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French Open 2026: फ्रेंच ओपन में हार के बाद टूटीं विश्व नंबर-एक सबालेंका, क्या अब टेनिस को कह देंगी अलविदा?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 04 Jun 2026 10:18 AM IST
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सार
फ्रेंच ओपन 2026 के क्वार्टर फाइनल में चौंकाने वाली हार के बाद दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका भावनात्मक रूप से टूटती नजर आईं। डायना श्नाइडर के खिलाफ मैच में एक समय जीत के करीब पहुंच चुकी सबालेंका लगातार 10 गेम हार गईं और बाहर हो गईं। मैच के बाद उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह अभी टेनिस छोड़ना चाहती हैं। सबालेंका ने स्वीकार किया कि वह मानसिक रूप से बेहद अंधेरे दौर में चली गई थीं और मुकाबले में वापसी नहीं कर सकीं।
सबालेंका
- फोटो : Twitter
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विस्तार
फ्रेंच ओपन 2026 में दुनिया की नंबर-एक महिला टेनिस खिलाड़ी अरीना सबालेंका का अभियान बेहद निराशाजनक अंदाज में समाप्त हुआ। क्वार्टर फाइनल में उन्हें 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबालेंका बेहद निराश नजर आईं और उन्होंने संन्यास तक की बात भी कर दी। इससे फैंस डर गए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है...
श्नाइडर से हारीं सबालेंका
दरअसल, डायना श्नाइडर के खिलाफ सबालेंका ने शानदार शुरुआत की थी और एक समय वह जीत से सिर्फ दो अंक दूर थीं, लेकिन इसके बाद मुकाबले का पूरा रुख बदल गया।सबालेंका 6-3, 5-2 की बढ़त पर थीं, लेकिन फिर लगातार 10 गेम गंवा बैठीं। निर्णायक सेट में उन्हें 6-0 से हार का सामना करना पड़ा और उनका फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
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श्नाइडर से हारीं सबालेंका
दरअसल, डायना श्नाइडर के खिलाफ सबालेंका ने शानदार शुरुआत की थी और एक समय वह जीत से सिर्फ दो अंक दूर थीं, लेकिन इसके बाद मुकाबले का पूरा रुख बदल गया।सबालेंका 6-3, 5-2 की बढ़त पर थीं, लेकिन फिर लगातार 10 गेम गंवा बैठीं। निर्णायक सेट में उन्हें 6-0 से हार का सामना करना पड़ा और उनका फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
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हार के बाद टेनिस छोड़ने की बात
हार के बाद उन्होंने कहा, 'मेरे दिमाग में अभी कोई विचार नहीं है, कोई भावना नहीं है। मैं इस समय टेनिस छोड़ना चाहती हूं। कुछ दिनों बाद देखेंगे क्या होता है। उम्मीद है कि मैं मानसिक रूप से फिर से सही रास्ते पर लौट पाऊंगी।' यह बयान सुनकर मौजूद पत्रकार भी हैरान रह गए। आमतौर पर अपने जुझारू रवैये के लिए पहचानी जाने वाली सबालेंका इस बार पूरी तरह टूटी हुई दिखीं।मानसिक रूप से अंधेरे दौर में चली गई थींसबालेंका ने स्वीकार किया कि मैच के दौरान वह मानसिक रूप से बुरी तरह बिखर गई थीं और खुद को संभाल नहीं सकीं।
उन्होंने कहा, 'मुझे याद नहीं कि आखिरी बार कब मैंने लगातार 10 गेम गंवाए थे। मुझे लगता है कि मैं मानसिक रूप से बहुत गहरे और अंधेरे गड्ढे में चली गई थी और वहां से वापस नहीं आ सकी।' मैच के दौरान उनकी निराशा साफ दिखाई दे रही थी। तीसरे सेट में एक अंक गंवाने के बाद उन्होंने कोर्ट पर खड़े होकर जोर से चीख भी लगाई थी। पूरे मुकाबले में उन्होंने 57 अनफोर्स्ड एरर किए, जिसका फायदा श्नाइडर ने पूरी तरह उठाया।
हार के बाद उन्होंने कहा, 'मेरे दिमाग में अभी कोई विचार नहीं है, कोई भावना नहीं है। मैं इस समय टेनिस छोड़ना चाहती हूं। कुछ दिनों बाद देखेंगे क्या होता है। उम्मीद है कि मैं मानसिक रूप से फिर से सही रास्ते पर लौट पाऊंगी।' यह बयान सुनकर मौजूद पत्रकार भी हैरान रह गए। आमतौर पर अपने जुझारू रवैये के लिए पहचानी जाने वाली सबालेंका इस बार पूरी तरह टूटी हुई दिखीं।मानसिक रूप से अंधेरे दौर में चली गई थींसबालेंका ने स्वीकार किया कि मैच के दौरान वह मानसिक रूप से बुरी तरह बिखर गई थीं और खुद को संभाल नहीं सकीं।
