Tech Jobs Crisis: 2026 में फिर आ सकती है लेऑफ की सुनामी, मेटा-अमेजन समेत कई कंपनियों में छंटनी के संकेत
Big Tech Layoffs 2026: इस साल टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर लगातार जारी है। मेटा, अमेजन, लिंक्डइन और सिस्को जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को या तो निकाल दिया है या निकालने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों में हो रही छंटनी का मुख्य कारण 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)' पर बढ़ता फोकस, खर्चों में कटौती और रिस्ट्रक्चरिंग है। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक टेक सेक्टर में 1 लाख से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं।
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विस्तार
2026 में बड़ी टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला लगातार जारी है। ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में ये तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेटा (Meta), अमेजन (Amazon), लिंक्डइन (LinkedIn) और हाल ही में सिस्को (Cisco) जैसी दिग्गज टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं। इन बड़ी कंपनियों में हो रही इस लगातार छंटनी के पीछे कंपनियों ने कई कारण बताए हैं। इसमें 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)' पर तेजी से बढ़ता फोकस, खर्चों में कटौती और अपनी टीमों को रिस्ट्रक्चर (पुनर्गठन) करना इसके मुख्य बताए गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि 2026 में अब तक किस टेक दिग्गज ने कितने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है और टेक जगत में छाए इस संकट के पीछे की पूरी कहानी क्या है...
किस कंपनी में कितनी छंटनी?
| कंपनी का नाम | छंटनी का आंकड़ा (लगभग) | मुख्य कारण / स्थिति |
| मेटा | 10% (8 हजार कर्मचारी) | एआई फोकस और उत्पादकता बढ़ाना |
| अमेजन | 30 हजार कर्मचारी | 6 महीनों के भीतर बड़े पैमाने पर कटौती |
| लिंक्डइन | 5% वर्कफोर्स | अधिक ग्रोथ वाले सेगमेंट्स पर फोकस |
| सिस्को | 5% (4 हजार कर्मचारी) | एआई, साइबर सिक्योरिटी और सिलिकॉन पर फोकस |
| ब्लॉक | 50% कर्मचारी | रिस्ट्रक्चरिंग और एआई प्राथमिकता |
| क्लाउडफ्लेयर | 20% कर्मचारी | लागत नियंत्रण और रिस्ट्रक्चरिंग |
लिंक्डइन (LinkedIn) में 5% छंटनी की तैयारी
रॉयटर्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन अपने कुल वर्कफोर्स में से लगभग 5 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रहा है। दुनिया भर में 17,500 से अधिक फुल-टाइम कर्मचारियों वाली इस कंपनी ने यह फैसला तब लिया है। अब उसके राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 12% की ठोस बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस वित्तीय मजबूती के बावजूद, कंपनी अपनी टीमों को रिस्ट्रक्चर कर रही है ताकि उन बिजनेस सेगमेंट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके जहां भविष्य में ग्रोथ की संभावना अधिक है। हालांकि टेक जगत में एआई को लेकर कई चिंताएं हैं। लेकिन सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि इस छंटनी का मुख्य कारण एआई के जरिए इंसानों की जगह लेना नहीं, बल्कि व्यापारिक प्राथमिकताओं में बदलाव करना है।
मेटा (Meta) में जाएगी 8 हजार लोगों की नौकरी
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रही है। इसकी प्रक्रिया 20 मई से शुरू होने की उम्मीद है। इस फैसले के तहत कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल (ग्लोबल वर्कफोर्स) में लगभग 10% की कटौती करेगी। इससे करीब 8 हजार कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होगी। छंटनी के साथ-साथ मेटा ने लगभग 6 हजार खाली पदों पर होने वाली नई भर्तियों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के अनुसार, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य टीमों को अधिक कुशल और सक्षम बनाना है। ताकि कंपनी एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर सके। प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि अमेरिका में निकाले जाने वाले स्टाफ को 16 सप्ताह की बेसिक सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा, कंपनी में उनके सेवा काल के आधार पर अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
अमेजन (Amazon) ने खत्म की 30 हजार नौकरियां
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने भी इस साल अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अपनी टीमों के आकार में भारी कटौती की है। कंपनी ने पिछले लगभग छह महीनों के दौरान अलग-अलग चरणों में करीब 30 हजार कॉर्पोरेट नौकरियों को खत्म कर दिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले अक्तूबर में 14 हजार कर्मचारियों को निकाला गया था। इसके बाद इस साल जनवरी में 16 हजार और पदों की कटौती की गई।
अमेजन के इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य अपने सिस्टम से 'लालफीताशाही' को कम करना और आंतरिक कामकाज को पहले से अधिक सुव्यवस्थित और तेज बनाना है। इन बदलावों के जरिए कंपनी अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सिस्को (Cisco) में 4 हजार जॉब्स की छंटनी
टेक कंपनियों में छंटनी की इस लहर में अब अमेरिकी नेटवर्किंग दिग्गज सिस्को (Cisco) का नाम भी जुड़ गया है। कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से लगभग 5 प्रतिशत यानी करीब 4 हजार कर्मचारियों को निकालने जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि पिछली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में 12% का शानदार उछाल आया है। इसके बावजूद मैनेजमेंट को यह सख्त कदम उठाना पड़ रहा है।
कंपनी के सीईओ चक रॉबिंस के मुताबिक, तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बाजार में मजबूती से टिके रहने के लिए कुछ कठोर फैसले लेना जरूरी हो गया था। सिस्को अब अपनी टीमों को रिस्ट्रक्चर कर रही है और अपना मुख्य फोकस एआई, साइबर सिक्योरिटी, सिलिकॉन और ऑप्टिक्स जैसे भविष्य की ग्रोथ वाले क्षेत्रों की ओर मोड़ रही है। प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को कंपनी की ओर से सेवरेंस पैकेज, बोनस और नई नौकरी खोजने में मदद के साथ-साथ स्किल बढ़ाने के लिए सिस्को के कोर्सेज का एक साल का फ्री एक्सेस भी दिया जाएगा।
अन्य कंपनियों का हाल
माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): हालांकि कंपनी ने मेटा या अमेजन जितने बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा नहीं की है, लेकिन कंपनी अपनी टीमों में बदलाव कर रही है। कुछ विभागों में नई भर्तियों पर रोक है और वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) जैसे प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। कंपनी का मुख्य फोकस अब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड बिजनेस पर है।
ब्लॉक (Block): वित्तीय तकनीक (फिनटेक) कंपनी ब्लॉक ने अपने लगभग आधे (50%) कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई है। उनका फोकस भी अब एआई और एफिशिएंसी पर है।
क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare): पिछले ही हफ्ते कंपनी ने अपने वर्कफोर्स में लगभग 20% की कटौती की घोषणा की है।
2026 में अब तक 1 लाख से अधिक छंटनी
साल 2026 तकनीकी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। छंटनी के आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'Layoffs.fyi' के मुताबिक, इस साल अब तक टेक सेक्टर में 1,03,000 से अधिक लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यह संख्या इसलिए डराने वाली है क्योंकि 2026 के शुरुआती महीनों में ही यह आंकड़ा 2025 में हुई कुल 1,24,000 छंटनियों के बेहद करीब पहुंच गया है। ये आंकड़े साफ तौर पर संकेत देते हैं कि वैश्विक मंदी की आशंका और कंपनियों के बदलते प्राथमिकताओं के कारण टेक इंडस्ट्री वर्तमान में एक गहरे संकट और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
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