{"_id":"69ddb16a77103214d008cb50","slug":"no-more-bulk-awards-sports-ministry-plans-revamp-of-khel-ratna-and-arjuna-award-selection-policy-2026-04-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड की चयन नीति बदलेगी, थोक में पुरस्कार बांटने के पक्ष में नहीं खेल मंत्रालय","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड की चयन नीति बदलेगी, थोक में पुरस्कार बांटने के पक्ष में नहीं खेल मंत्रालय
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Swapnil Shashank
Updated Tue, 14 Apr 2026 08:46 AM IST
विज्ञापन
सार
भारत सरकार का खेल मंत्रालय देश के प्रतिष्ठित मेजर ध्यान चंद खेल रत्न अवॉर्ड और अर्जुन अवॉर्ड की चयन प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय का मानना है कि पुरस्कारों को थोक में देने से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
मनसुख मांडविया, केंद्रीय खेल मंत्री
- फोटो : X @mansukhmandviya
विज्ञापन
विस्तार
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में और अधिक पारदर्शिता लाने के साथ हर वर्ष होने वाले विवादों से बचने के लिए खेल मंत्रालय ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड और द्रोणाचार्य अवॉर्ड की चयन नीति में परिवर्तन की तैयारी कर ली है।
खेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नई नीति को इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिसमें अवॉर्ड पाने के योग्य उम्मीदवारों को आवेदन की जरूरत नहीं पड़े। जिस तरह ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मंत्रालय तत्काल तय नकद अवॉर्ड मुहैया कराता है, उसी तरह ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अंकों के आधार पर अवॉर्ड के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित होंगे अंक
सूत्रों के अनसार, अवॉर्ड चयन नीति में होने वाला परिवर्तन जल्द आधिकारिक होगा। नीति इस तरह की होगी, जिसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनके अंक निर्धारित किए जाएंगे। फिर इन्हें मंत्रालय की ओर से गठित चयन समिति के सामने रखा जाएगा। मौजूदा नीति के अनुसार सभी खिलाड़ियों को अर्जुन और खेल रत्न के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के आधार पर मंत्रालय की ओर से गठित चयन समिति खिलाड़ियों का चयन कर खेल मंत्रालय को उन्हें पुरस्कार देने की सिफारिश करती है।
इस बार के पुरस्कारों का हो रहा है पुनर्मूल्यांकन
इस बार के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार अब तक नहीं दिए गए हैं। चयन समिति ने 24 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार देने की सिफारिश की थी। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चयनित अडियों की सूची खेल मंत्री के पास है, लेकिन इनका पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि अर्जुन पुरस्कार प्रतिष्ठित पुरस्कार है और इसे हर किसी को नहीं दिया जाना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए ही मंत्रालय ने चयन नीति को बदलने का फैसला लिया है।
अगले साल कराएंगे एफ-1 रेस : मांडविया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा, '2027 में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशमान सर्किट (बीईसी) पर एक बार फिर फार्मूला-1 रेस का आयोजन किया जाएगा। एफ-१ का कहना है. इस रेस के लिए भारत महत्वपूर्ण बाजार है, लेकिन 2027 में यहां कोई रेस निर्धारित नहीं की गई है।'
मांडविया ने कहा, 'पश्चिम एशिया में तनाव के चलते तीन कंपनियों ने देश में एफ-1 कराने की इच्छा जताई है। टैक्स की जटिलताएं दूर की जाएंगी। उम्मीद है कि 2027 में बीआईसी पर एफ-1 का आयोजन होगा।' अदाणी ग्रुप की और से कर्ज में डूबे जेपी समूह की संपतियों का अधिग्रहण हो रहा है, जिनमें बीआईसी का फॉर्मूला-1 ट्रैक भी शामिल है।
राष्ट्रमंडल : योग, खो-खो, कबड्डी, मलखंब की दावेदारी
खेल मंत्री ने कहा, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में भोग, खो-खो, कबड्डी और मलखंब में में दो के साथ-साथ टीम खेलों में क्रिकेट और हॉकी शामिल होंगे।
एशियाड में जाएगी मुख्य हॉकी टीम
एशियाई खेल और हॉकी विश्वकप के आयोजन में कम अंतराल होने से एक टीम का दोनों आयोजनों में खेलना मुश्किल है। ऐसे में हॉकी की दो टीमें उतरी जाएगी और मुख्य टीम एशियाड में खेलेगी।
Trending Videos
खेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नई नीति को इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिसमें अवॉर्ड पाने के योग्य उम्मीदवारों को आवेदन की जरूरत नहीं पड़े। जिस तरह ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मंत्रालय तत्काल तय नकद अवॉर्ड मुहैया कराता है, उसी तरह ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अंकों के आधार पर अवॉर्ड के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित होंगे अंक
सूत्रों के अनसार, अवॉर्ड चयन नीति में होने वाला परिवर्तन जल्द आधिकारिक होगा। नीति इस तरह की होगी, जिसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनके अंक निर्धारित किए जाएंगे। फिर इन्हें मंत्रालय की ओर से गठित चयन समिति के सामने रखा जाएगा। मौजूदा नीति के अनुसार सभी खिलाड़ियों को अर्जुन और खेल रत्न के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के आधार पर मंत्रालय की ओर से गठित चयन समिति खिलाड़ियों का चयन कर खेल मंत्रालय को उन्हें पुरस्कार देने की सिफारिश करती है।
इस बार के पुरस्कारों का हो रहा है पुनर्मूल्यांकन
इस बार के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार अब तक नहीं दिए गए हैं। चयन समिति ने 24 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार देने की सिफारिश की थी। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चयनित अडियों की सूची खेल मंत्री के पास है, लेकिन इनका पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि अर्जुन पुरस्कार प्रतिष्ठित पुरस्कार है और इसे हर किसी को नहीं दिया जाना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए ही मंत्रालय ने चयन नीति को बदलने का फैसला लिया है।
अगले साल कराएंगे एफ-1 रेस : मांडविया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा, '2027 में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशमान सर्किट (बीईसी) पर एक बार फिर फार्मूला-1 रेस का आयोजन किया जाएगा। एफ-१ का कहना है. इस रेस के लिए भारत महत्वपूर्ण बाजार है, लेकिन 2027 में यहां कोई रेस निर्धारित नहीं की गई है।'
मांडविया ने कहा, 'पश्चिम एशिया में तनाव के चलते तीन कंपनियों ने देश में एफ-1 कराने की इच्छा जताई है। टैक्स की जटिलताएं दूर की जाएंगी। उम्मीद है कि 2027 में बीआईसी पर एफ-1 का आयोजन होगा।' अदाणी ग्रुप की और से कर्ज में डूबे जेपी समूह की संपतियों का अधिग्रहण हो रहा है, जिनमें बीआईसी का फॉर्मूला-1 ट्रैक भी शामिल है।
राष्ट्रमंडल : योग, खो-खो, कबड्डी, मलखंब की दावेदारी
खेल मंत्री ने कहा, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में भोग, खो-खो, कबड्डी और मलखंब में में दो के साथ-साथ टीम खेलों में क्रिकेट और हॉकी शामिल होंगे।
एशियाड में जाएगी मुख्य हॉकी टीम
एशियाई खेल और हॉकी विश्वकप के आयोजन में कम अंतराल होने से एक टीम का दोनों आयोजनों में खेलना मुश्किल है। ऐसे में हॉकी की दो टीमें उतरी जाएगी और मुख्य टीम एशियाड में खेलेगी।
