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पांच टूर्नामेंट, पांच मेडल फिर भी बाहर: श्रीजेश बोले- विदेशी कोच के लिए हटाया गया, हॉकी इंडिया ने किया खंडन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Wed, 13 May 2026 10:33 PM IST
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सार
पीआर श्रीजेश ने जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच पद से हटाए जाने पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सिर्फ 17 महीनों के कार्यकाल में टीम ने उनके नेतृत्व में पांच टूर्नामेंटों में पांच पदक जीते, फिर भी उनका अनुबंध नहीं बढ़ाया गया। इस पर अब हॉकी इंडिया ने सफाई दी है। आइये जानते हैं...
पीआर श्रीजेश-दिलीप टिर्की
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व दिग्गज गोलकीपर और जूनियर पुरुष टीम के पूर्व कोच पीआर श्रीजेश ने अपने पद से हटाए जाने के बाद हॉकी इंडिया पर विदेशी कोचों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। हालांकि, हॉकी इंडिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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पीआर श्रीजेश
- फोटो : ANI
17 महीने बाद खत्म हुआ कार्यकाल
श्रीजेश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महज डेढ़ साल के कार्यकाल में टीम ने पांच टूर्नामेंट खेले और सभी में पदक जीते, इसके बावजूद उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया।उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि मेरा कोचिंग करियर 1.5 साल में खत्म हो गया। इस दौरान हमने पांच टूर्नामेंट खेेले और पांच पदक जीते, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सुना था कि खराब प्रदर्शन के कारण कोच हटाए जाते हैं, लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि विदेशी कोच को लाने के लिए मुझे हटाया गया।'
श्रीजेश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महज डेढ़ साल के कार्यकाल में टीम ने पांच टूर्नामेंट खेले और सभी में पदक जीते, इसके बावजूद उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया।उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि मेरा कोचिंग करियर 1.5 साल में खत्म हो गया। इस दौरान हमने पांच टूर्नामेंट खेेले और पांच पदक जीते, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सुना था कि खराब प्रदर्शन के कारण कोच हटाए जाते हैं, लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि विदेशी कोच को लाने के लिए मुझे हटाया गया।'
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पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
हॉकी इंडिया ने क्या कहा?
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने स्पष्ट किया कि श्रीजेश को निकाला नहीं गया, बल्कि उनका अनुबंध दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ था। टिर्की ने बयान जारी करते हुए कहा, 'पीआर श्रीजेश का कार्यकाल अनुबंध के अनुसार दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ। इसके बाद प्रक्रिया के तहत पद का विज्ञापन जारी किया गया और मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई गई।' उन्होंने बताया कि एक योग्य कोच का चयन किया गया है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने स्पष्ट किया कि श्रीजेश को निकाला नहीं गया, बल्कि उनका अनुबंध दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ था। टिर्की ने बयान जारी करते हुए कहा, 'पीआर श्रीजेश का कार्यकाल अनुबंध के अनुसार दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ। इसके बाद प्रक्रिया के तहत पद का विज्ञापन जारी किया गया और मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई गई।' उन्होंने बताया कि एक योग्य कोच का चयन किया गया है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
विकास टीम और गोलकीपिंग कोच का प्रस्ताव
हॉकी इंडिया के अनुसार, श्रीजेश को डेवलपमेंट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव दिया गया था, जो लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक और अगले ओलंपिक चक्र के लिए अहम माना जा रहा है। लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें सीनियर पुरुष टीम के गोलकीपिंग कोच का रोल भी ऑफर किया गया था।
हॉकी इंडिया के अनुसार, श्रीजेश को डेवलपमेंट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव दिया गया था, जो लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक और अगले ओलंपिक चक्र के लिए अहम माना जा रहा है। लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें सीनियर पुरुष टीम के गोलकीपिंग कोच का रोल भी ऑफर किया गया था।
पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
विदेशी कोचों को लेकर उठाए सवाल
38 वर्षीय श्रीजेश ने सवाल उठाया कि क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को आगे नहीं बढ़ा सकते? उन्होंने कहा, 'हॉकी इंडिया अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर टीम के मुख्य कोच क्रैग फु्ल्टन जूनियर टीम के लिए विदेशी हेड कोच चाहते हैं ताकि जूनियर से सीनियर स्तर तक बेहतर विकास हो सके। लेकिन क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को विकसित नहीं कर सकते?' श्रीजेश ने यह भी कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने उनसे भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए कोचिंग में आगे आने की बात कही थी।
38 वर्षीय श्रीजेश ने सवाल उठाया कि क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को आगे नहीं बढ़ा सकते? उन्होंने कहा, 'हॉकी इंडिया अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर टीम के मुख्य कोच क्रैग फु्ल्टन जूनियर टीम के लिए विदेशी हेड कोच चाहते हैं ताकि जूनियर से सीनियर स्तर तक बेहतर विकास हो सके। लेकिन क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को विकसित नहीं कर सकते?' श्रीजेश ने यह भी कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने उनसे भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए कोचिंग में आगे आने की बात कही थी।
हॉकी इंडिया ने आरोपों को बताया गलत
दिलीप टिर्की ने श्रीजेश के दावों को गलत बताते हुए कहा कि कभी भी उन्हें यह नहीं बताया गया कि विदेशी कोच को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'हम 2036 ओलंपिक विजन को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं और भारतीय कोचों को विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। हॉकी इंडिया ने अब तक 600 से अधिक भारतीय कोचों को प्रमाणित किया है।'
दिलीप टिर्की ने श्रीजेश के दावों को गलत बताते हुए कहा कि कभी भी उन्हें यह नहीं बताया गया कि विदेशी कोच को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'हम 2036 ओलंपिक विजन को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं और भारतीय कोचों को विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। हॉकी इंडिया ने अब तक 600 से अधिक भारतीय कोचों को प्रमाणित किया है।'
पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
जूनियर टीम के साथ श्रीजेश की उपलब्धियां
- श्रीजेश के कार्यकाल में भारतीय जूनियर टीम ने कई अहम सफलताएं हासिल कीं।
- सुल्तान ऑफ जोहोर कप के फाइनल में जगह।
- जूनियर वर्ल्ड कप में कांस्य पदक।
- 2024 जूनियर एशिया कप (मस्कट) में स्वर्ण पदक।
- इसके अलावा श्रीजेश भारत के महानतम गोलकीपरों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक और 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
फ्रेडरिक सोयेज बन सकते हैं नए कोच
सूत्रों के मुताबिक फ्रांस के पूर्व कोच फ्रेडरिक सोयेज भारत की अंडर-21 पुरुष टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। 48 वर्षीय सोयेज ने फ्रांस और स्पेन की राष्ट्रीय टीमों को कोचिंग दी है। वे 2016 रियो ओलंपिक में स्पेन को पांचवें स्थान तक पहुंचा चुके हैं और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ माने जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक फ्रांस के पूर्व कोच फ्रेडरिक सोयेज भारत की अंडर-21 पुरुष टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। 48 वर्षीय सोयेज ने फ्रांस और स्पेन की राष्ट्रीय टीमों को कोचिंग दी है। वे 2016 रियो ओलंपिक में स्पेन को पांचवें स्थान तक पहुंचा चुके हैं और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ माने जाते हैं।