शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग के जरिये प्रतिस्पर्धा में वापसी करेंगे। इससे पहले नीरज ने कहा, टोक्यो विश्व चैंपियनशिप से पहले मुझे चोट लगी थी। हमने काफी मेहनत की और मैने टोक्यो में भी खेला, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह सही फैसला था क्योंकि मुझे पता था कि कुछ दिक्कत है। लेकिन वह 2025 की आखिरी प्रतियोगिता थी तो मैने खेलने का फैसला किया। एक खिलाड़ी के जीवन में अगर कोई एक चोट है और हम बचाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी चोट महसूस होने लगती है। मेरे टखने में, फिर कंधे में दिक्कत थी। मैंने अपनी टीम और फिजियो के साथ मिलकर हर चोट पर काम किया। अब मैं फिट महसूस कर रहा हूं।
दोहा में ही उन्होंने विश्व रिकॉर्डधारी जान जेलेज्नी के कोच रहते 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। उन्होंने हालांकि कहा कि 16 मई 2025 को फेंका गया वह थ्रो तकनीकी तौर पर उनका सर्वश्रेष्ठ नहीं था। उन्होंने कहा, तकनीकी तौर पर वह थ्रो इतना अच्छा नहीं था। मैं दो तीन मीटर और दूर फेंक सकता था। विश्व चैंपियनशिप या ओलंपिक में क्वालिफिकेशन दौर के थ्रो अच्छे रहते हैं, लेकिन फाइनल में ज्यादा आक्रामक होने के चक्कर में तकनीक भूल जाता हूं।
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कोच जेलेज्नी से अलग होने पर क्या बोले नीरज?
इस साल जनवरी में जेलेज्नी से अलग हुए नीरज ने कहा कि वह अब अपने हिसाब से खेलना चाहते थे। उन्होंने कहा, जेलेज्नी महान खिलाड़ी और अच्छे कोच भी हैं। हमने कई चीजों पर काम किया और मैने उनके कोच रहते 90 मीटर का थ्रो फेंका। टोक्यो विश्व चैंपियनशिप के बाद लगा कि मुझे अपने हिसाब से एक भारतीय कोच के साथ काम करना चाहिए।
इस साल जनवरी में जेलेज्नी से अलग हुए नीरज ने कहा कि वह अब अपने हिसाब से खेलना चाहते थे। उन्होंने कहा, जेलेज्नी महान खिलाड़ी और अच्छे कोच भी हैं। हमने कई चीजों पर काम किया और मैने उनके कोच रहते 90 मीटर का थ्रो फेंका। टोक्यो विश्व चैंपियनशिप के बाद लगा कि मुझे अपने हिसाब से एक भारतीय कोच के साथ काम करना चाहिए।