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पाकिस्तान फिर शर्मसार: कोच ही एथलीटों से करवा रहा था डोपिंग! नाबालिगों को भी नहीं छोड़ा; 10 साल बाद खुली पोल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 02 Apr 2026 04:31 PM IST
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सार
खेल मध्यस्तता न्यायालय (सीएएस) की एंटी-डोपिंग डिवीजन ने पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और कोच पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों को खिलाड़ियों और नाबालिगों को प्रतिबंधित दवाएं देने का दोषी पाया गया है।
भारोत्तोलन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Adobestock
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विस्तार
पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों की वजह से पूरी दुनिया में रोज ही किरकिरी कराता है। अब ऐसा ही कुछ उसने खेल जगत में भी किया, जिसकी वजह से वह कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचा है। खेल मध्यस्तता न्यायालय (सीएएस) की एंटी-डोपिंग डिवीजन ने पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ के पूर्व अध्यक्ष हाफिज इमरान बट और कोच इरफान बट पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों को खिलाड़ियों और नाबालिगों को प्रतिबंधित दवाएं देने का दोषी पाया गया।
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2014-16 का है मामला
सीएएस के फैसले के मुताबिक, 2014 से 2016 के बीच दोनों अधिकारियों ने बड़े स्तर पर डोपिंग गतिविधियों को बढ़ावा दिया और खिलाड़ियों को स्टेरॉयड जैसे प्रतिबंधित पदार्थ दिए। इस गंभीर अपराध को देखते हुए उन्हें खेल से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया है। अब वे किसी भी ऐसी गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जो विश्व एंटी-डोपिंग कोड के तहत आती हो।
सीएएस के फैसले के मुताबिक, 2014 से 2016 के बीच दोनों अधिकारियों ने बड़े स्तर पर डोपिंग गतिविधियों को बढ़ावा दिया और खिलाड़ियों को स्टेरॉयड जैसे प्रतिबंधित पदार्थ दिए। इस गंभीर अपराध को देखते हुए उन्हें खेल से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया है। अब वे किसी भी ऐसी गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जो विश्व एंटी-डोपिंग कोड के तहत आती हो।
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भारोत्तोलन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Adobestock
अबूबकर पर लगा चार साल का प्रतिबंध
इस मामले में एक और बड़ा नाम सामने आया है। पाकिस्तानी भारोत्तोलक अबूबकर गनी को भी चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गनी 2021 विश्व चैंपियनशिप के दौरान डोप टेस्ट में फेल पाए गए थे, जहां उनके सैंपल में टैमोक्सीफेन मेटाबोलाइट पाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए फर्जी मेडिकल दस्तावेज पेश किए थे, जिसे डोपिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ माना गया। सीएएस ने गनी पर 6 मार्च 2026 से 5 मार्च 2030 तक प्रतिबंध लागू किया है।
पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर भी चल सकता है चाबुक
इस पूरे मामले के बाद अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने भी संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है। पहले से ही महासंघ एक साल के निलंबन का सामना कर रहा है, और अब नए मामलों के सामने आने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यह घटनाक्रम खेलों में साफ-सुथरी प्रतिस्पर्धा पर गंभीर सवाल खड़े करता है और एंटी-डोपिंग नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।
इस मामले में एक और बड़ा नाम सामने आया है। पाकिस्तानी भारोत्तोलक अबूबकर गनी को भी चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गनी 2021 विश्व चैंपियनशिप के दौरान डोप टेस्ट में फेल पाए गए थे, जहां उनके सैंपल में टैमोक्सीफेन मेटाबोलाइट पाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए फर्जी मेडिकल दस्तावेज पेश किए थे, जिसे डोपिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ माना गया। सीएएस ने गनी पर 6 मार्च 2026 से 5 मार्च 2030 तक प्रतिबंध लागू किया है।
पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर भी चल सकता है चाबुक
इस पूरे मामले के बाद अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने भी संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान भारोत्तोलन महासंघ पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है। पहले से ही महासंघ एक साल के निलंबन का सामना कर रहा है, और अब नए मामलों के सामने आने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यह घटनाक्रम खेलों में साफ-सुथरी प्रतिस्पर्धा पर गंभीर सवाल खड़े करता है और एंटी-डोपिंग नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।