Winter Olympics: क्यों विवादों में है शीतकालीन ओलंपिक का उद्घाटन समारोह? सोशल मीडिया पर इस कारण हो रही आलोचना
शीतकालीन खेल 2026 की शुरुआत हो गई है। टूर्नामेंट की शुरुआत में ही उद्घाटन समारोह विवादों में घिर गया है और सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना हो रही है। आइए जानते हैं किस कारण पूरा विवाद खड़ा हुआ है।
विस्तार
- उद्घाटन समारोह के अंत में ओलंपिक कैल्ड्रॉन (जिसे इटालियन स्कीयर सोफिया गोगिया ने जलाया) को कुछ यूजर्स ने अप्स-डाउन पेंटाग्राम (उल्टा तारा) के रूप में देखा जो सैटेनिज्म (शैतान) का प्रतीक माना जाता है।
- कई यूजर्स ने आयोजकों पर शैतानी प्रतीकों को प्रदर्शित करने का आरोप लगाया है।
- समारोह के कई वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
उद्घाटन समारोह मिलान और कोर्टिना डी'एम्पेजो में आयोजित किया गया, जबकि मुख्य कार्यक्रम सैन सिरो स्टेडियम में हुआ। कुछ ही देर में समारोह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। यूजर्स ने आयोजकों की जमकर आलोचना की और कहा कि उन्हें बिल्कुल अंत में एक अप्स-डाउन पेंटाग्राम दिखाई दे रहा था।
Look at this blatant worshipping of a flaming pentagram, at the Olympics’ opening ceremony.
— Joseph Bender (@JoeBenderfromFL) February 7, 2026
They play choral music as if it’s some holy event.
Liberalism has always been rife with Luciferians who think Satan is a hero who brought knowledge to Adam and Eve.
Later with Darwin… pic.twitter.com/DOOeOwEVRR
शीतकालीन ओलंपिक एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता है, जो हर चार साल में बर्फ और हिम पर खेले जाने वाले खेलों के लिए आयोजित की जाती है। इसकी शुरुआत 1924 में फ्रांस के शैमॉनिक्स से हुई थी। इसमें स्कीइंग, आइस हॉकी, फिगर स्केटिंग और स्नोबोर्डिंग जैसे रोमांचक खेल शामिल होते हैं। इस बार 'स्की माउंटेनियरिंग' को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया है।