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Tulasi Reddy: कौन हैं भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी? माउंट एवरेस्ट को फतह कर हासिल किया है बड़ा कीर्तिमान
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 21 May 2026 05:38 PM IST
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सार
भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी ने बड़ा कीर्तिमान हासिल कर लिया है। तुलसी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी को सफलतापूर्वक फतह कर लिया है। आइए जानते हैं तुलसी रेड्डी के बारे में...
तुलसी रेड्डी
- फोटो : X
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विस्तार
कई लोगों के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना सबसे बड़ा रोमांच होता है, लेकिन भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी के लिए यह दृढ़ता, अनुशासन, बदलाव और लगन की एक ऐसी यात्रा बन गई जिसने लोगों को प्रेरित किया। हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने वर्षों के अनुशासन, प्रशिक्षण और लगातार तैयारी के बाद सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की।
कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर कर चुके हैं चढ़ाई
तुलसी की कहानी को जो बात प्रेरित करने वाली बनाती है वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने साधारण तरीके से हुई थी। कभी खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी बस फिट होना चाहते थे। धीरे-धीरे जिम में वर्कआउट और स्वस्थ जीवनशैली एंड्यूरेंस खेल और पर्वतारोहण के प्रति जुनून में बदल गई। समय के साथ उन्होंने कई स्थानीय दौड़, कठिन आयरनमैन चुनौती और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए। इस सफर के दौरान तुलसी ने दुनिया भर की कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ाई की जिनमें माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), एकॉनकागुआ (6,961 मीटर), माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और कांग यात्से (6,400 मीटर) शामिल हैं।
तुलसी ने कहा, 'एवरेस्ट पर चढ़ना वर्षों के अनुशासन, त्याग और लगातार तैयारी का नतीजा है। यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिन्होंने इस पूरी यात्रा के दौरान मेरा साथ दिया।' उन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना साथ देने के लिए अपने परिवार, शेरपा टीम, दोस्तों और ‘बूट्स एंड क्रैम्पॉन्स’ के अभियान गाइड भरत थम्मिनेनी और रोमिल बर्थवाल को श्रेय दिया। परिवार ने कहा, आज हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व के पलों में से एक है। वर्षों के त्याग, साहस और दृढ़ संकल्प ने आखिरकार तुलसी को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया है।
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कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर कर चुके हैं चढ़ाई
तुलसी की कहानी को जो बात प्रेरित करने वाली बनाती है वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने साधारण तरीके से हुई थी। कभी खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी बस फिट होना चाहते थे। धीरे-धीरे जिम में वर्कआउट और स्वस्थ जीवनशैली एंड्यूरेंस खेल और पर्वतारोहण के प्रति जुनून में बदल गई। समय के साथ उन्होंने कई स्थानीय दौड़, कठिन आयरनमैन चुनौती और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए। इस सफर के दौरान तुलसी ने दुनिया भर की कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ाई की जिनमें माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), एकॉनकागुआ (6,961 मीटर), माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और कांग यात्से (6,400 मीटर) शामिल हैं।
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तुलसी ने कहा, 'एवरेस्ट पर चढ़ना वर्षों के अनुशासन, त्याग और लगातार तैयारी का नतीजा है। यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिन्होंने इस पूरी यात्रा के दौरान मेरा साथ दिया।' उन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना साथ देने के लिए अपने परिवार, शेरपा टीम, दोस्तों और ‘बूट्स एंड क्रैम्पॉन्स’ के अभियान गाइड भरत थम्मिनेनी और रोमिल बर्थवाल को श्रेय दिया। परिवार ने कहा, आज हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व के पलों में से एक है। वर्षों के त्याग, साहस और दृढ़ संकल्प ने आखिरकार तुलसी को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया है।