उन्होंने कहा, 'मुझे याद नहीं कि आखिरी बार कब मैंने लगातार 10 गेम गंवाए थे। मुझे लगता है कि मैं मानसिक रूप से बहुत गहरे और अंधेरे गड्ढे में चली गई थी और वहां से वापस नहीं आ सकी।' मैच के दौरान उनकी निराशा साफ दिखाई दे रही थी। तीसरे सेट में एक अंक गंवाने के बाद उन्होंने कोर्ट पर खड़े होकर जोर से चीख भी लगाई थी। पूरे मुकाबले में उन्होंने 57 अनफोर्स्ड एरर किए, जिसका फायदा श्नाइडर ने पूरी तरह उठाया।
गुस्सा निकालने के लिए जाएंगी 'रेज रूम'
जब उनसे पूछा गया कि वह इस हार से कैसे उबरेंगी, तो शुरुआत में उनके पास कोई जवाब नहीं था। हालांकि बाद में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह अपना गुस्सा निकालने के लिए 'रेज रूम' जाने का सोच रही हैं। सबालेंका ने कहा, 'जो हमें नहीं मारता, वह हमें और मजबूत बनाता है। किसी समय मैं इस स्थिति को समझ लूंगी और पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटूंगी। अभी मुझे एक तरीका सूझा है, ऐसी जगह जाना जहां चीजों को तोड़-फोड़ सकते हैं। शायद मैं पूरा दिन वहीं बिताऊंगी और सब कुछ तोड़ दूंगी। हो सकता है इससे मदद मिले, हो सकता है नहीं।'
जब उनसे पूछा गया कि वह इस हार से कैसे उबरेंगी, तो शुरुआत में उनके पास कोई जवाब नहीं था। हालांकि बाद में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह अपना गुस्सा निकालने के लिए 'रेज रूम' जाने का सोच रही हैं। सबालेंका ने कहा, 'जो हमें नहीं मारता, वह हमें और मजबूत बनाता है। किसी समय मैं इस स्थिति को समझ लूंगी और पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटूंगी। अभी मुझे एक तरीका सूझा है, ऐसी जगह जाना जहां चीजों को तोड़-फोड़ सकते हैं। शायद मैं पूरा दिन वहीं बिताऊंगी और सब कुछ तोड़ दूंगी। हो सकता है इससे मदद मिले, हो सकता है नहीं।'
क्ले और ग्रास कोर्ट पर अब भी अधूरा सपना
सबालेंका ने माना कि क्ले और ग्रास कोर्ट पर ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाने का दबाव उन पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा, 'शायद मैं इस बात पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रही हूं कि मैंने इन सतहों पर कभी ग्रैंड स्लैम नहीं जीता। यही बात मुझे जरूरत से ज्यादा सोचने और कई मौकों पर भावुक होने के लिए मजबूर कर देती है। मैं इस तरह हारते-हारते थक चुकी हूं, खासकर तब जब हार की वजह मेरी भावनाएं बन जाएं।' पिछले साल भी वह फ्रेंच ओपन के फाइनल में बढ़त गंवाकर हार गई थीं और इस बार क्वार्टर फाइनल में कहानी लगभग वैसी ही दोहराई गई। हालांकि सबालेंका की पहचान हमेशा वापसी करने वाली खिलाड़ी की रही है। ऐसे में टेनिस जगत को उम्मीद होगी कि यह मुश्किल दौर जल्द खत्म होगा और दुनिया की नंबर-एक खिलाड़ी पहले से ज्यादा मजबूत होकर कोर्ट पर लौटेगी।
सबालेंका ने माना कि क्ले और ग्रास कोर्ट पर ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाने का दबाव उन पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा, 'शायद मैं इस बात पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रही हूं कि मैंने इन सतहों पर कभी ग्रैंड स्लैम नहीं जीता। यही बात मुझे जरूरत से ज्यादा सोचने और कई मौकों पर भावुक होने के लिए मजबूर कर देती है। मैं इस तरह हारते-हारते थक चुकी हूं, खासकर तब जब हार की वजह मेरी भावनाएं बन जाएं।' पिछले साल भी वह फ्रेंच ओपन के फाइनल में बढ़त गंवाकर हार गई थीं और इस बार क्वार्टर फाइनल में कहानी लगभग वैसी ही दोहराई गई। हालांकि सबालेंका की पहचान हमेशा वापसी करने वाली खिलाड़ी की रही है। ऐसे में टेनिस जगत को उम्मीद होगी कि यह मुश्किल दौर जल्द खत्म होगा और दुनिया की नंबर-एक खिलाड़ी पहले से ज्यादा मजबूत होकर कोर्ट पर लौटेगी।