फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Review ›   film

फिल्म समीक्षाः क्या हेलिकॉप्टर शॉट लगाएगी 'एमएस धोनी'

Fri, 30 Sep 2016 04:11 PM IST
रवि बुले
रवि बुले Updated Fri, 30 Sep 2016 04:11 PM IST
विज्ञापन
film
-निर्माताः अरुण पांडे
विज्ञापन

-निर्देशकः नीरज पांडे
-सितारेः सुशांत सिंह राजपूत, कियारा आडवाणी, दिशा पाटनी, अनुपम खेर, भूमिका चावला

रेटिंग***

जिंदगी में जब बाउंसर पड़ें तो क्या करना चाहिए? क्रिकेट की किताब कहती है मैदान में ऐसी गेंद को हुक किया जा सकता है। नीचे झुक कर जाने दिया जा सकता है। दोनों स्थितियों में यह ध्यान रखते हुए कि चोट न खा जाएं, अपना विकेट भी बचाए रखना पड़ता है।

भारतीय क्रिकेट पर अमिट छाप छोड़ चुके महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी की कहानी बताती है कि वह कठिन हालात में भी डटे रहे। कुछ बाउंसरों को हुक किया और कुछ डक किए। उन्होंने क्रिकेट की किताब को एक हेलीकॉप्टर शॉट भी दिया, जिसे लोकल खिलाड़ी थप्पड़ शॉट कहते हैं। कुछ लोग पलट कर हालात को थप्पड़ मारने का जज्बा और माद्दा रखते हैं।
विज्ञापन


धोनी में यह जिगर दिखता है। वह कर गुजरते हैं। इसलिए प्रेरक लोगों में वह शुमार हैं। मगर जहां तक उनकी बायोपिक का सवाल है, वह जिंदगी से ज्यादा दस्तावेज सरीखी है। अक्सर इन फिल्मों को इस मुश्किल का सामना करना पड़ता है। कोई-कोई ही जिंदगी को जिंदगी जैसा पर्दे पर उतार पाने में कामयाब होता है। इस मामले में नीरज पांडे उत्साहित नहीं करते।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिल्म समीक्षाः बेहतरीन अदाकारी से सुशांत ने लगाया हिट शॉट

film

जबकि धोनी की भूमिका निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत अपने चेहरे की संजीदगी और कायिक भाषा से प्रभावित करते हैं। उनकी आंखों में भाव चढ़ते-उतरते हैं। इस लिहाज से वह धोनी के यथासंभव करीब नजर आते हैं। खास तौर पर क्रिकेट के मैदान में। यह उनकी सफलता है और करिअर का अब तक का सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस। जिसमें उन्होंने खूब पसीना बहाया।

धोनी का कहानी तत्कालीन बिहार के रांची शहर से शुरू होती है, जहां फुटबॉल से शुरुआती प्यार एक कोच की कोशिशों से क्रिकेट की तरफ झुकता है। कोच धोनी को विकेटकीपर बनाता है और एक कंपनी में वाटरपंप संचालक पिता (अनुपम खेर) परेशान रहते हैं कि पढ़ाई से ज्यादाखेल में ध्यान देने वाला लड़का जिंदगी में क्या करेगा? नौकरी सबके लिए जरूरी है। सरकारी हो तो और अच्छी।

मगर परिस्थितियों, समय से मिले मददगार लोगों और प्रतिभा के दम पर धोनी आगे बढ़ता है। वह अपने करीबियों की आंखों में सपने की तरह चमकता है। परंतु देश की क्रिकेट टीम तक पहुंचना कोई आसान है क्या? क्षेत्रीय मुकाबलों और अंडर-19 में उसके साथ खेलने वाले युवराज और कैफ वन डे के विश्व कप तक पहुंच जाते हैं। धोनी क्या करे? मगर इतिहास वही लिखते हैं जो हार नहीं मानते। वह डटे रहते हैं और उन्हें मौका मिलता है।

फिल्म समीक्षाः बेहतरीन अदाकारी से सुशांत ने लगाया हिट शॉट

film

शुरुआती नाकामियों के बाद पीछे मुड़ कर नहीं देखते। वास्तव में यह बायोपिक उस मोड़ तक आपको बांधती है जहां तक धोनी राष्ट्रीय टीम में नहीं आते। पिता की चिंता और अलग-अलग नौकरियों के बीच क्रिकेट में बढ़ने का संघर्ष है। पर जब वह टीम में आकर इतिहास पुरुष बढ़ने की तरफ कदम बढ़ाते हैं तो फिल्म का तत्व खत्म हो जाता है। वह डॉक्युमेंट्री में तब्दील हो जाती है।

इसे नीरस होने से बचाने के लिए निर्देशक ने क्रिकेट के मैदान पर धोनी के जौहर के बीच उनके दो प्रसंग दिखाए हैं, लेकिन वह प्रभाव नहीं छोड़ते। फिल्म तय रफ्तार से बढ़ती हुई धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया को वन डे का विश्वकप जीतते दिखाती है। फिल्म का तीन घंटे से ज्यादा का विस्तार अखरता है। वन डे और टेस्ट मैचों के चंद सेकेंड के इतने सारे क्लिप हैं कि वे कहानी का मजा किरकिरा कर देते हैं।

फिल्म पूरी तरह से धोनी के फैन्स के लिए है। सुशांत को उनका श्रेय दिया जाना चाहिए। जबकि अनुपम खेर ने पिता की भूमिका खूबसूरती से निभाई है। नायिकाएं सुंदर हैं परंतु यहां उनकी प्रतिभा के लिए दायरे सीमित हैं। नीरज पांडे अपनी पिछली फिल्मों में जितने मजबूत थे, यहां उतने नहीं हैं। उन्होंने तथ्यों को बहुत ज्यादा समेटने के चक्कर में कहानी को बिखर जाने दिया। एडिटिंग टेबल पर थोड़ा निर्मम होकर काम किए जाने की जरूरत थे। गीत-संगीत विशेष नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed