कोरोना संक्रमण की आशंका के कारण लोगों को घर के अंदर ही समय गुजारना पड़ रहा है। पीएम मोदी के 21 दिन की लॉकडाउन की अपील के बाद लोग दिनभर टीवी पर फिल्में और नाटक देखकर अपना वक्त काट रहे हैं। बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो अब बचपन के समय खेले जाने वाले खेलों से ही समय पास कर रहे हैं। कोई कॉमिक्स पड़ रहा है तो कोई राजा, मंत्री, चोर, सिपाही का खेल खेल रहा है। कई लोग अपने घर-आंगन में क्रिकेट से लेकर पिट्टू, चपेटा, शतरंज आदि खेल खेल रहे हैं। आइए आपको भी बताते हैं ऐसे कुछ खेल जिन्हें आप बच्चों के साथ खेलकर अपना बचपन याद करने लगेंगे।
अगर लॉकडाउन के दौरान घर में बैठे-बैठे हो चुके हैं बोर, तो पूरे परिवार के साथ खेलें ये चार खेल
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सांप-सीढ़ी (Snakes and Ladders)
ऐसा शायद ही कोई शख्स होगा, जिसने बचपन में यह खेल नहीं खेला होगा। आज भी बच्चों के बीच यह खेल बेहद प्रचलित है। विश्वभर में यह खेल खेला जाता है। बस अलग-अलग देशों में अलग-अलग नाम से पहचाना जाता है। हिंदुस्तान में इस खेल का इतिहास बेहद पुराना है। माना जाता है कि 13वीं शताब्दी में संत कवि ज्ञानदेव ने इसे तैयार किया था। पहले कौड़ियों के सहारे खेला जाता था, बाद में उनकी जगह पहले लकड़ी और फिर प्लास्टिक की गोटियों ने ले ली। खेल के आकार और तरीके में समय-समय पर परिवर्तन होते रहे। यूरोपिय देशों में इसे Snakes and Ladders के नाम से पहचाना जाता है। पासा फेंकने के बाद एक से लेकर छह तक आए अंकों के आधार पर खिलाड़ी अपनी गोटी आगे बढ़ाते हैं। 1 से लेकर 100 तक के खाने में कहीं सीढ़ी तो कहीं सांप आपका इंतजार कर रहे होते हैं। सीढ़ी चढ़कर आप अपनी मंजिल के नजदीक जाते हैं तो सांप के डंसने के बाद आप नीचे भी जा सकते हैं।
लूडो
हर घर में इस समय लूडो खेलों का राजा बन बैठा है और तो और इस खेल का ऑनलाइन संस्करण इसे 90 के दशक के बच्चों का चहेता बना रहा है। लॉकडाउन से पहले लाल-पीला, हरा-नीला वर्गों वाली इसकी दफ्ती किराने के दुकान की आलमारी के किसी कोने में धूल खा रही थी, लेकिन अब उस उस बोर्ड के भी दिन बदल गए हैं। अब इन्हीं दुकानों पर लूडो की बहुत मांग की जा रही है। सांप-सीढ़ी की तरह ही लूडो में भी पासे का अहम रोल होता है। हेडक्वार्टर के भीतर गोटियों को छह अंक आने पर बाहर निकाला जाता है और जल्द से जल्द अपने घर में पहुंचाना होता है। यह खेल चार लोगों के बीच खेला जाता है। सुरक्षित स्थल के भीतर न होने पर आपकी गोटी विपक्षी खिलाड़ी द्वारा मारी भी जा सकती है।
राजा मंत्री चोर सिपाही
बच्चा जब स्कूल जाने लगता है तो अपने सहपाठियों के साथ जिस खेल को सबसे पहले खेलना शुरू करता है उनमें से एक है राजा, मंत्री, चोर, सिपाही। चार लोगों के बीच खेले जाने वाले इस खेल में कागज की चार पर्चियों में राजा, मंत्री, चोर, सिपाही लिख दिया जाता है। हर किरदार के एक निश्चित अंक मिलते हैं। सभी चारों खिलाड़ियों को एक-एक पर्ची चुननी होती थी, जिसमें मंत्री की पर्ची वाले खिलाड़ी को चोर और सिपाही का पता लगाना होता है। शायद 90s के बच्चे इस खेल को खेलने वाली आखिरी पीढ़ी थी।
कैरम यानि बच्चे, बड़े सभी का सबसे पसंदीदा खेल। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे यह खेल पसंद न हो। इस खेल की सबसे बड़ी खासियत यही है कि आप इसे कहीं भी खेल सकते हैं। चार या दो लोगों के साथ खेले जाने वाला कैरम प्लाइवुड के चौकोर बेस पर खेला जाता है। जहां काली और सफेद गोटियों को स्ट्राइक के माध्यम से चारों कोनों पर मौजूद छेद के भीतर डालना होता है। दोनों तरह की गोटियों की संख्या 9–9 होती हैं व इसके अतिरिक्त एक गोटी लाल रंग की होती है, जिसे रानी कहा जाता है।