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Vinesh Phogat: विनेश फोगाट मामले में WFI को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, एशियाड ट्रायल विवाद पर याचिका बंद

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 04 Jun 2026 01:03 PM IST
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सार

विनेश फोगाट ट्रायल में जगह तो बना सकीं, लेकिन एशियाई खेलों का टिकट हासिल नहीं कर पाईं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने मामले को फिलहाल विराम जरूर दिया है, लेकिन विवाद के कई पहलुओं पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

Supreme Court Closes WFI Plea Against Vinesh Phogat's Asian Games Trials Participation
विनेश फोगाट - फोटो : PTI
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विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विनेश फोगाट को एशियाई खेल 2026 चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर WFI की याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए बंद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल पहले ही पूरे हो चुके हैं, इसलिए मामले पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। हालांकि शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका बंद करने का मतलब हाईकोर्ट की टिप्पणियों से सहमति नहीं माना जाएगा और सभी कानूनी मुद्दे भविष्य के लिए खुले रहेंगे।
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ट्रायल पूरे होने के बाद बंद हुई सुनवाई
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि जिस चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद था, वह अब पूरी हो चुकी है। ऐसे में विशेष अनुमति याचिका (SLP) स्वतः ही निष्प्रभावी हो गई है। पीठ ने आदेश में कहा, 'बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए यह विशेष अनुमति याचिका निष्प्रभावी हो गई है। इस न्यायालय के आदेश को हाईकोर्ट के निष्कर्षों और टिप्पणियों की पुनर्पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाएगा। सभी मुद्दे खुले रखे जाते हैं।'
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हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर WFI की आपत्ति
सुनवाई के दौरान WFI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एन. गोबुरधुन ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते समय महासंघ की मंशा पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियां की थीं, जिससे लंबित कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन टिप्पणियों को हटाने से इनकार कर दिया।
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कैसे शुरू हुआ था विवाद?
मामला तब शुरू हुआ था जब WFI ने अपनी संशोधित चयन नीति के तहत विनेश फोगाट को एशियाई खेल 2026 ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य माना था। इसके बाद विनेश ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। पिछले महीने दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश देते हुए विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। अदालत ने कहा था कि मातृत्व को किसी खिलाड़ी को पेशेवर अवसरों से वंचित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना था कि WFI की नीति में मातृत्व अवकाश और प्रसव के बाद रिकवरी अवधि को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

ट्रायल में नहीं मिली सफलता
हालांकि कानूनी लड़ाई में राहत मिलने के बावजूद विनेश फोगाट का मैदान पर वापसी का प्रयास सफल नहीं हो सका। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित चयन ट्रायल में उन्होंने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया। WFI ने पहले उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग तक सीमित रखा था, लेकिन बाद में फैसला बदला गया। सेमीफाइनल में विनेश को मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ वह जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं।

कानूनी लड़ाई खत्म नहीं
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामला बंद कर दिया है, लेकिन उसने स्पष्ट कर दिया है कि हाईकोर्ट की टिप्पणियों और चयन नीति से जुड़े सभी कानूनी प्रश्न अभी भी खुले हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में इन मुद्दों पर आगे कानूनी बहस हो सकती है।
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