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PV Sindhu: पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, करियर की 500वीं जीत हासिल करने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 22 Jan 2026 05:38 PM IST
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सार
पीवी सिंधु ने इंडोनेशिया मास्टर्स में जीत के साथ 500 करियर सिंगल्स मैच जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनकर इतिहास रच दिया। पुरुष वर्ग में लक्ष्य सेन ने शानदार जीत दर्ज की, जबकि किदांबी श्रीकांत के सामने चाउ तिएन चेन की कड़ी चुनौती होगी।
पीवी सिंधु
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने गुरुवार को इतिहास रच दिया। वह महिलाओं के सिंगल्स में 500 करियर जीत दर्ज करने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं। सिंधु ने इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 500 के प्री-क्वार्टरफाइनल में डेनमार्क की लाइन क्येरसफेल्ट को सीधे गेमों में 21-19, 21-18 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। मैच के अहम पलों में सिंधु पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। यह क्येरसफेल्ट के खिलाफ उनकी छठी भिड़ंत में पांचवीं जीत रही।
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इस खास क्लब में शामिल हुईं सिंधु
यह जीत सिर्फ एक और मुकाबले की सफलता नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक भी रही। सिंधु अब दुनिया की उन चुनिंदा छह महिला सिंगल्स खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने 500 जीत का आंकड़ा छुआ है। इस खास क्लब में राचानोक इंतानोन, ताई त्ज़ु यिंग, अकाने यामागुची, कैरोलिना मारिन और पेट्या नेडेलचेवा जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। महिलाओं के सिंगल्स में 500 जीत के साथ-साथ सिंधु की कुल करियर जीतों की संख्या अब 516 हो गई है, जिसमें उनके शुरुआती करियर के दौरान टीम इवेंट्स में खेले गए डबल्स मुकाबलों की जीत भी शामिल है। बीडब्ल्यूएफ टूर पर उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है, जहां उन्होंने 456 मैच जीते हैं और 227 में हार का सामना किया है। हालांकि आगे की राह आसान नहीं है। विश्व रैंकिंग में 13वें स्थान पर काबिज सिंधु का अगला मुकाबला टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर-4 चीन की चेन यू फेई से होगा।
यह जीत सिर्फ एक और मुकाबले की सफलता नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक भी रही। सिंधु अब दुनिया की उन चुनिंदा छह महिला सिंगल्स खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने 500 जीत का आंकड़ा छुआ है। इस खास क्लब में राचानोक इंतानोन, ताई त्ज़ु यिंग, अकाने यामागुची, कैरोलिना मारिन और पेट्या नेडेलचेवा जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। महिलाओं के सिंगल्स में 500 जीत के साथ-साथ सिंधु की कुल करियर जीतों की संख्या अब 516 हो गई है, जिसमें उनके शुरुआती करियर के दौरान टीम इवेंट्स में खेले गए डबल्स मुकाबलों की जीत भी शामिल है। बीडब्ल्यूएफ टूर पर उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है, जहां उन्होंने 456 मैच जीते हैं और 227 में हार का सामना किया है। हालांकि आगे की राह आसान नहीं है। विश्व रैंकिंग में 13वें स्थान पर काबिज सिंधु का अगला मुकाबला टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर-4 चीन की चेन यू फेई से होगा।
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लक्ष्य सेन का दमदार संदेश
पुरुष वर्ग में लक्ष्य सेन ने भी शानदार प्रदर्शन किया। सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य ने हांगकांग के विश्व नंबर-42 जेसन गुनावन को महज 33 मिनट में 21-10, 21-11 से करारी शिकस्त दी। पिछले सप्ताह इंडिया ओपन में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी रहे लक्ष्य अब अंतिम आठ में थाईलैंड के पनिचाफोन तीरारत्सकुल से भिड़ेंगे। तीरारत्सकुल ने ली ज़ी जिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, जिससे यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है।
पुरुष वर्ग में लक्ष्य सेन ने भी शानदार प्रदर्शन किया। सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य ने हांगकांग के विश्व नंबर-42 जेसन गुनावन को महज 33 मिनट में 21-10, 21-11 से करारी शिकस्त दी। पिछले सप्ताह इंडिया ओपन में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी रहे लक्ष्य अब अंतिम आठ में थाईलैंड के पनिचाफोन तीरारत्सकुल से भिड़ेंगे। तीरारत्सकुल ने ली ज़ी जिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, जिससे यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है।
किदांबी श्रीकांत के सामने कड़ी चुनौती
दिन के एक अन्य अहम मुकाबले में किदांबी श्रीकांत को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। गैर-वरीय भारतीय खिलाड़ी का सामना चौथी वरीयता प्राप्त ताइवान के चाउ तिएन चेन से होगा, जिसे इस दौर के सबसे मुश्किल मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
दिन के एक अन्य अहम मुकाबले में किदांबी श्रीकांत को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। गैर-वरीय भारतीय खिलाड़ी का सामना चौथी वरीयता प्राप्त ताइवान के चाउ तिएन चेन से होगा, जिसे इस दौर के सबसे मुश्किल मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।