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Plug Pins: फोन चार्जर में 2, लेकिन लैपटॉप में 3 पिन क्यों? तीसरे पिन का राज नहीं जानते 90% लोग
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Thu, 14 May 2026 05:55 PM IST
सार
Mobile Charger 2 Pin logic: क्या आपने कभी गौर किया है कि मोबाइल चार्जर में सिर्फ 2 पिन और लैपटॉप या फ्रिज जैसे इलेक्ट्रिक डिवाइस में 3 पिन क्यों होती हैं? इसके पीछे बिजली की सुरक्षा, पावर खपत है या अर्थिंग से जुड़ी बड़ी वजह। आइए जानते हैं इस लेख में विस्तार से...
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मोबाइल चार्जर में सिर्फ 2 पिन और लैपटॉप में क्यों होते हैं 3 पिन
- फोटो : एआई जनरेटेड
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Laptop Charger 3 Pin reason: अगर आपने कभी मोबाइल चार्जर और लैपटॉप चार्जर को ध्यान से देखा होगा तो एक बड़ा फर्क जरूर नोटिस किया होगा। मोबाइल चार्जर में जहां सिर्फ 2 पिन होती हैं, वहीं लैपटॉप, फ्रिज, माइक्रोवेव या वॉशिंग मशीन जैसे डिवाइस में 3 पिन वाला प्लग मिलता है। इसके पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि पूरी इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और पावर सिस्टम काम करता है।
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mobile charger मोबाइल चार्जर
- फोटो : Adobe Stock
मोबाइल चार्जर को क्यों नहीं होती तीन पिन?
पहले समझते हैं कि मोबाइल चार्जर में दो पिन ही क्यों होती है। तो मोबाइल चार्जर बहुत कम बिजली खपत करता है। आमतौर पर ये 5W से 65W तक की पावर इस्तेमाल करते हैं। इतने कम लोड के लिए सिर्फ दो तारों फेज (लाइव) और न्यूटरल की जरूरत होती है। इसी वजह से चार्जर में सिर्फ 2 पिन दी जाती हैं। इसके अलावा मोबाइल चार्जर पूरी तरह प्लास्टिक बॉडी में बंद होता है और इसमें डबल इंसुलेशन तकनीक होती है। यानी अंदर करंट लीकेज होने पर भी बाहरी हिस्से तक बिजली नहीं पहुंच सकती ।
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mobile charger
- फोटो : Adobe stock
ये हमेशा हल्के क्यों कहते है?
इसके अलावा आपने एक बात और गौर की होगी कि दो पिन वाले चार्जर हमेशा हल्के होते हैं। इसके पीछे भी एक वजह है...2-पिन डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा इसका कॉम्पैक्ट होना है। अगर इसमें तीसरी अर्थिंग पिन जोड़ दी जाएगी तो चार्जर का साइज बढ़ जाएगा, वजन ज्यादा हो जाएगा और पोर्टेबिलिटी भी कम हो जाएगी। चूंकि मोबाइल चार्जर को अर्थिंग की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए कंपनियां इसे छोटा और हल्का रखती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : adobe stock
तीसरी Pin का काम क्या होता है?
अब बात करते हैं कि फिर तीसरी पिन की क्यों जरूरत पड़ती है? देखिए इस तीसरी पिन को अर्थ या ग्राउंड कहा जाता है। इसका काम करंट लीकेज होने पर बिजली को जमीन तक पहुंचाना, शॉर्ट सर्किट या झटके से बचाना और हाई पावर डिवाइस को सुरक्षित रखना होता है। यह पिन खासतौर पर उन डिवाइस में जरूरी होती है जो ज्यादा बिजली खपत करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लैपटॉप चार्जर में 3 Pin क्यों होती है?
अब मुद्दे पर आते हैं कि लैपटॉप चार्जर में तीन चार्जर होते हैं। लैपटॉप चार्जर मोबाइल चार्जर के मुकाबले कहीं ज्यादा पावर इस्तेमाल करता है। कई लैपटॉप चार्जर 65W, 120W, 240W और यहां तक कि 330W तक बिजली लेते हैं। इतने हाई पावर लोड में करंट लीकेज का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से उनमें अर्थिंग पिन दी जाती है। इसमें अगर अर्थिंग न हो तो लैपटॉप की मेटल बॉडी में हल्का करंट महसूस हो सकता है, झनझनाहट या शॉक भी लग सकता है। लैपटॉप में तीन पिन होने का प्रमुख कारण यही है।
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