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पीआर श्रीजेश का अनुबंध नहीं बढ़ाए जाने पर विवाद: खिलाड़ियों में असंतोष की चर्चा, हॉकी इंडिया ने दी सफाई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 14 May 2026 05:48 PM IST
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सार
भारतीय हॉकी दिग्गज पीआर श्रीजेश का जूनियर टीम कोच पद से कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है।
पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश का जूनियर पुरुष टीम के कोच पद से कार्यकाल खत्म होना अब विवाद का विषय बन गया है। महज 17 महीने के कार्यकाल के बाद उनका अनुबंध समाप्त हो गया और हॉकी इंडिया ने उसे आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद फ्रांस के अनुभवी कोच फ्रेडरिक सोयेज को जूनियर टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है।
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जूनियर विश्व कप में दिलाया था पदक
श्रीजेश ने अपने छोटे कार्यकाल में भारत को जूनियर विश्व कप 2025 में कांस्य पदक दिलाया था। चेन्नई और मदुरै में खेले गए इस टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन की काफी सराहना हुई थी। इसके अलावा उनके कार्यकाल में भारतीय जूनियर टीम ने पांच टूर्नामेंट में पांच पदक जीते। हालांकि, अनुबंध खत्म होने के बाद जब उन्होंने दोबारा आवेदन किया, तब भी हॉकी इंडिया ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया।
श्रीजेश ने अपने छोटे कार्यकाल में भारत को जूनियर विश्व कप 2025 में कांस्य पदक दिलाया था। चेन्नई और मदुरै में खेले गए इस टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन की काफी सराहना हुई थी। इसके अलावा उनके कार्यकाल में भारतीय जूनियर टीम ने पांच टूर्नामेंट में पांच पदक जीते। हालांकि, अनुबंध खत्म होने के बाद जब उन्होंने दोबारा आवेदन किया, तब भी हॉकी इंडिया ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया।
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पीआर श्रीजेश
- फोटो : ANI
सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संकेत दिया कि उन्हें हटाने का फैसला विदेशी कोच को जगह देने के लिए लिया गया। उन्होंने दावा किया कि सीनियर टीम के मुख्य कोच क्रैग फुल्टन की मांग पर जूनियर टीम के लिए विदेशी कोच नियुक्त किया गया। हालांकि, हॉकी इंडिया ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया है।
श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संकेत दिया कि उन्हें हटाने का फैसला विदेशी कोच को जगह देने के लिए लिया गया। उन्होंने दावा किया कि सीनियर टीम के मुख्य कोच क्रैग फुल्टन की मांग पर जूनियर टीम के लिए विदेशी कोच नियुक्त किया गया। हालांकि, हॉकी इंडिया ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया है।
खिलाड़ियों में असंतोष की भी चर्चा
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जूनियर टीम के कुछ खिलाड़ी श्रीजेश की कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। एक सूत्र ने बताया कि, कैंप के बाहर खिलाड़ियों को जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क करने में दिक्कत होती थी। हालांकि, दूसरे सूत्र ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि श्रीजेश हमेशा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध रहते थे और उनका रिकॉर्ड खुद इसकी गवाही देता है।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जूनियर टीम के कुछ खिलाड़ी श्रीजेश की कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। एक सूत्र ने बताया कि, कैंप के बाहर खिलाड़ियों को जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क करने में दिक्कत होती थी। हालांकि, दूसरे सूत्र ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि श्रीजेश हमेशा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध रहते थे और उनका रिकॉर्ड खुद इसकी गवाही देता है।
पीआर श्रीजेश-दिलीप टिर्की
- फोटो : ANI
हॉकी इंडिया ने क्या कहा?
दिलीप टिर्की ने साफ किया कि श्रीजेश को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका अनुबंध दिसंबर 2025 में खत्म हुआ था। उन्होंने कहा, 'हमने पूरी प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे थे। श्रीजेश ने भी आवेदन किया था, लेकिन चयन मेरिट के आधार पर किया गया।' टिर्की ने यह भी बताया कि हॉकी इंडिया ने श्रीजेश को डेवलपमेंट प्रोग्राम, इंडिया ए टीम और राष्ट्रीय स्तर पर गोलकीपर मेंटर की भूमिका देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
2036 ओलंपिक विजन का हवाला
हॉकी इंडिया का कहना है कि यह फैसला भारत के 2036 ओलंपिक विजन को ध्यान में रखकर लिया गया। संघ के मुताबिक वह लंबे समय के लिए एक मजबूत हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम तैयार करना चाहता है।
दिलीप टिर्की ने साफ किया कि श्रीजेश को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका अनुबंध दिसंबर 2025 में खत्म हुआ था। उन्होंने कहा, 'हमने पूरी प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे थे। श्रीजेश ने भी आवेदन किया था, लेकिन चयन मेरिट के आधार पर किया गया।' टिर्की ने यह भी बताया कि हॉकी इंडिया ने श्रीजेश को डेवलपमेंट प्रोग्राम, इंडिया ए टीम और राष्ट्रीय स्तर पर गोलकीपर मेंटर की भूमिका देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
2036 ओलंपिक विजन का हवाला
हॉकी इंडिया का कहना है कि यह फैसला भारत के 2036 ओलंपिक विजन को ध्यान में रखकर लिया गया। संघ के मुताबिक वह लंबे समय के लिए एक मजबूत हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम तैयार करना चाहता है।
खिलाड़ी से सीधे कोच बने थे श्रीजेश
दो बार ओलंपिक कांस्य पदक जीतने वाले श्रीजेश हाल ही में सक्रिय हॉकी से संन्यास लेकर सीधे कोचिंग में आए थे। बिना किसी औपचारिक कोचिंग अनुभव के उन्हें जूनियर टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने अपने करियर में कई विदेशी कोचों रोलैंट ओल्टमैंस, टैरी वाल्श, ग्राहम रीड और क्रेग फुल्टन के साथ काम किया है।
दिल्ली एसजी पाइपर्स से भी जुड़े हैं
श्रीजेश फिलहाल दिल्ली एसजी पाइपर्स के मेंटर और डायरेक्टर की भूमिका भी निभा रहे हैं। अब उनकी विदाई भारतीय हॉकी में भारतीय बनाम विदेशी कोच की बहस को फिर से चर्चा में ले आई है।
दो बार ओलंपिक कांस्य पदक जीतने वाले श्रीजेश हाल ही में सक्रिय हॉकी से संन्यास लेकर सीधे कोचिंग में आए थे। बिना किसी औपचारिक कोचिंग अनुभव के उन्हें जूनियर टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने अपने करियर में कई विदेशी कोचों रोलैंट ओल्टमैंस, टैरी वाल्श, ग्राहम रीड और क्रेग फुल्टन के साथ काम किया है।
दिल्ली एसजी पाइपर्स से भी जुड़े हैं
श्रीजेश फिलहाल दिल्ली एसजी पाइपर्स के मेंटर और डायरेक्टर की भूमिका भी निभा रहे हैं। अब उनकी विदाई भारतीय हॉकी में भारतीय बनाम विदेशी कोच की बहस को फिर से चर्चा में ले आई है।